कृष्णानंद राय हत्याकांड: बरी होने के बावजूद बाहुबली मुख्तार अंसारी का जेल से बाहर आना मुश्किल

दरअसल, मुख़्तार अंसारी के ऊपर पूर्व विधायक अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय और ठेकेदार मन्ना सिंह की हत्या का भी आरोप है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 5, 2019, 8:56 AM IST
कृष्णानंद राय हत्याकांड: बरी होने के बावजूद बाहुबली मुख्तार अंसारी का जेल से बाहर आना मुश्किल
बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी की फाइल फोटो
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Updated: July 5, 2019, 8:56 AM IST
यूपी के बहुचर्चित बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय और उनके छह साथियों की हत्या मामले में दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने भले ही बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, उनके सांसद भाई व अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया हो, लेकिन मुख़्तार का जेल से निकलना मुश्किल नजर आ रहा है.

दरअसल, मुख़्तार अंसारी के ऊपर पूर्व विधायक अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय और ठेकेदार मन्ना सिंह की हत्या का भी आरोप है. दोनों ही मामले कोर्ट में हैं. कानून के जानकारों की मानें तो दोनों ही मामले में मुख़्तार को जमानत मिलना आसन नहीं होगा. ऐसे में मुख़्तार का बाहर आना आसान नहीं लगता.

इन दो हत्याकांड में भी मुख़्तार नामजद

बता दें वाराणसी के दबंग अवधेश राय की तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित उनके घर के सामने ही गोली मारकर हत्या दी गई थी. अवधेश पूर्व विधायक अजय राय के बड़े भाई थे. अजय राय इस मामले में मुख्य गवाह भी हैं और उनकी गवाही हो भी चुकी है. इस केस में भी हत्या की साजिशकर्ता के रूप में मुख्तार अंसारी आरोपित हैं. वहीं मऊ में गाजीपुर तिराहे के पास 29 अगस्त 2009 को ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह के चर्चित हत्याकांड में भी मुख्तार अंसारी सहित 11 आरोपित बनाए गए थे. इस मामले का भी अभी प्रयागराज के एमपी, एमएलए कोर्ट में ट्रायल चल रहा है.

फैसले से सभी हैरान

कृष्णानन्द राय हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद लोग हैरत में है. 29 नवम्बर 2005 को गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के बसनिया चट्टी पर तत्कालीन बीजेपी विधायक कृष्णानन्द राय समेत 7 लोगों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. मामले में सांसद अफजाल अंसारी, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी समेत अन्य लोग आरोपी थे. मामला वर्तमान में सीबीआई कोर्ट में चल रहा था. सीबीआई की अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. इस फैसले से गाजीपुर के लोग हैरान हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग बातें कर रहे हैं कि सरकार की लचर पैरवी की वजह से यह फैसला आया है. चाहे गवाह मुकर गए, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य के भी सरकार कोर्ट में मजबूती से पेश नहीं कर पाई.

CBI कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी योगी सरकार
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पूर्व विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी, उसके सांसद भाई अफजाल अंसारी व अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए भले ही बरी कर दिया हो, लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में अपील करने का फैसला किया है. यूपी सरकार कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में आरोपियों के बरी होने के खिलाफ अपील करेगी.

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First published: July 5, 2019, 8:56 AM IST
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