जानें आदर्श आचार संहिता के बाद नेता क्या कर सकते हैं और क्या नहीं
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जानें आदर्श आचार संहिता के बाद नेता क्या कर सकते हैं और क्या नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी ​वेंकटेशन के अनुसार इस बार आदर्श आचार संहिता में राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों को भी शामिल कर लिया गया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी ​वेंकटेशन के अनुसार इस बार आदर्श आचार संहिता में राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों को भी शामिल कर लिया गया है.

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  • Last Updated: January 4, 2017, 6:19 PM IST
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यूपी में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी ​वेंकटेशन के अनुसार इस बार आदर्श आचार संहिता में राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों को भी शामिल कर लिया गया है. अब राजनैतिक दलों को घोषणा पत्र में किए जाने वाले वायदों को पूरा करने के लिए की जाने वाली वित्तीय व्यवस्था के संबंध में भी बताना होगा.

आदर्श आचार संहिता के ये हैं नियम

वेंकटेश ने बताया कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के तहत जाति या धर्म के आधार पर कोई भी अपील मतदाताओं से नहीं की जा सकती. साथ ही धर्म स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता.



कोई भी राजनैतिक पदाधिकारी, मंत्री या अन्य व्यक्ति इस दौरान सरकारी वाहनों, हवाईजहाज, हैलीकॉप्टर से दौरा नहीं कर सकते और न ही चुनावी गतिविधियों के लिए अतिथि गृहों का उपयोग किया जा सकता है.



सार्वजनिक स्थलों पर मीटिंग के लिए समानता के साथ आवंटन किया जाएगा.

इस दौरान उद्घाटन, शिलान्यास, नियुक्तियों एवं नई घोषणाओं पर प्रतिबंध रहेगा. सरकारी खर्च पर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य माध्यमों से सत्ताधारी दल द्वारा कोई भी प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकता. निर्वाचनों से संबंधित सभी कर्मचारियों के स्थानांतरण प्रतिबंधित रहेंगे.

वित्तीय अनुदान या उसका आश्वासन देने पर प्रतिबंध रहेगा.

निर्वाचन के दौरान किसी भी सरकारी संपत्ति को जिनमें भवन, बिजली के पोल, सरकारी वाहन आदि शामिल हैं, पर पोस्टर या नारे लिखना प्रतिबंधित है. किसी भी मतदाता के घर या बाहरी दीवार पर बिना उसकी लिखित अनुमति के कोई भी राजनीतिक दल अपने पोस्टर या वॉल राइटिंग नहीं कर सकता.

इस बार आदर्श आचार संहिता में राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों को भी शामिल कर लिया गया है. अब राजनैतिक दलों को घोषणा पत्र में किए जाने वाले वायदों को पूरा करने के लिए की जाने वाली वित्तीय व्यवस्था के संबंध में भी बताना होगा.

लोकसभा चुनाव से करीब सात हजार ज्यादा पोलिंग स्टेशन
उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी टी वेंकटेश ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, इनमें 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जाति के और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरिक्षत हैं.
प्रदेश में पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1,47,148 है, जो कुल 90,741 भवनों में बनाए गए हैं. पिछले लोकसभा चुनावों में यह संख्या 1,40,811 थी.
उन्होंने बताया कि वर्तमन में प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 14 करोड़ 12 लाख 53 हजार 172 है. इनमें 7,68,09,778 पुरुष मतदाता, जबकि 6,44,36,122 महिलाएं मतदाता हैं. 7272 तृतीय लिंग के मतदाता हैं.

साहिबाबाद सीट सबसे बड़ी, अयाहशाह सबसे छोटी विधानसभा सीट
गाजियाबाद के साहिबाबाद विधानसभा सीट प्रदेश में मतदाताओं के लिहाज से सबसे बड़ी है. जहां करीब 8 लाख 36 हजार 214 मतदाता हैं. वहीं फतेहपुर की अयाहशाह सीट में सबसे कम 2 लाख 55 हजार 137 मतदाता हैं.
प्रदेश में सबसे अधिक 835 पोलिंग स्टेशन साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में हैं, जबकि सबसे कम 214 पोलिंग स्टेशन आर्यनगर में हैं.
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 99.99 प्रतिशत मतदाताओं की फोटो मतादाता सूची में लगाई जा चुकी है. इसी तरह 99.95 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को फोटो पहचानपत्र जारी किए जा चुके हैं. शेष को भी कुछ ही दिन में जारी कर दिए जाएंगे.

टोल फ्री नंबर किया जारी

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में अपना नाम जानने के लिए लोग अपने मोबाइल या मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट  http://ceouttarpradesh.nic.in/ या टोल फ्री नंबर 1800-180-1950 का उपयोग कर सकते हैं. यहां आप शिकायतें भी दर्ज करा सकते हैं.
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