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लव जिहाद: योगी कैबिनेट में आज कानून पर मुहर संभव, 10 साल तक की सजा का प्रावधान

लव जिहाद के खिलाफ कानून: पहले स्टेट लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को सौंपी थी. जिसके बाद गृह विभाग ने इसकी रूपरेखा तैयार कर न्याय एवं विधि विभाग से अनुमति ली. अब मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद इसे कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की तैयारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 11:25 PM IST
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लखनऊ. देश के दूसरे राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी लव जिहाद (Love Jihad) के खिलाफ योगी सरकार (Yogi Government) कड़ा कानून लाने जा रही है. यूपी में अब लव जिहाद के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने वाले और महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों की खैर नहीं है. माना जा रहा है कि योगी सरकार आज (मंगलवार) को अपनी कैबिनेट बैठक में लव जिहाद के खिलाफ कानून पर अंतिम मुहर लगाने जा रही है.

शाम को होनी है कैबिनेट बैठक

दरअसल पहले स्टेट लॉ कमीशन ने अपनी भारी-भरकम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी, जिसके बाद यूपी के गृह विभाग ने बाकायदा इसकी रूपरेखा तैयार कर न्याय एवं विधि विभाग से अनुमति ली. अब मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद इसे कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की तैयारी है. जानकारी के अनुसार आज शाम को 4.30 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में लव जिहाद के कानून पर अंतिम मुहर लग जाएगी.



5 से 10 साल की सजा का प्रावधान
जानकारी के अनुसार जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें इस कानून के बनने के बाद इसके अंतर्गत अपराध करने वालों को 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान है. साथ ही शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन भी नहीं किया जा सकेगा. यही नहीं शादी कराने वाले मौलाना या पंडित को उस धर्म का पूरा ज्ञान होना चाहिए. कानून के मुताबिक धर्म परिवर्तन के नाम पर अब किसी भी महिला या युवती के साथ उत्पीड़न नहीं हो सकेगा. और ऐसा करने वाले सीधे सलाखों के पीछे होंगे.

लव जिहाद को सख्ती से रोकेंगे: सीएम

बता दें यूपी विधानसभा उपचुनाव के दौरान जौनपुर जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक नहीं है. इसको मान्यता नहीं मिलनी चाहिए. इसलिए सरकार भी निर्णय ले रही है कि हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का काम करेंगे. एक प्रभावी कानून बनाएंगे. इस देश में चोरी-छिपे, नाम और धर्म छुपाकर जो लोग बहन-बेटियों के साथ खिलवाड़ करते हैं, उनको पहले से मेरी चेतावनी है.



हाईकोर्ट का फैसला

एक महत्वपूर्ण फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन वैध नहीं है. जस्टिस एससी त्रिपाठी ने प्रियांशी उर्फ समरीन व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नूरजहां बेगम केस के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि शादी के लिए धर्म बदलना स्वीकार्य नहीं है.
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