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जानिए Lockdown में क्या हो सकता है इस नवरात्र पर कन्या भोजन और कन्या पूजन का विकल्प?
Bhopal News in Hindi

MANISH KUMAR | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 31, 2020, 5:43 PM IST
जानिए Lockdown में क्या हो सकता है इस नवरात्र पर कन्या भोजन और कन्या पूजन का विकल्प?
लॉकडाउन के बीच इस बार कन्या पूजन संभव नहीं है लिहाजा विद्वानों ने कई सुझााव दिए हैं.

मान्यता के अनुसार अष्टमी या नवमी के दिन कम से कम 9 कन्याओं को भोजन और उनका पूजन किया जाना जरूरी है लेकिन इस बार यह संभव नहीं होगा. ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? इस सवाल के जवाब के लिए News 18 ने देश के कई मशहूर ज्योतिषाचार्य से बात की.

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लखनऊ. कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से चल रहे लॉकडाउन (Lockdown) के चलते इस नवरात्र में कन्या भोजन और कन्या पूजन संभव नहीं हो पाएगा. मान्यता के अनुसार अष्टमी या नवमी के दिन कम से कम 9 कन्याओं को भोजन और उनका पूजन किया जाना जरूरी है, लेकिन इस बार यह संभव नहीं होगा. ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए क्या किया जाना चाहिए? इस सवाल के जवाब के लिए News 18 ने देश के कई मशहूर ज्योतिषाचार्य से बात की.

'आपत्तिकाले मर्यादा नास्ति'

मशहूर ज्योतिषाचार्य पंडित शंकर चरण त्रिपाठी कहते हैं कि 'आपत्तिकाले मर्यादा नास्ति'- यानी जब आपत्तिकाल हो और परंपराओं का पालन संभव न हो, ऐसे समय में मर्यादाओं का 100 फ़ीसदी पालन करना आवश्यक नहीं है. उन्‍होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से यदि कोई कन्या पूजन और कन्या भोजन नहीं करा पा रहा है तो इससे बिल्कुल भी विचलित होने या इसके बारे में नकारात्मक सोचने की जरूरत नहीं है. हमारे शास्त्रों में ही यह विधान किया गया है कि विपरीत परिस्थितियों में सभी कर्मकांडों का पालन आवश्यक नहीं है.



पूरी प्रक्रिया को मानसिक तौर पर करना होगा: पंडित राजेश



वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल में रहने वाले पंडित राजेश ने बताया कि हिंदू धर्म में मानसिक पूजा की भी बड़ी मान्यता है. उन्होंने बताया कि अब जबकि हम कन्या पूजन पूजन और कन्या भोजन नहीं करा पा रहे हैं. ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को मानसिक तौर पर करना होगा. जिस तरह से हम पूजा और भोग की थाली सजाते हैं, उसे वैसे ही घर में सजाएं. जिन कन्याओं को आप बुलाना चाहते हैं. उन कन्याओं का ध्यान करके मानसिक तौर पर उन्हें आसन बिछाकर बिठाएं.

लॉकडाउन खत्म होने के बाद कन्याओं को दें दक्षिणा

मन में ध्यान करें कि आप उनके पैर धोए धो रहे हों. उसके बाद आलता लगा रहे हों, चुनरी बांध रहे हो, उन्हें दान दक्षिणा दे रहे हों और फिर उन्हें भोजन करा रहे हों. ऐसा सब कुछ मन में मन में ही सोचना होगा और वास्तव में कन्याओं की गैरमौजूदगी में भी पूजा की थाल और प्रसाद की थाल सजाना होगा. उन्होंने कहा कि जब लॉकडाउन खत्म हो जाए तो जिन कन्याओं के होने का आपने ध्यान किया हो उन्हें प्रसाद और दक्षिणा पहुंचा दें.

बता दें नवरात्र का कल आठवां दिन है. इस दिन घर-घर में छोटी लड़कियों की पूजा की जाती है. साथ ही उनके पैर पूजन के बाद उन्हें दक्षिणा भी दी जाती है. कुछ लोग इसे अष्टमी और कुछ नवमी के दिन करते हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण एक दूसरे से मिलना खतरनाक है. ऐसे में कन्या पूजन संभव नहीं है.

 

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First published: March 31, 2020, 5:23 PM IST
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