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लखीमपुर कांड: आशीष मिश्रा की जमानत पर लखनऊ बेंच में सुनवाई आज, सरकार पेश करेगी दलील

तिकुनिया कांड : आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर आज होगी सुनवाई (फाइल फोटो)

तिकुनिया कांड : आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर आज होगी सुनवाई (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ लखीमपुर खीरी हिंसा में कथित रूप से शामिल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बे ...अधिक पढ़ें

लखनऊ: लखीमपुर खीरी तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा पुत्र के आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत अर्जी पर आज यानी 13 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी. लखीमपुर खीरी हिंसा में आठ लोग मारे गए थे. आशीष मिश्रा की याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने अपनी दलील पूरी की, जिसके बाद न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने राज्य सरकार की दलील सुनने के लिए 13 जुलाई की तिथि निर्धारित की.

पीड़ित पक्ष ने यह साबित करने के लिए कई साक्ष्य पेश किए कि मोनू घटनास्थल पर मौजूद था और इस घटना में उसकी संलिप्तता स्पष्ट है. सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को मिली अप्रैल में जमानत रद्द कर दी थी और निर्देश दिया था कि उच्च न्यायालय इस मामले की पुनः समीक्षा कर सकता है. इसके बाद आशीष मिश्रा ने नए सिरे से जमानत याचिका दाखिल की. इस बीच, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की एक अन्य पीठ ने हत्या के एक मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को दोषमुक्त किए जाने को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई की अगली तारीख 20 जुलाई तय की है. टेनी के वकील ने इस मामले में बहस करने के लिए समय मांगा था.

हाईकोर्ट में जमानत याचिका का विरोध कर रहे पक्ष ने कहा कि गवाह के बयान में यह बात सामने आ चुकी है कि घटना के वक्त आशीष मिश्रा मौजूद था व अपनी थार गाड़ी से फायरिंग कर रहा था. जमानत का विरोध कर रहे पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मामले के सह-अभियुक्त अंकित दास व अन्य की जमानत याचिकाएं न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं. गवाहों के बयानों को उद्धत करते हुए, यह भी दलील दी गई कि जिस टैक्सी से अंकित दास खीरी से निकला था, उस टैक्सी चालक ने भी बयान दिया है कि रास्ते में अंकित दास घटना के बारे में फोन पर बात कर रहा था, उक्त बातचीत से आशीष मिश्रा पर लगे आरोपों की पुष्टि होती है.

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बता दें कि पिछले साल तीन अक्टूबर को कृषि कानूनों के विरोध के दौरान चार किसानों की एक कार से कुचलकर मौत हो गई थी. यह घटना लखीमपुर खीरी के तिकोनिया गांव के निकट हुई थी. आरोप है कि काफिले में शामिल कारों में से एक कार में आशीष मिश्रा सवार था. इसके बाद हुई हिंसा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हो गई थी. एक पत्रकार भी इस हिंसा में मारा गया था. उस दिन किसान उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. केशव प्रसाद मौर्य अजय मिश्रा के पैतृक गांव बनबीर जजा रहे थे.

Tags: Ashish Mishra, Lakhimpur Kheri case, Uttar pradesh news

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