...जब सावित्री बाई फुले का मायावती ने कराया था इंटर कॉलेज में एडमिशन

सावित्री बताती हैं कि जनता दरबार में सीएम मायावती से कहा​ कि मेरे टीचर ने नाम काट दिया है. कई सालों से वह घर बैठी हैं. अब आगे पढ़ना चाहती हैं. इसके बाद मायावती ने उनसे पूछा कि कहां पढ़ना चाहती हैं.

Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 6, 2018, 4:49 PM IST
...जब सावित्री बाई फुले का मायावती ने कराया था इंटर कॉलेज में एडमिशन
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Ajayendra Rajan
Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 6, 2018, 4:49 PM IST
उत्तर प्रदेश में बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बीजेपी पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे का ऐलान किया. यही नहीं फुले ने कहा कि पार्टी में दलित होने के नाते उनकी अनदेखी हो रही थी.

बहरहाल राजनीति से इतर सावित्री बाई का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है. 6 साल की उम्र में शादी कर दी गई. बाद में कक्षा 6 प्रथम श्रेणी में पास की तो टीचर ने वजीफा ही हड़प लिया और स्कूल से निकाल बाहर किया. इसके बाद 14 साल की उम्र में एक आंदोलन में उन्होंने गोली खाई और जेल जाने की नौबत आई. दिलचस्प बात ये है कि बचपन के एक संघर्ष में उन्हें बसपा सुप्रीमो मायावती से सीधे बड़ी सहायता मिली थी.

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सावित्री बाई फुले बताती हैं कि जब वह कक्षा 6 पास हुई थीं. तब उन्हें 480 रुपए वजीफा मिला था. पहले छात्रवृत्ति खाते में नहीं आती थी. मास्टर के खाते में आती थी. उस वजीफे को लेकर हमारे टीचर ने कहा कि हमने तुम्हें पास किया है. उसके बाद उन्होंने हमें वह छात्रवृत्ति नहीं दी. मैंने उनसे वजीफा मांगा लेकिन उन्होंने कहा कि चूंकि मैंने पास किया है, ​इसलिए मैं वजीफा नहीं दे सकता. यही नहीं उन्होंने मेरा नाम काटकर स्कूल से भगा दिया. साफ कह दिया कि मैं नहीं पढ़ाउंगा.

सावित्री बताती हैं कि इसके बाद वह घर पर ही बैठी रही, पढ़ाई रुक गई. सावित्री कहती हैं कि इसके बाद अचलेंद्र नाथ कनौजिया मुझे लखनऊ लेकर गए. उस समय मायावती यूपी की मुख्यमंत्री थीं. वहां मुझे जनता दरबार में पेश किया गया. इसके बाद मैंने सीधे मायावती जी से बात की.

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सावित्री बताती हैं कि उन्होंने सीएम मायावती से कहा​ कि मेरे टीचर ने नाम काट दिया है. कई सालों से वह घर बैठी हैं. अब आगे पढ़ना चाहती हैं. इसके बाद मायावती ने उनसे पूछा कि कहां पढ़ना चाहती हैं? इस पर उन्होंने बताया कि नानपारा के इंटर कॉलेज में पढ़ना चाहती हूं. इसके बाद मायावती ने तुरंत डीएम को फोन किया और डीएम से मेरी टीसी, मार्कशीट मंगवाई और सीधे मेरा एडमिशन इंटर कॉलेज में करवा दिया.
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सावित्री बाई फुले बताती हैं कि 14 साल की उम्र में वह 16 दिसंबर 1995 को लखनऊ में आंदोलन में शामिल होने गई थीं. आंदोलन में पीएसी की तरफ से फायरिंग हुई और मुझे गोली लग गई. तब से उन्होंने तय कर लिया कि अब पूरा जीवन समाज सेवा में ही गुजारना है.

यही नहीं सावित्री जब 6 साल की थीं, तभी उनकी शादी कर दी गई थी. हालांकि विदाई नहीं हुई थी. बाद में बड़ी होने पर सावित्री ने खुद अपने पति की शादी अपनी छोटी बहन से करवाई और ऐलान किया कि वह जीवन भर शादी नहीं करेंगीं.

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