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COVID-19 से जंगः पल-पल के हालात पर CM योगी की नजर, जानें कब लिए, कौन-कौन से फैसले
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News18 Uttar Pradesh
Updated: April 1, 2020, 2:11 PM IST
COVID-19 से जंगः पल-पल के हालात पर CM योगी की नजर, जानें कब लिए, कौन-कौन से फैसले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo)

सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) रोज सुबह 11 बजे और शाम को 7 बजे यूपी के अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हैं, दूसरी तरफ प्रदेश के जिलों का भी दौरा करते हैं. ट्रॉमा सेंटर हो या कम्युनिटी किचन मुख्यमंत्री हर जगह खुद पहुंचते हैं. निर्देश भी देते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (COVID-19) से बचाव और लॉकडाउन (Lockdown) की अवधि में नागरिकों को सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) लगातार काम कर रहे हैं. 13 मार्च से अब तक सीएम योगी ने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए. यही नहीं चाहे वह गरीबों को भोजन मुहैया कराना हो, दूसरे राज्यों से अपने घरों को लौट रहे लोगों का दर्द बांटना हो या फिर खुद ही पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करना हो. सीएम योगी हर मोर्चे पर डटे दिख रहे हैं.

सीएम योगी रोज सुबह 11 बजे और शाम को 7 बजे यूपी के अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हैं, दूसरी तरफ प्रदेश के जिलों का भी दौरा करते हैं. ट्रामा सेंटर हो या फिर कम्युनिटी किचन हो या फिर सड़क पर लौटते लोग, मुख्यमंत्री हर जगह खुद पहुंचते हैं. बतौर सीएम जायजा लेते हैं, निर्देश भी देते हैं.

अब आपको हम तिथि वार बताते हैं कि यूपी के सीएम ने कब-कब क्या किया?



13 मार्च



सीएम योगी ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम संबंधी उच्चस्तरीय बैठक की. डॉक्टरों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ आदि के प्रशिक्षण के विशेष कार्यक्रम सुनिश्चित किए. पंचायतीराज, ग्राम्य विकास और नगर विकास विभाग को व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए.
बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के सभी विद्यालयों और कौशल विकास से जुड़े सभी संस्थानों को बंद करने के निर्देश. भारत-नेपाल सीमा के सभी चेकपोस्टों पर थर्मल एनालाइजर स्थापित किये गए. प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था. जनपदों में कोरोना फ्लू से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित.

15 मार्च 2020
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों के सन्दर्भ में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की. प्रदेश के सभी जनपदों के डीएम को अपने-अपने जिलों में कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में समयबद्ध ढंग से पूरी तैयारी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश. डीएम, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने जनपद के जिला चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड और ओपीडी में अलग से स्थापित फीवर/फ्लू कार्नर का निरीक्षण करना सुनिश्चित करने के निर्देश. डीएम अपने जनपद में कोरोना वायरस के रोकथाम, बचाव एवं उपचार से सम्बन्धित समस्त गतिविधियों के नोडल अधिकारी बनाए गए.

16 मार्च
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य भवन परिसर में स्थित राज्य संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने महामारी से से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस एक स्थायी और विस्तृत ‘स्टेट आफ दि आर्ट’ कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए.

17 मार्च
दिहाड़ी मजदूरों के भरण-पोषण के लिए निश्चित धनराशि मुहैया कराने के उद्देश्य से वित्तमंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित. सभी जिलाधिकारियों को अपने जिले के धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों और धर्म गुरुओं से संवाद स्थापित कर कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश. निजी और सरकारी कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से छूट.

19 मार्च
धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ न इकट्ठी हो, इसको लेकर मुख्यमंत्री ने धर्मगुरुओं से कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए समाज में जागरूकता का प्रसार करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए आमजन से अनुरोध किया कि चैत्र नवरात्रि में लोग अपने घर में ही रहकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करें. एसडीआरएफ शहरों में इस बीमारी की रोकथाम में जनता को सहयोग प्रदान करे.

20 मार्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, नोएडा और कानपुर शहर को सैनेटाइज़ करने के निर्देश दिए. धर्माचार्यों एवं धर्मगुरुओं से कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की अपील. सभी धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मांगलिक गतिविधियों/कार्यक्रमों को 02 अप्रैल, 2020 तक स्थगित कर दें.
मॉल्स को बंद करने के निर्देश. जिलाधिकारियों के निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी न होने पाए. पुलिस को पूरे प्रदेश में व्यापक पेट्रोलिंग करने के निर्देश, लोग कहीं इकट्ठा न हों. तहसील दिवस, समाधान दिवस, मुख्यमंत्री आरोग्य मेला तथा जनता दर्शन 2 अप्रैल, 2020 तक स्थगित. 31 मार्च, 2020 तक सरकारी अस्पतालों में गैर-जरूरी ओपीडी व जांच स्थगित, केवल आकस्मिक सेवाएं प्रदान की जाएंगी.

21 मार्च
मुख्यमंत्री योगी ने दैनिक रूप से कार्य करके अपने व अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले व्यक्तियों के सहायतार्थ अनेक निर्णय लिए. श्रम विभाग के 20.37 लाख पंजीकृत श्रमिकों को ‘लेबर सेस फण्ड’ से प्रत्येक श्रमिक को 1000 रुपए प्रति माह डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था.
नगर विकास विभाग को घुमन्तु प्रकृति जैसे ठेला, खोमचा, साप्ताहिक बाजार आदि से जुड़े लगभग 15 लाख श्रमिकों का डेटाबेस सहित विवरण 15 दिन में तैयार करने के निर्देश, ऐसे सभी श्रमिकों के खाते में प्रतिमाह 1000 रुपए हस्तांतरित किए जाएंगे.
कोविड 19 के परिप्रेक्ष्य में बन्द शैक्षणिक संस्थानों, माल, मल्टीप्लेक्स, जिम, तरण ताल, रेस्टोरेन्ट आदि के कारण प्रभावित श्रमिकों/कार्मिकों के हित के दृष्टिगत बन्द इकाईयों के स्वामियों/नियोजकों से अपील की कि प्रभावित श्रमिकों/कार्मिकों को इकाईयों की बंदी अवधि में सभुगतान अवकाश प्रदान किया जाए.
लगभग 1 करोड़ 65 लाख अन्त्योदय योजना, मनरेगा तथा श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं दिहाड़ी मजदूरों को 1 माह का निःशुल्क राशन अप्रैल 2020 में उपलब्ध कराया जाएगा.
विभिन्न पेंशन योजनाओं के 83.83 लाख लाभार्थियों को दो माह की अग्रिम पेंशन अप्रैल माह पेंशन दी जाएगी.
ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगर निकायों के असहाय व्यक्ति जिनके पास अपने व अपने परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था नहीं है ऐसे व्यक्तियों को जिलाधिकारी द्वारा समिति की संस्तुति पर 1000 रुपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे.
मेट्रो रेल सेवा सहित परिवहन निगम तथा नगर विकास विभाग की सभी बस सेवाएं प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक बन्द रहेंगी.

22 मार्च
मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश के 16 जनपदों को 23 से 25 मार्च, 2020 तक लाकडाउन करने के निर्देश दिए. इसमें लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आजमगढ़, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर नगर, मेरठ, गोरखपुर, अलीगढ़, सहारनपुर तथा पीलीभीत शामिल.
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर समस्त सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, अर्द्धसरकारी उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजकीय निगम/मण्डल एवं समस्त व्यापारी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों, माल्स, दुकानों, फैक्ट्रियों, वर्कशाप, गोदामों एवं सार्वजनिक परिवहन (रोडवेज, सिटी परिवहन, प्राइवेट बसें, टैक्सी, आटो रिक्शा) आदि को लाकडाउन करने के निर्देश.
स्वास्थ्य सम्बन्धी आकस्मिकता या आवश्यकता के लिए ‘102’, ‘108’ और एएलएस का प्रयोग किया जाए. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैण्डों पर पहुंचने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के लिए पर्याप्त संख्या में थर्मल स्कैनरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

23 मार्च
मण्डी निदेशक को लाक डाउन जनपदों में दूध तथा सब्जी की सप्लाई चेन मुकम्मल करने के निर्देश. अधिकारियों को अन्य आवश्यक वस्तुओं तथा दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश. उत्तर प्रदेश की सभी अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह से सील करने के निर्देश.

24 मार्च
कोरोना पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं लाकडाउन की मानीटरिंग के लिए मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में 4 कमेटियां गठित.
मुख्यमंत्री की निर्णय को क्रियान्वित करने में दवा विक्रेता संगठनों व व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से समर्थन व सहयोग की अपील. कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए 11,000 अतिरिक्त आइसोलेशन बेड तैयार.
श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रुपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से आज हस्तांतरित। प्रतिदिन कमाने वालों को एक माह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए.

25 मार्च
मुख्यमंत्री के निर्देश पर 18 हजार से अधिक वाहन सब्जी, दूध, दवा व खाद्यान्न घर-घर पहुंचाने के लिए लगाए गए. यह सुनिश्चित किया जाए कि रैन बसेरों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे के बाहर तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी व्यक्ति भूखा-प्यासा न रहे. इसके लिए जिला प्रशासन कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन के साथ-साथ पेयजल की व्यवस्था करे.

26 मार्च
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करें. आमजन को आवश्यक वस्तुएं होम डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएं.
सीमावर्ती जनपदों के प्रशासन को प्रदेश के अन्दर आश्रय स्थलों, रैन बसेरों आदि स्थलों में रुके व्यक्तियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने के निर्देश.
अतिवृष्टि व ओलावृष्टि तथा लाकडाउन से अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव का आकलन तथा इससे निपटने के लिए रोडमैप बनाने हेतु अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन.
प्रमुख सचिव कृषि तथा प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को लाकडाउन की स्थिति में गेहूं और आलू की तैयार हो रही फसल के प्रोक्योरमेंट की कार्ययोजना बनाने के निर्देश.
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से 60,000 से अधिक ग्राम पंचायतों से संवाद कर कोरोना से बचाव एवं इलाज की जानकारी देने के साथ ही, ग्राम पंचायतों में इससे जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कोरोना लाक डाउन के दृष्टिगत प्रदेश के बार्डर पर आ रहे अन्य राज्यों को पैदल जाने वाले मजदूरों व कर्मकारों के लिए मानवीय आधार पर विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए. मानवीय आधार पर ऐसे व्यक्तियों के लिए भोजन व पानी की व्यवस्था की जाए और स्वास्थ्य सम्बन्धी पूरी सावधानी बरतते हुए इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए. बिहार जाने वाले ऐसे सभी व्यक्तियों का पूरा ख्याल रखा जाएगा और इन्हें सुरक्षित उनके गन्तव्य तक भेजा जाएगा. उत्तराखण्ड निवासी सभी लोगों के भोजन व संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए यथा स्थान ठहरने और भोजन आदि की व्यवस्था करने का अनुरोध किया.
वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न तीर्थ स्थानों पर फंसे अन्य राज्यों यथा गुजरात आदि के तीर्थ यात्रियों के लिए भोजन व सुरक्षा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
कोरोना को मात देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई विभागों को जोड़कर 11 कमेटियां बनाई. जिसमें सरकार के करीब दो दर्जन वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. इनकी निगरानी मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं. कोरोना वायरस की जांच हेतु 8 टेस्टिंग लैब क्रियाशील.
विधायक निधि का उपयोग कोविड-19 के चिकित्सीय परीक्षण, स्क्रीनिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं हेतु किये जाने के लिए निधि के मार्गदर्शी सिद्धान्तों में संशोधन. इससे विधायकगण उपकरण, कोरोनो परीक्षण किट, आईसीयू वेंटिलेटर, आइसोलेशन/क्वारेन्टाइन वार्ड तथा चिकित्सा कर्मियों हेतु फेस मास्क, ग्लव्ज, सेनीटाइज़र की व्यवस्था हेतु निधि का उपयोग कर सकेंगे.

27 मार्च
प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को, वे जहां हैं, वहीं किसी विद्यालय, धार्मिक स्थल, सामुदायिक केन्द्र आदि पर रोक कर, लाक डाउन की अवधि तक भोजन, पेयजल, दवा आदि अन्य सुविधाएं’ उपलब्ध करायी जाएं.
केन्द्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ की सुविधाएं प्रदेशवासियों को सुलभ कराने के लिए सम्बन्धित विभाग तुरन्त तैयारी प्रारम्भ कर दें.
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र, हरियाणा तथा उत्तराखण्ड सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता कर उनके राज्यों में प्रदेश के निवासियों को सभी व्यवस्थाएं यथा स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के मूल निवासियों की दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को राज्यवार प्रभारी बनाया गया है.
लाक डाउन अवधि में किसानों की सुविधा के लिए बीज, उर्वरक तथा कृषि रक्षा रसायनों की दुकानों को खुला रखने के लिए शासनादेश जारी. जिला प्रशासन को हार्वेस्टर के लिए स्थानीय स्तर पर पास निर्गत करने के निर्देश.
प्रदेश के समस्त जनपदों में 18,772 वाहनों के माध्यम से नागरिकों को फल एवं सब्जी उपलब्ध करायी गयी. 8,41,332 लीटर दूध की बिक्री की गयी.
मुख्यमंत्री योगी ने 12 राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश-तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली के लिए नोडल अफसर तैनात किए, जो संबंधित राज्यों के अधिकारियों से को-आर्डिनेट कर यूपी के नागरिकों को दिलाएंगे सभी सुविधाएं.

28 मार्च
योगी सरकार ने किसानों के राहत के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार ने घोषणा की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद तय समय पर शुरू होगी. इस क्रम में सरसों, चना और मसूर की खरीद दो अप्रैल से शुरू होगी. खरीद के लिए सभी जरूरी बंदोबस्त किये जा रहे हैं. मालुम हो कि सरकार एमएसपी पर क्रमश: 2.64 लाख मीट्रिक टन सरसों, 2.01 लाख मीट्रिक टन चना और 1.21 लाख मीट्रिक टन मसूर किसानों से खरीदेगी. ये खरीद 90 दिन तक होगी.
रबी के मौजूदा सीजन में फरवरी-मार्च का मौसम बेहद अप्रत्याशित रहा. भारी बारिश और ओला पड़ने से कई जगह किसानों की फसलों को क्षति पहुंची. सरकार ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि वे सर्वे कराकर तय समय में किसानों को उनकी क्षति की भरपाई करें. सभी जिलों के डीएम को निर्देश कि वह सर्वे के इस कार्य के लिए बीमा कंपनी के साथ कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पास जारी कर दें. अब तक करीब 90 हजार किसानों के आवेदन बीमा कंपनियों के पास आ चुके हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के कारागारों में बंद करीब 11,000 बंदियों को 8 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर तत्काल रिहा किया जाएगा. इसमें 8500 विचाराधीन और 2500 सिद्धदोष बंदी शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ने हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उड़ीसा, लद्दाख के साथ दक्षिण में केरल, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ के साथ पूर्वोतर के राज्यों में भी नोडल अधिकारी तैनात किए. जो लोग दूसरे राज्यों में हैं, वहां कारोबार और नौकरी कर रहे हैं, वे नोडल अधिकारियों से संपर्क कर हर तरह की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं.
दिल्ली सहित अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के लोगों के नोएडा, गाजियाबाद हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ में पहुंचने की खबर मिलने पर मुख्यमंत्री योगी ने उनके लिए बसें लगवाईं. सीएम ने रातों-रात 1000 बसें लगाकर पूरी जांच के बाद सभी यात्रियों को सकुशल उनके घर भेजने की व्यवस्था की.

29 मार्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर मोहान टोल प्लाजा और आलमबाग चौराहे पर बाहर से आ रहे श्रमिकों औऱ लोगों से बातचीत की. इसके साथ ही उनकी जांच के बाद उनके लिए भोजन, शुद्ध पानी, दवा उपलब्ध करवाई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाहरी राज्यों के कामगारों के लिए सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई जाए, जिससे उन्हें पलायन की जरूरत न पड़े.
मुख्यमंत्री ने कोरोना के चलते बंद हो गए उद्योगों को चलाए जाने का निर्णय लिया. इसके तहत उद्योंगों के कार्मिकों के पास आदि की व्यवस्था की गई. 1873 इकाईयों को चालू होनी थी. जिसमें 1425 इकाइयां चालू हो गईं. 335 इकाइयों में कर्मचारियों के पास की समस्या है, जबकि 989 इकाइयों में पास की समस्या हल की गई है.
लॉकडाउन अवधि में ही 3541 इकाइयों द्वारा मजदूरों को भुगतान किया गया है. अब तक 5314 इकाइयों से बातचीत हुई. इसमें 2503 इकाईयां इस पर सहमत हुई. इसके साथ ही मजदूरों के भरण-पोषण के लिए 2163 इकाइयां अपने परिसरों में व्यवस्था कर रही हैं.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मकान मालिक किसी कामगार या मजूदर से एक महीने का किराया नहीं लेगा. शिकायत मिलने पर पुलिस किराया लेने वाले मकान मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 30 एवं 31 मार्च को प्राइवेट एवं सरकारी कार्यालयों को खुलवाकर कर्मचारियों को एक माह का वेतन देने का भी निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बाहर से आए लोगों को जनपद स्तर पर हर हालत में उनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें क्वारेंटाइन में रखे जाने का निर्देश दिया. इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस लाइन में अतिरिक्त भोजन पैकेट बनवाएं जाएं, जिससे कहीं भी लोगों को भोजन की आवश्यकता पड़ती है, तो वहां बंटवाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में भारत सरकार के राहत पैकेज को अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आगे बढ़ाए जाने का निर्देश दिया.

30 मार्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा योजना के तहत राज्य के 27.5 लाख श्रमिकों के बैंक खाते में सीधे 611 करोड़ रुपये भेजे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि यूपी में दूसरे राज्यों की पूरी हिफाजत रखा जा रहा है. अन्य राज्य अपने यहां उत्तर प्रदेश के लोगों का भी ख्याल रखें.

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First published: April 1, 2020, 12:41 PM IST
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