सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...
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सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...
सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...

उत्तर प्रदेश में पहली बार सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर-आजमाइश करेंगी. सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस इस बार के उपचुनाव में हिस्सा ले रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2019, 4:11 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर आजमाइश करेंगी. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में पहली बार मोदी सरकार का लिटमस टेस्ट होगा, वहीं पहली बार उपचुनाव में भाग्य आजमा रही बसपा के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई है. उपचुनाव में फिलहाल सपा ने अब तक 3 प्रत्याशी घोषित किये हैं. जबकि बहुजन समाज पार्टी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर दी है.

विपक्ष में एक बिखराव की स्थिति

न्यूज18 यूपी के पॉलिटिकल एडिटर मनमोहन राय कहते हैं कि वर्तमान में विपक्ष में एक बिखराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बिखराव की स्थिति में विपक्ष के लिए नतीजे अनुकूल नहीं होंगे. राय के मुताबिक विपक्ष को एक और बड़ा झटका उपचुनाव में लग सकता है. ऐसे में सत्तापक्ष के सामने उपचुनाव जीतना सपा-बसपा के लिए खासा चुनौतीपूर्ण है. फिलहाल बीजेपी ने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया हैं, इस सवाल पर बीजेपी एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि 30 सितंबर से पहले प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा. वहीं, जिलों में चुनाव कार्यालय खोले जा चुके है.



उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर-आजमाइश करेंगी. सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की बात हो या समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या कांग्रेस, सभी इस बार उपचुनाव में अपने दांव आजमा रहे हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए जहां इस उपचुनाव में अपनी सीटें बचाने की चुनौती है, वहीं विपक्षी दलों के लिए यह साख बचाने की चुनौती वाला चुनाव कहा जा रहा है.
इन सीटों पर होंगे उपचुनाव

बता दें यूपी में हमीरपुर सीट पर चुनाव का ऐलान पहले ही हो चुका है. अब 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इनमें फिरोजाबाद की टूंडला को छोड़कर बाकी सीटों पर चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. इनमें रामपुर, सहारनपुर की गंगोह, अलीगढ़ की इगलास, लखनऊ कैंट, बाराबंकी की जैदपुर, चित्रकूट की मानिकपुर, बहराइच की बलहा, प्रतापगढ़, हमीरपुर, मऊ की घोसी सीट और अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट शामिल है. इन 12 विधानसभा सीटों में से रामपुर की सीट सपा और जलालपुर की सीट बसपा के पास थी. बाकी सीटों पर बीजेपी का कब्जा था.

सपा ने 3 और बसपा ने 11 प्रत्याशियों का किया ऐलान

उपचुनाव में फिलहाल सपा ने अब तक 3 प्रत्याशी घोषित किए हैं. वहीं, बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से 11 सीटों पर बसपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर दी है. वैसे आम तौर पर विधानसभा उपचुनाव को सत्तारूढ़ दल का चुनाव माना जाता है. लोकसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद पहली बार सभी सियासी पार्टियां अलग-अलग होकर अपना चुनाव लड़ रही हैं. यह चुनाव इसलिए भी और ज्यादा खास हो जाता है, क्योंकि सभी सियासी पार्टियों को अपने बेस वोट के साथ-साथ अपनी आइडियोलॉजी पर वोट मांगने का मौका मिलेगा.

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