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सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फडणवीस की तरह ही यूपी के इस मुख्यमंत्री को भी देना पड़ा था इस्तीफा

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 26, 2019, 6:57 PM IST
सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फडणवीस की तरह ही यूपी के इस मुख्यमंत्री को भी देना पड़ा था इस्तीफा
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश का एक चर्चित राजनीतिक किस्सा सबकी जुबां पर आ गया है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के इस्तीफे के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हुए उस सियासी उथल-पुथल की याद ताजा हो गई, जब रातों-रात कल्याण सिंह (Kalyan Singh) सत्ता से बेदखल हो गए थे.

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लखनऊ. महाराष्ट्र (Maharashtra) में लगातार बदले सियासी समीकरण (Political Equation) के चलते आखिरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया. महीने भर से चल रहे इस राजनीतिक उठा-पटक में फिलहाल सबकी नजरें अब महाराष्ट्र के राज्यपाल की तरफ हैं. माना जा रहा है कि शिवसेना की अगुवाई में एनसीपी और कांग्रेस जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश कर देंगे. बहरहाल, देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हुए उस सियासी उथल-पुथल की याद ताजा हो गई, जब रातों-रात कल्याण सिंह (Kalyan Singh) सत्ता से बेदखल हो गए थे और जगदंबिका पाल (Jagdambika Pal) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

दरअसल, 1998 में तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी (Governor Romesh Bhandari) ने कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त करते हुए जगदंबिका पाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी थी. जिसके बाद बीजेपी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कम्पोजिट फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था. जिसमें कल्याण सिंह को 225 मत हासिल हुए थे और जगदंबिका पाल को 196 वोट मिले थे.

कल्याण ने किया था बहुमत साबित
इस मामले में तत्कालीन स्पीकर केसरी नाथ त्रिपाठी द्वारा 12 सदस्यों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार देने पर उनकी भूमिका की भी काफी आलोचना हुई थी. हालांकि जब 12 सदस्यों ने कल्याण सिंह के समर्थन में वोट किया और उनके वोटों को अंत में घटाया गया, तब भी कल्याण सिंह के पास सदन में पूर्ण बहुमत था. इससे पहले कल्याण सिंह के बहुमत परीक्षण के ऑफर को राज्यपाल ने पहले खारिज कर दिया था. हालांकि वह दोबारा राज्य के मुख्यमंत्री बने.

jagdambika pal
यूपी में रातों-रात मुख्यमंत्री बने थे जगदंबिका पाल


कल्याण सरकार में ही मंत्री थे जगदंबिका पाल
बता दें, जगदम्बिका पाल उस वक्त कल्याण सिंह सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर थे. उन्होंने विरोधियों के संग मिलकर तख्ता पलट कर दिया था. उस समय केंद्र में कांग्रेस समर्थित यूनाइटेड फ्रंट की सरकार थी और इंद्र कुमार गुजराल देश के प्रधानमंत्री थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर प्रदेश की सत्ता से बेदखल होने के बाद दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी आमरण अनशन पर बैठ गए थे.
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First published: November 26, 2019, 4:33 PM IST
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