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सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...

सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...

सपा-बसपा के सामने यूपी विधानसभा उपचुनाव में होगी ये बड़ी चुनौती...

उत्तर प्रदेश में पहली बार सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर-आजमाइश करेंगी. सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस इस बार के उपचुनाव में हिस्सा ले रही हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2019, 04:11 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर आजमाइश करेंगी. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में पहली बार मोदी सरकार का लिटमस टेस्ट होगा, वहीं पहली बार उपचुनाव में भाग्य आजमा रही बसपा के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई है. उपचुनाव में फिलहाल सपा ने अब तक 3 प्रत्याशी घोषित किये हैं. जबकि बहुजन समाज पार्टी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर दी है.

विपक्ष में एक बिखराव की स्थिति

न्यूज18 यूपी के पॉलिटिकल एडिटर मनमोहन राय कहते हैं कि वर्तमान में विपक्ष में एक बिखराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बिखराव की स्थिति में विपक्ष के लिए नतीजे अनुकूल नहीं होंगे. राय के मुताबिक विपक्ष को एक और बड़ा झटका उपचुनाव में लग सकता है. ऐसे में सत्तापक्ष के सामने उपचुनाव जीतना सपा-बसपा के लिए खासा चुनौतीपूर्ण है. फिलहाल बीजेपी ने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया हैं, इस सवाल पर बीजेपी एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि 30 सितंबर से पहले प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा. वहीं, जिलों में चुनाव कार्यालय खोले जा चुके है.

उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी सियासी पार्टियां उपचुनाव में जोर-आजमाइश करेंगी. सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की बात हो या समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या कांग्रेस, सभी इस बार उपचुनाव में अपने दांव आजमा रहे हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए जहां इस उपचुनाव में अपनी सीटें बचाने की चुनौती है, वहीं विपक्षी दलों के लिए यह साख बचाने की चुनौती वाला चुनाव कहा जा रहा है.

इन सीटों पर होंगे उपचुनाव

बता दें यूपी में हमीरपुर सीट पर चुनाव का ऐलान पहले ही हो चुका है. अब 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इनमें फिरोजाबाद की टूंडला को छोड़कर बाकी सीटों पर चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. इनमें रामपुर, सहारनपुर की गंगोह, अलीगढ़ की इगलास, लखनऊ कैंट, बाराबंकी की जैदपुर, चित्रकूट की मानिकपुर, बहराइच की बलहा, प्रतापगढ़, हमीरपुर, मऊ की घोसी सीट और अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट शामिल है. इन 12 विधानसभा सीटों में से रामपुर की सीट सपा और जलालपुर की सीट बसपा के पास थी. बाकी सीटों पर बीजेपी का कब्जा था.

सपा ने 3 और बसपा ने 11 प्रत्याशियों का किया ऐलान

उपचुनाव में फिलहाल सपा ने अब तक 3 प्रत्याशी घोषित किए हैं. वहीं, बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से 11 सीटों पर बसपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर दी है. वैसे आम तौर पर विधानसभा उपचुनाव को सत्तारूढ़ दल का चुनाव माना जाता है. लोकसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद पहली बार सभी सियासी पार्टियां अलग-अलग होकर अपना चुनाव लड़ रही हैं. यह चुनाव इसलिए भी और ज्यादा खास हो जाता है, क्योंकि सभी सियासी पार्टियों को अपने बेस वोट के साथ-साथ अपनी आइडियोलॉजी पर वोट मांगने का मौका मिलेगा.

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UP News: पहली बार अल्टीमेट कराटे लीग हुई मुंबई से लखनऊ शिफ्ट, देश-विदेश के खिलाड़ी होंगे शामिल

UP News: पहली बार अल्टीमेट कराटे लीग हुई मुंबई से लखनऊ शिफ्ट

Sports News: विश्व भर में सभी कॉम्बैट स्पोर्ट्स जैसे बॉक्सिंग, कुश्ती जैसे खेलों में सिर्फ व्यक्तिगत मैच ही होते हैं, लेकिन UKL एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है.

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लखनऊ. अल्टीमेट कराटे लीग (UKL) जो पहले मुंबई में होने वाली थी, उसे पहली बार यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में स्थानांतरित कर दिया गया है. यह लीग प्रतियोगिता 3 दिसंबर से 12 दिसंबर तक लखनऊ में बाबू बनारसी दास बैडमिंटन अकादमी में आयोजित की जाएगी. आईपीकेसी के अध्यक्ष सेंसाई राजीव सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में हो रहे बदलाव की वजह से ही लीग को मुंबई से लखनऊ स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया. उनमें यूपी रेबल, दिल्ली ब्रेव हाइट्स, मुंबई निंजा, पंजाब फाइटर, बेंगलुरु किंग और पुणे समुराई शामिल है. सभी मैचों का प्रसारण दुनिया भर के कई प्लेटफार्म पर रोजाना 2 घंटे शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि UKL यूकेएल एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है जहां एक खिलाड़ी को तीन विरोधियों का एक साथ सामना करना पड़ता है. मैचों के तीन सेट 45 मिनट में पूरे होते हैं, जिसमें स्लो-मोशन और कमर्शियल ब्रेक शामिल हैं. केवल नॉकडाउन तकनीक ही स्कोर दर्ज करता है. प्रत्येक टीम में 5 पुरुष और 1 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. ड्रा की स्थिति में महिला व्यक्तिगत मैच अंतिम परिणाम तय करता है. उन्होंने बताया कि यूकेएल में छह (6) फ्रैंचाइज़ आधारित टीमें हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में विश्व चैंपियन और यूरोपीय चैंपियन मार्की खिलाड़ी हैं. प्रत्येक टीम में पांच पुरुष और एक महिल खिलाड़ी शामिल हैं.

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विश्व भर में सभी कॉम्बैट स्पोर्ट्स जैसे बॉक्सिंग, कुश्ती जैसे खेलों में सिर्फ व्यक्तिगत मैच ही होते हैं, लेकिन UKL एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है. जहां एक खिलाड़ी को तीन विरोधियों का एक साथ सामना करना पड़ता है. मैचों के तीन सेट 45 मिनट में पूरे होते हैं, जिसमें स्लो-मोशन और कमर्शियल ब्रेक शामिल हैं. केवल नॉकडाउन तकनीक ही स्कोर दर्ज़ करता है. इस समय देश में 4 करोड़ से ज़्यादा कराटे अभ्यासी हैं.

यूपी सरकार के साढे चार साल: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा बेमिसाल, विपक्ष ने कहा, झूठ का पुलिंदा.

UP: पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे यूपी की बीजेपी सरकार पहले की सभी सरकारो ने ना सिर्फ बेहतर काम कर रही है बल्कि उनके कार्यकाल मे प्रदेश की पहले वाली छवि पूरी तरह से बदल चुकी है।

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उत्तर प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करना शुरू किया तो उनका मकसद साफ था। सरकार की उपलब्धियों के साथ उनके निशाने पर था विपक्ष. जिसके कार्यकाल से तुलना करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे यूपी की बीजेपी सरकार पहले की सभी सरकारो ने ना सिर्फ बेहतर काम कर रही है बल्कि उनके कार्यकाल मे प्रदेश की पहले वाली छवि पूरी तरह से बदल चुकी है।

लखनऊ के लोकभावन (Lokbhawan) में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में योगी ने शुरूआत सरकार और संगठन के नेताओं को धन्यवाद देने  का साथ शुरू की। योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को भी धन्यवाद दिया और कहा कि जनता की सेवा के लिये ये सरकार लगातार काम कर रही है.

विपक्षियों को बनाया निशाना, दंगे और भृष्टाचार रहा सबसे बडा मुद्दा.

योगी सरकार की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ज्यादातर निशाने पर विपक्षी पार्टी की सरकारों के दौरान की कमियां रही जिसके बारे मे बात करते हुये योगी ने  कहा कि पहले की सरकार में माफिया को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ था. साल 2012 से 2017 यानि कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की सरकार तक ऐसा माहौल था कि हर रोज एक दंगा होता था, लेकिन हमारी सरकार के साढे चार साल मे एक भी दंगा नही हुआ। माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की गयी. करोडों की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी. योगी आदित्यनाथ ने पहले के मुख्यमंत्रियों पर हमला बोलते हुये कहा कि पहले जो लोग सीएम बनते थे तो अपनी हवेली बनाने के लिए जुट जाते थे, लेकिन हमारी सरकार जनता के लिए समर्पित थी इसलिये 42 लाख से ज़्यादा आवास जनता के लिए बनाये गये।.

पहले उत्तर प्रदेश मे कोई आपदा आती थी तो महीनों लग जाते थे लेकिन मुआवज़ा नही मिलता था. अब पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के अंदर राहत का भुगतान मिल जाता है. प्रदेश में साढ़े 4 लाख लोगों को पारदर्शी व्यवस्था के साथ सरकारी नौकरी दी गयी है. किसी का चेहरा देखकर या जाति  पूछकर नौकरी नहीं दी गयी. योगी ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश की इमेज सुधरी है जिसका नतीजा ये है कि प्रदेश मे हजारो करोड़ रूपयों का पूंजी निवेश हुआ है।

अयोध्या में दीपोत्सव और कांवड यात्रा पर विपक्ष की मंशा पर उठाये सवाल
विपक्ष पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि यूपी ने अपनी सांस्कृतिक पहचान देश और दुनिया के सामने रखी. पहले की सरकारें अयोध्या मे किसी भी तरह के आयोजन से घबराती थी लेकिन इस सरकार ने अयोध्या की धार्मिक गरिमा को बढाने का काम  किया है, अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन, काशी का देव दीपावली का आयोजन हो या फिर मथुरा-बरसाना का रंगोत्सव। विपक्षी कभी ये आयोजन नहीं कर सकते थे, वे हमेशा इस बात के लिए सशंकित रहते थे कि अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम करेंगे तो हम पर सांप्रदायिकता का लेबल लगेगा, लेकिन हमारी सरकार के लिए यह प्रदेश के परसेप्शन को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का बेहतरीन तरीका था। आज प्रदेश सरकार तेजी के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी तरह जब हमारी सरकार आयी तो कांवड यात्रा पर प्रतिबंध था. लेकिन हमने साफ किया कि कांवड यात्रा ना सिर्फ पूरे सम्मान के साथ शुरू की जायेगी बल्कि उनका पूरा ख्याल भी रखा जायेगा। हमने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये कि कांवडियों को कोई भी समस्या नही होनी चाहिए और उन पर पुष्पवर्षा भी होनी चाहिए. पिछले चार सालों से कांवड यात्रा निकल रही है लेकिन कोई भी विवाद नही हुआ.
अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण शुरू कराया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हमारी सरकार ने तेजी से राम मंदिर का कार्य शुरू कराया है. पहले लोग हमारी पार्टी के नारे ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ पर मजाकिया लहजे में कहते थे कि ‘पर, तारीख नहीं बताएंगे।’ आज हमने तारीख भी बता दी है और अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण की शुरुआत भी हो चुकी है। बहुत जल्द मंदिर का काम तय समय से भी पहले पूरा होगा.

ट्रांसफर पोस्टिंग मे होता था पैसों का खेल, नौकरियों मे होती थी धांधली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि प्रदेश मे साल 2017 के पहले ट्रांसफ़र-पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए किसी से कोई पैसा लिया गया है. अब सभी विभागो में तय नियमों के आधार पर ही अधिकारियों की पोस्टिंग की जाती है और नौकरियों के लिये भी आरक्षण नियमों का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन करते हुये लोगो को नौकरियां दी गयी हैं। 

केंद्र सरकार की 44 योजनाओं में उत्तर प्रदेश सबसे आगे

योगी ने प्रधानमंत्री पीएम मोदी की बातों का हवाला देते हुये कहा यूपी पहले देश के विकास के लिए अवरोध के तौर पर जाना जाता था. योजनाओं में यूपी का स्थान 17 वें से 27वें स्थान के बीच था। आज भारत सरकार की 44 योजनाओं में यूपी पहले पायदान पर है। उनकी सरकार आने से पहले प्रदेश में भूख से लोगों की मौतें हो रही थीं। सरकार ने 40 लाख फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए। 80 हजार दुकानों को ई-पॉज मशीनों से जोड़ा। कोरोना काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया। आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर सरकार 1200 करोड़ रुपये साल बचा भी रहे हैं। योगी ने कहा कि जब हम जब सरकार में आए तो भुखमरी की हालत थी क्योंकि गरीब लोगों के राशन कार्ड बने नहीं थे और जो बने थे निरस्त हो चुके थे. लेकिन हमने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया और सबके राशन कार्ड बनवाए। राशन कोटे को ई-पॉज मशीन से जोड़ा गया. टेक्ननालॉजी का फ़ायदा मिला.यूपी में धान ख़रीद में पिछले साल क़ोरोना काल के बावजूद हमने 66 लाख मेट्री टन धान सीधे किसानों से ख़रीदा गया.
शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों को करेंगे लीड
शिक्षा के क्षेत्र में हम 2022 में अग्रणी राज्यों को लीड करते हुए दिखेंगे। 7 नए विश्वविद्यालय और 50 महाविद्यालय बना रहे हैं। पुलिस फोरेंसिंक इंस्टीट्यूट की स्थापना स्थापना लखनऊ में हो रही है। मंडल स्तर फोरेंसिक लैब और साइबर थाने स्थापित किए जा रहे हैं। 30 हजार महिला आरक्षी भर्ती की गई हैं। 1.26 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा में भर्तियां हुई हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से एक करोड़ बहनें स्वावलंबी बनी हैं। यह सब संगठन व सरकार के बेहतर समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व से मिले सहयोग का नतीजा है। मीडिया ने भी हमारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए सेतु का काम किया है।

सरकार के कार्यकाल को विपक्ष ने कहा झूठ का पुलिंदा

योगी सरकार की उपलब्धियों पर प्रेस कांफ्रेंस के फौरन बाद ही विपक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे सरकार के झूठ का पुलिंदा बताया. अखिलेश ने ये भी कहा कि ये सरकार झूठी, जुमलेबाज, नफरत फैलानेवाली और दंभी है. कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके योगी सरकार पर निशान साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश को क्या बनाया भाजपा सरकार ने : कुपोषण में नम्बर-1, महिलाओं के खिलाफ अपराध मे नम्बर-1, अपहरण के मामले में नम्बर-1, दलितों के खिलाफ अपराध के मामले मे नंम्बर-1. सरकार के दावों पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी पलटवार किया. संजय सिंह ने कहा कि असल में योगी सरकार ने प्रदेश का बंटाधार किया है. सरकार के दावों से अलग हकीकत कुछ और ही है. कोरोना काल में ये सच सारी दुनिया ने देखा है. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी सरकार को आडे हाथो लेते हुये ट्वीट किया. मायावती ने कहा कि योगी सरकार दावे हवा हवाई है व ये जमीनी हकीकत से दूर हैं. प्रदेश मे गरीवों की बढती बदहाली से जनता परेशान है.

बहरहाल विपक्ष के हमलों से बेअसर बीजेपी के नेता लगातार सरकार की सफलता के दावे कर रहे है और मुख्यमंती ने फिर से दोहराया है कि बीजेपी इस बार 350 सीटे जीतकर एक बार फिर से सत्ता मे वापसी करेगी.

...जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन, बैलगाड़ी पर निकली धूमधाम से बारात

Sitapur: जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन (File photo)

UP News: प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया.

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) में अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर रविवार को एक अनोखी शादी (Wedding) देखने को मिली है. जहां आम और इमली की शादी का कार्ड छपा कर दोनों का विवाह संपन्न कराया गया. कार्ड पर चिरंजीव रसाल (आम) और आयुष्मति (इमली) का विवाह कराया गया. विवाह के लिए बाकायदा कार्ड भी बांटे गए थे. इस कार्ड में दर्शनाभिलाषी सरकारी विभाग है, और स्वागत के लिए कठिना संरक्षण समिति का नाम छपवाया गया था.

कठिना नदी को बचाने के लिए एक मुहिम के तहत वैदिक रीति रिवाज से होने वाली यह शादी संस्कृति सभ्यता और विज्ञान का अद्भुत संगम साबित होगी. कठिना नदी को पुनर्जीवित करने के मकसद से शुरू हुआ यह अभियान अब अपने पड़ाव पर पहुंच चुका है. बता दें कि सीतापुर के पिसावा इलाके के मुल्लाभीरी बाबा स्मृति वाटिका मुस्तफाबाद में आम और इमली के विवाह संग 51 बाग स्थापित किए गए.

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

इस बारात में 400 जानती बराती बैल गाड़ियों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें. 51 दंपत्ति ने विवाह की रस्में पूरी की. वहीं, मनोरंजन के लिए भी इंतजामात किए गए. अंत में इमली को विदा कर बाग में रोपा गया. उपहार में खुरपा खाद के अलावा स्प्रेयर मशीन दी गयी.

बारातियों को परोसे गए लजीज व्यंजन
प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया. बारातियों के भोजन की व्यवस्था सुबह से ही शुरू हो गई थी. जिसमें तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए जैसे कि दही बड़ा, चावल, उड़द की धुली दाल, पूड़ी बूंदी परोसी गई सहित अन्य व्यंजन भी बारातियों को दिए गए.

बजाए गए पुराने वाद यंत्र
जिला संयोजक लोकभारती कमलेश सिंह ने बताया कि कठिना नदी के किनारे फल पट्टी विकसित होने से कई फायदे होंगे. बाग लगने से पानी का खर्च कम होगा, फलदार पेड़ों से किसान समृद्ध और कठिना नदी पुनर्जीवित हो जाएगी. इस शादी समारोह में पुराने वाद यंत्र भी लोग बजाते हुए दिखाई दिए. इस शादी में 400 लोग गवाह बने.

योगी सरकार ने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और चेहल्लुम को लेकर जारी की गाइडलाइंस, दिए ये निर्देश

UP: विजयादशमी और चेहल्लुम को लेकर जारी हुई गाइडलाइंस (File Photo)

UP Police: मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हो तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान इस वर्ष शारदीय नवरात्रि विजयादशमी, दशहरा तथा चेहल्लुम के दृष्टिगत कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु गाइडलाइंस जारी की गई हैं. नवरात्रि दुर्गा पूजा एवं विजयदशमी, दशहरा पर्व एवं रामलीला मंचन तथा चेहल्लुम के अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम हेतु दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो. मूर्तियों की स्थापना पारंपरिक परंतु खाली स्थान पर की जाए, उनका आकार यथासंभव छोटा रखा जाए. मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहे. मूर्तियों के विसर्जन में यथासंभव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए तथा मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही शामिल हो.

संदिग्ध वाहनों की चेकिंग
मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हो तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए. निर्देशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यातायात कदापि बाधित न हो एवं बैरियर व पुलिस चेक पोस्ट लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कराई जाए तथा मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही जन सुविधाएं यथा बिजली पेयजल एवं साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है.

सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के आदेश
जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि इस अवसर पर सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे तथा सुरक्षा व्यवस्था इस प्रकार सुनिश्चित की जाए कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न होने पाए. संवेदनशील क्षेत्रों व अन्य स्थानों पर भी मोबाइल पेट्रोलिंग कराई जाए. शासन द्वारा चेहल्लुम के अवसर पर भी कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु तथा कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. जिला प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि अनुमति इस शर्त के साथ दी जाए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए.

पहले CM बनने पर अपनी हवेलियां बनाने की मचती थी होड़, हमने 42 लाख गरीबों के लिए बनाए आवास: योगी

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि यह वही यूपी है जहां 2017 के पहले अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे. हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे हुआ करते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. पहले मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में हमने 42 लाख गरीबों के आवास बनाये हैं. जनता, संगठन और सरकार के एकजुट प्रयास से राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

4 साल में एक भी दंगा नहीं
शासन की तमाम उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां कोई भी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण सम्पन्न नहीं हो पाता था लेकिन आज बीते चार साल में एक भी दंगा नहीं हुआ. नतीजतन, लोगों की धारणा बदली. आज निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

“मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”
कोविड की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में ही देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी के भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

NEET 2021: पटना से लेकर छपरा तक यूपी-बिहार पुलिस की छापेमारी, फरार हुआ सॉल्वर गैंग का सरगना PK

NEET सॉल्वर गैंग का सरगना पीके उर्फ नीलेश

NEET Solver Gang: नीट सॉल्वर गैंग के सरगना पीके (PK) की तलाश में पहुंची पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पीके उर्फ नीलेश अपनी पहचान लोगों के बीच बतौर डॉक्टर देता था और रईस की जिंदगी जीता था.

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पटना. यूपी में नीट परीक्षा (NEET 2021) के दौरान सॉल्वर गैंग का मामला सामने आने के बाद उसके सरगना की तलाश के लिए यूपी पुलिस (UP Police) ने बिहार पुलिस के साथ रविवार को पटना से लेकर छपरा तक एक साथ छापेमारी की. हालांकि इस दौरान सॉल्वर गैंग (NEET Solver Gang) का सरगना पीके उर्फ नीलेश सिंह पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ सका. छापेमारी के पहले ही पीके पटना और छपरा दोनों जगह से फरार हो गया. दबिश के दौरान पीके की तस्वीर पुलिस को जरूर हाथ लगी है.

नीट परीक्षा में धांधली के दौरान उजागर हुई सॉल्वर गैंग के मास्टर माइंड पीके उर्फ नीलेश सिंह पटना के पाटलिपुत्र में रहता है. महंगी गाड़ियों और रहन-सहन में विलासिता की जिंदगी जीने वाला पीके अपनी कॉलोनी के लोगों को अपना परिचय डॉक्टर के रूप में देता था. उसने यहां चार मंजिला आलीशान मकान बनवाया है. वह महंगी गाड़ियों का भी शौकीन रहा है. पुलिस की छापेमारी के बाद पीके की असलियत उजागर होने से आसपास के लोग काफी हैरान हैं. बिहार के छपरा जिले के सेंधवा गांव में पीके के पैतृक आवास पर जब पुलिस गई तब उसे यह जानकारी मिली कि स्थानीय लोग उसे एक बिजनेसमैन के रूप में जानते हैं.

सॉल्वर गैंग के सदस्य एक सिम का उपयोग सप्ताह भर से ज्यादा नहीं किया करते थे. इस बात की जानकारी वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार के किए गए गैंग के सदस्य विकास कुमार महतो और राजू कुमार ने पुलिस को दी है. सॉल्वर गैंग के इन दोनों महत्वपूर्ण सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सभी सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते थे और बातचीत के लिए मुख्य तौर पर व्हाट्सएप मैसेज और कॉल का ही सहारा लिया जाता था.

पुलिस को इन दोनों ने बताया कि गिरोह के अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड मंगवाने के लिए हमेशा एयर कुरियर सर्विस का इस्तेमाल किया जाता था. इसका मुख्य मकसद  था कि कुरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय कभी उनके ठिकाने तक नहीं आ पाता था. कुरियर सॉल्वर गैंग के सदस्य कुरियर कंपनी जाकर ही ले लेते थे.

UP Assembly Election: वेस्ट यूपी में किसान वोट बैंक को मैनेज करने में जुटी बीजेपी, जाटों के बाद अब गुर्जरों को साधने की कोशिश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजा मिहिर भोज की मूर्ति का करेंगे अनावरण

UP Political News: अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है.

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लखनऊ. जैसे जैसे यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों का वोट मैनेजमेंट भी दिखने लगा है. कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) से परेशान बीजेपी (BJP) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को साधने के लिए नया रास्ता अख्तियार कर लिया है. अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है. दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा के दादरी मे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के 12 फुट की प्रतिमा का अनावरण सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है.यह प्रतिमा सम्राट मिहिर भोज के नाम पर बने पीजी कॉलेज में लगी है. दो साल पहले ये प्रतिमा तैयार की गयी थी पर कोरोना की वजह से अनावरण नहीं हो पाया था.

वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि ये बीजेपी का नया दांव है. सीएम योगी आदित्यनाथ जब खुद मूर्ति का अनावरण करेंगे तो गुर्जर समाज में एक संदेश जाएगा जो कि बड़ा वोक बैंक है. और बीजेपी संदेशों की राजनीति में माहिर हैं. गौरतलब है कि राजा मिहिर भोज को धर्मरक्षक राजा के तौर पर देखा जाता है और गुर्जर उनको अपना पूर्वज मानते हैं.

22 सितंबर को मुख्यमंत्री कर सकते हैं मूर्ति का अनावरण
दरअसल, किसान आंदोलन के बाद से पश्चिमी यूपी का सियासी समीकरण गड़बड़ा गया है, जिसको दुरुस्त करने के लिए बीजेपी के दिग्गज रात दिन एक किए हुए हैं. इसी के तहत ये भी तैयारी की गई है. कहा जा रहा है कि 22 सितंबर को सीएम मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण कर सकते हैं. विपक्षियों का मानना है कि मूर्ति का अनावरण गलत नहीं है, लेकिन सवाल बीजेपी के समय को लेकर जरुर उठता है.

योगी आदित्यनाथ को मजबूत करेंगे शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया, ये है एक्शन प्लान

यूपी चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रचार करने सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज जाएंगे. (File)

BJP Plan for UP Assembly election 2022: यूपी के चुनाव के लिए एमपी भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मजबूत करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर नेता यूपी जाएंगे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे चुनावी मोड और मूड में है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पक्ष में प्रचार करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और वीरेंद्र कुमार जैसे नेता जाएंगे. इन नेताओं को मिशन यूपी (Mission UP) में जुटने का टारगेट दे दिया गया है.

यूपी विधानसभा की ऐसी सीटें जो मध्य प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं, वहां असर रखने वाले प्रदेश के नेताओं की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस मामले में शिवराज सरकार के मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि पार्टी ने यूपी के चुनाव में पहले भी मध्य प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी दी थी. अब फिर जहां पार्टी ड्यूटी लगाई जाएगी, वहां पार्टी को मजबूत किया जाएगा. यूपी के चुनाव में प्रदेश के नेता असरदार साबित होंगे और भाजपा मजबूत होगी.

सिंधिया और सीएम शिवराज को जिम्मेदारी

गौरतलब है कि, यूपी के चुनाव को लेकर बीजेपी को ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड के बड़े नेताओं पर ज्यादा भरोसा है. यही कारण है कि 2019 के कांग्रेस के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी ने यूपी के लिए चुना है. जातिगत समीकरणों को साधने के लिए केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के चेहरे का भी इस्तेमाल होगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रचार के तौर तरीकों का भी पार्टी यूपी चुनाव में इस्तेमाल करेगी.

नरोत्तम मिश्रा ने किया था कई सीटों पर प्रचार

बता दें यूपी में 2017 के चुनाव में भी प्रदेश के नेताओं ने प्रभावी भूमिका निभाई थी. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानपुर के अलावा बुंदेलखंड की कई सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था. पार्टी की कोशिश है कि झांसी-आगरा बेल्ट की कई सीटों पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चेहरे का इस्तेमाल किया जाए.

एमपी कांग्रेस कर रही प्रियंका गांधी को मजबूत

कांग्रेस यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी को मजबूत करने की तैयारी में जुटी है. इसे लेकर कमलनाथ गोपनीय तरीके से बैठक कर रहे हैं. ग्वालियर-चंबल के कांग्रेस नेताओं को प्रियंका गांधी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी पार्टी का चेहरा होंगी और उनके साथ पूरी पार्टी खड़ी नजर आएंगी.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर है ये अपडेट, जानिए कब हो सकती है आयोजित


UPTET 2021 : यूपी में युवा यूपीटेट के जल्द आयोजन की मांग कर रहे हैं.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा कोरोना महामारी के चलते 2020 में नहीं हो सकी थी. इसके बाद इसके लिए आयोजन की कोशिश जुलाई महीने में की गई. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की वजह से संभव नहीं हो सका था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 21:50 IST
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नई दिल्ली. UPTET 2021 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है. यूपीटेट 2021 का आयोजन 28 नवंबर को हो सकता है. परीक्षा का यह प्रस्ताव यूपी परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने सरकार को भेजा है. इससे पहले 19 दिसंबर के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने यह कहकार प्रस्ताव को लौटा दिया था कि इसे और पहले आयोजित किया जाएगा. ऐसे में नियामक प्राधिकारी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नई तिथि प्रस्तावित की है. इस पर मुहर लगने के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय परीक्षा के आयोजन की तैयारी शुरू कर देगा.

यूपी में कोरोना महामारी के कारण टीईटी का आयोजन 2020 में नहीं हो सका था. ऐसे में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवा अब जल्द से जल्द टीईटी के आयोजन की मांग कर रहे हैं.

पहले जुलाई में होना था यूपीटेट

बता दें कि यूपीटेट के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले 18 मई से एक जून तक होनी थी. जबकि परीक्ष 25 जुलाई को होनी थी. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया था. अब यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने नई तारीख प्रस्तावित की है.

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UP Politics: सतीश मिश्रा ने कराया BSP में आजाद भारत पार्टी का विलय, कही ये बड़ी बात

सतीश मिश्रा ने आजाद भारत पार्टी का कराया बीएसपी में विलय.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. विलय के साथ ही बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के लोगों ने बीएसपी की सदस्यता ली.

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लखनऊ. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी (Azad Bharat Party) का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. इस विलय के साथ ही हजारों की संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के साथ युवा कार्यकर्ताओं ने बसपा की सदस्यता ले ली. उन्होंने बसपा को और भी मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्री नकुल दुबे के नेतृत्व में सतीश चंद्र मिश्र से मुलाकात कर बसपा पार्टी को 2022 में चुनाव जिताने और मायावती को पांचवी बार मुखयमंत्री बनाने का संकल्प लिया.

सतीश चंद्र मिश्रा ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि…भाजपा सरकार से हर समाज के लोग प्रताड़ित हैं. चाहे वह कश्यप समाज हो, वाल्मीकि समाज हो, निषाद समाज हो या सोनकर समाज हो. बहन मायावती की नजर में सभी समाज के लोग सर्वप्रथम हैं और सर्वप्रथम रहेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में अगर सर्व समाज हम लोगों के साथ कंधा मिलाकर चलें तो मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा बहन जी कभी भी यह नहीं सोचती हैं कि हमें किस समाज ने कितना वोट दिया. बहन जी सर्व समाज का विकास करने का काम करती हैं.

2007 में बहन जी की बहुमत की सरकार बनी तो तुरंत ही 1 लाख 10 हजार लोगों को तत्काल प्रभाव से नौकरियां दी गई थीं. दलित, शोषित और वंचित समाज के मान सम्मान के लिए बहन जी ने बहुत सी बातें सुनी और मुकदमे भी झेले, लेकिन कभी पीछे नहीं हटी. उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के वाशिंगटन में अब्राहम लिंकन का भी स्मारक देखा हूं, लेकिन हमारे प्रदेश के स्मारकों के सामने पूरे विश्व के स्मारक छोटे दिखते हैं. इन महान हस्तियों के स्मारकों का महत्व सौ दो सौ साल बाद भी लोगों को जरूर समझ में आएगा. बहन मायावती के लखनऊ में विकास करने के बाद लोग भूल भुलैया और इमामबाड़ा जाना भूल गए और अंबेडकर पार्क और बाबा साहब अम्बेडकर और कांशीराम के स्मारकों को देखने के लिए आते हैं. महान हस्तियों के स्मारकों और पार्कों के लिए मायावती ने 110 मुकदमे झेले हैं. सभी विपक्षी पार्टियों ने स्मारकों और पार्कों के लिए विरोध किया वो चाहते थे कि इन महापरूषों के स्मारक और पार्क नहीं बने.

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इन स्टेप्स से करें चेक

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 20:04 IST
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नई दिल्ली. UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर विजिट करके अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था. परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2020 से शुरू हुई थी जबकि आवेदन की लास्ट डेट 29 जुलाई 2020 थी. कोरोना वायरस की बढ़ते प्रभाव के चलते यूपीसीएल परीक्षा 6 महीने की देऱी से मार्च 2021 में आयोजित की गई थी. परीक्षा के 4 महीने बाद 17 अगस्त 2020 को रिजल्ट जारी किए गए थे. वहीं अब अब इस वैकेंसी के लिए फाइनल रिजल्ट घोषित किए गए हैं.

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इन स्टेप्स से देखें रिजल्ट

  • रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थी सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upenergy.in पर विजट करें.
  • इसके बाद वेबसाइट पर दिए गए VACANCY/RESULTS के टैब पर क्लिक करें.
  • अब यहां रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
  • यहां पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड सबमिट करके लॉग इन करें.
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट आ जाएगा.
  • सबसे लास्ट में रिजल्ट को डाउनलोड कर लें और प्रिंट कर लें.

UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, शादी समारोह में अब 50 की जगह 100 लोग हो सकेंगे शामिल

UP: शादी समारोह में अब शामिल हो सकेंगे 100 मेहमान (File photo

UP News: उधर, सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी 1 घंटे की छूट बढ़ाई है. अब सुबह 6 बजे से रात 11 तक की मिली छूट मिलेगी.

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लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) ने कोरोना के घटते मामलों के देखते हुए बड़ी छूट का ऐलान किया है. शादी समारोह में अब 100 मेहमान शामिल हो सकेंगे. दरअसल अभी तक 50 लोगों के शामिल होने की थी इजाजत थी. उधर, सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी 1 घंटे की छूट बढ़ाई है. अब सुबह 6 बजे से रात 11 तक की मिली छूट मिलेगी. रविवार को यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश जारी किया है. अब किसी भी शादी समाराेह में 50 की जगह 100 लोग शामिल हो सकेंगे. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें.

हालांकि, आदेश में कहा गया है कि आयोजन स्थल पर सैनिटाइजर जरूर रखा जाए साथ ही दो गज की दूरी का भी पालन किया जाए. बता दें कि इसके पहले जारी किए गए आदेशों में दुकानों व रेस्टोरेंट के रात 11 बजे तक खुलने की अनुमति दी गई थी. इसके साथ ही कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाए.

UP: ACS होम अवनीश कुमार अवस्थी ने जारी किया निर्देश

UP: ACS होम अवनीश कुमार अवस्थी ने जारी किया निर्देश

बता दें कि उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 9 मरीज मिले हैं. अब प्रदेश में एक्टिव केस 193 रह गए हैं. प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. अब सिर्फ 41 जिलों में एक्टिव केस हैं. बाकी जिले संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें- Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3टी ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट अभियान के अभिनव प्रयास से प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रित है. इसी के चलते एक्टिव मामले 3,10,783 से घटकर मात्र 193 हो गये हैं तथा 30 अप्रैल के प्रतिदिन कोविड केस 38 हजार से घटकर 09 हो गये हैं. प्रदेश के कई जनपदों में कोई कोविड एक्टिव केस नहीं है. सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17.24 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना जा रहा है.

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन (File photo)

Sonu Sood News: हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) में रिच समूह का कनेक्शन बालीवुड के मशहूर अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) से सामने आया है. 20 करोड़ की कर चोरी के मामले में इनकम टैक्स (Income Tax) की टीम ने रिच ग्रुप पर छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है. कानपुर में फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली कंपनी रिच ग्रुप और रिच उद्योग के मालिकों ने अपने कई चपरासियों को बोगस कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था. इस बात का खुलासा आयकर विभाग की संयुक्त टीमों के छापों के बाद चल रही जांच में हुआ है. फर्जी बिलिंग की पुष्टि के बाद विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अभिनेता सोनू सूद द्वारा लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में निवेश के लिए भी रिच समूह के जरिये फर्जी बिल जारी किए गए.

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में अभिनेता सोनू सूद ने संयुक्त उद्यम अचल संपत्ति परियोजना में निवेश किया है. यह निवेश कर चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है. हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है. ये निवेश टैक्स चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है.

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वहीं रिच समूह पर आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई अभी जारी है, जिसमें समूह के चार ठिकाने हैं. आयकर अधिकारियों की जांच में निकला है कि इनमें से किसी कंपनी में कोई काम नहीं होता, सिर्फ फर्जी इनवाइस जारी की जाती हैं. इन कंपनियों ने अपने चपरासी व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही निदेशक बना रखा है ताकि सभी कंपनियां अलग-अलग नजर आएं.

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को लखनऊ में लगा 'झटका', फैन्स को निराश करने का खामियाजा

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की अर्जी ख़ारिज

Sapna Chaudhary Latest News: आशियाना में डांसर सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे, लेकिन सपना चौधरी नहीं आईं. निराश फैन्स ने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी.

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लखनऊ. हरियाणवी डांसर सपना चौधरी (Sapna Chaudhary) को एसीजेएम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने सपना चौधरी की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आशियाना थाने में दर्ज मुकदमे से खुद को आरोपों से मुक्त करने की अपील की थी. दरअसल, 13 अक्टूबर 2018 को आशियाना थाने में पुलिस की ओर से एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें सपना चौधरी पर दर्शकों का पैसा हड़पने का आरोप लगा था.

आशियाना में सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे. बावजूद इसके सपना चौधरी कार्यक्रम में नहीं आई थी. सपना चौधरी के न आने के चलते वहां पर दर्शकों ने काफी हंगामा और तोड़फोड़ भी किया था. आशियाना थाने की किला चौकी के सब इंस्पेक्टर फिरोज खान ने 13 अक्टूबर 2018 को सपना चौधरी, रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, पहल इंस्टीट्यूट के इबाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

टिकट बिकने के बाद भी नहीं पहुंची थीं सपना चौधरी
एफआईआर के मुताबिक 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक स्मृति उपवन में सपना चौधरी सहित अन्य कलाकारों के कार्यक्रम का आयोजन होना था, इसके लिए टिकट भी बेचे गए थे. हजारों लोग कार्यक्रम को देखने के लिए मौजूद थे, लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी नहीं आई तो दर्शकों ने काफी हंगामा किया था. विवेचना के बाद सपना चौधरी के खिलाफ 1 मार्च 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई थी, जिस पर कोर्ट ने 26 जुलाई 2019 को संज्ञान भी ले लिया था. हालांकि इस मामले में सपना चौधरी समेत अन्य आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

कोर्ट ने कहा आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत
इसके बाद सपना चौधरी की ओर से खुद को इन आरोपों से मुक्त करने की अर्जी  एसीजेएम कोर्ट में डाली गई थी. अर्जी में कहा गया था कि उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया है और न ही टिकट का पैसा उन्हें मिलने के पत्रावली में कोई सबूत है. सपना चौधरी ने अर्जी में कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर आरोपी सपना चौधरी के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत पत्रावली में मौजूद हैं.

UP: योगी सरकार के साढ़े 4 साल पूरे होने पर मायावती और प्रियंका गांधी ने साधा निशाना, बोलीं- विज्ञापन और दावे अधिकांश हवा-हवाई

UP: प्रियंका गांधी ने कहा महंगाई रोकने में उप्र सरकार फेल (File photo)

UP Election: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरे हो गए. इसी कड़ी में रविवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) और कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. बसपा प्रमुख ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, यूपी भाजपा सरकार द्वारा ’बदलाव के 4.5 वर्ष’ का विज्ञापन व दावे अधिकांश हवा-हवाई व जमीनी हकीकत से बहुत दूर. इनकी कथनी व करनी में अन्तर होने के कारण ख़ासकर यहां की बढ़ती ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई आदि से जनता की बदहाली जग-ज़ाहिर.

उधर, कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, उप्र सरकार को चाहिए था कि 4.5 सालों पर जनता के सवालों का जवाब दे, लेकिन नहीं. फिर झूठ, झूठ और सिर्फ झूठ. उन्होंने आगे लिखा, लाखों खाली पदों पर नौकरियां देने और लटकी भर्तियां कराने पर,नकिसान को गन्ना, गेहूं, धान, आलू के दाम देने में, बिजली के दाम कम करने में, महंगाई रोकने में उप्र सरकार फेल रही. असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार.

भाजपा सरकार जमीनी हकीकत से बहुत दूर

भाजपा सरकार जमीनी हकीकत से बहुत दूर

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी. लेकिन उनकी सरकार जनता के लिए समर्थित रही. उन्होंने प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को हृदय से धन्यवाद दिया.

असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार

असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार

यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला- CM योगी
सीएम योगी ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है. इसमें सरकार और संगठन का समन्वय और शासन प्रशासन की ज़िम्मेदारी और केंद्रीय नेतृत्व में सहयोग की बड़ी भूमिका है. सभी केंद्रीय मंत्रियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों का धन्यवाद। ये अविस्मरणीय कार्यकाल रहा.

CM योगी ने रखा सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड, कहा- 2017 से पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

UP: पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

UP News: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2017 के पहले ट्रांसफ़र और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है.

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लखनऊ. अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि, 2017 के पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है. लेकिन स्थिरता ने टीम वर्क का एहसास कराया.

योगी ने कहा कि केंद्र से हमें लगातार सहयोग मिला जिससे हमने सभी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू किया. सीएम योगी ने कहा कि, पहले की सरकारों के कार्यकाल में यूपी की क्या दशा थी, ये किसी से छिपी नहीं थी. सीएम योगी ने कहा कि, पहले सरकारी योजना का हाल क्या होता था, ये सभी जानते हैं. हमारी सरकार ने सभी वर्गों तक पूरी इमानदारी के साथ सरकारी योजनाओं को पहुंचाया. आपदा के वक्त सरकार ने हर स्तर पर लोगों को सहायता पहुंचाई.

यूपी को किया दंगा मुक्त
उन्होंने कहा कि, यूपी में पहले हर तीसरे चौथे दिन दंगा हुआ करता था, लेकिन हमारी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाया. वहीं, उन्होंने कहा कि हमने माफिया और अपराधियों पर कानून की दायरे में कार्रवाई की. सीएम योगी ने कहा कि, हमने 1800 करोड़ की सरकारी संपति जब्त की और अवैध निर्माण पर कार्रावाई की.

यूपी में 3 लाख करोड़ का निवेश
सीएम योगी ने कहा कि, यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी थी कि, निवेश नहीं था और इज ऑफ डुइंग के मामले में प्रदेश का 14वां स्थान था. लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार करते हुए यूपी में पहले इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया. और खास बात ये है कि, अब देश और दुनिया का उद्योगपति प्रदेश में निवेश का इच्छुक है. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि, यूपी में 3 लाख करोड़ का निवेश हुआ है. उन्होंने कहा कि यूपी अब इज ऑफ डुइंग में दूसरे स्थान पर आ गया है .मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही यूपी है जहां माफिया सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लेते थे. आपने 2012 से 2017 तक देखा होगा हर दिन एक दंगा होता था. लेकिन हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की. 18 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी.

साढ़े चार साल के कार्यकाल का CM योगी आदित्यनाथ ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश की रिपोर्ट कार्ड

Yogi Government: मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 12:23 IST
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लखनऊ. अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और सरकार की उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने लोकभावन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी. लेकिन उनकी सरकार जनता के लिए समर्थित रही. उन्होंने प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को हृदय से धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है. इसमें सरकार और संगठन का समन्वय और शासन प्रशासन की ज़िम्मेदारी और केंद्रीय नेतृत्व में सहयोग की बड़ी भूमिका है. सभी केंद्रीय मंत्रियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों का धन्यवाद। ये अविस्मरणीय कार्यकाल रहा.

माफियाओं की 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही यूपी है जहां माफिया सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लेते थे. आपने 2012 से 2017 तक देखा होगा हर दिन एक दंगा होता था. लेकिन हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की. 18 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी. पहले सीएम बनते थे तो अपनी हवेली बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा चलती थी, लेकिन हमारी सरकार जनता के लिए समर्पित थी. 42 लाख से ज़्यादा आवास जनता को समर्पित लिए गए. यूपी में कोई आपदा आती थी तो महीनों लग जाते थे, लेकिन मुआवज़ा नही मिलता था. लेकिन अब पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के अंदर सहायता दी जाती है. प्रदेश में साढ़े 4 लाख लोगों को पारदर्शी व्यवस्थ के साथ सरकारी नौकरी दी गयी. किसी का चेहरा देखकर या जाति  पूछकर नहीं दी गयी. हमारी सरकारी में अभी तक एक दलाली की शिकायत नहीं आयी और एक भी पैसे लेने की शिकायत नहीं आयी. इसका असर ये हुआ कि देश और दुनिया के सभी संस्थान यूपी में निवेश के लिए आ रहे है.

पहले ट्रांस्फेट-पोस्टिंग था व्यवसाय
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2017 के पहले ट्रांसफ़र और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है. लेकिन स्थिरता ने टीम वर्क का एहसास कराया। पीएम मोदी ने कहा था यूपी पहले विकास के लिए अवरुद्ध के तौर पर जाना जाता था. अब यूपी 44 केंद्रीय योजनाओं में नम्बर वन है. प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, मुफ़्त राशन वितरित किया गया. 15 करोड़ लोगों को हमने केंद्र के सहयोग से निशुल्क राशन उपलब्ध करवाया। 2005 -2006 में खाद्यान घोटाला हुआ था उसकी जांच आज तक चल रही है.

योजनाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हम जब सरकार में आए तो लोगों भूख से मर रहे थे, क्योंकि राशन कार्ड बने नहीं थे और जो बने थे निरस्त हो चुके थे. लेकिन हमने टेक्नोलोजी का साथ लिया और सबके कार्ड बनवाए। कोटे को ई-पाश मशीन से  जोड़ा. टेक्नोलोजी का फ़ायदा मिला. इससे सरकार को 1200 करोड़ की बचत हो रही है. हमने 1 लाख 43000 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया। धान ख़रीद में 2020 क़ोरोना काल के बावजूद हमने 66 लाख मेट्री टन धान सीधे किसानों से ख़रीदा गया.

UP: योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आंकड़े, 6 करोड़ 47 लाख लोगों को मिला बीमा कवर

UP: योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आंकड़े (File photo)

UP News: दरअसल योगी सरकार ने कोरोना और अन्य बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला करने की तैयारी की है. जिसके तहत डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष की जाएगी.

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लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को आंकड़े जारी किए है. News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है. जारी आंकड़ों के मुताबिक, 59 जनपदों में न्यूनतम एक मेडिकल कॉलेज क्रियाशील. 16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उधर गोरखपुर और रायबरेली एम्स का सफल संचालन किया जा रहा है.

इसी कड़ी में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर का निर्माण शुरू हो चुका है. सरकार ने पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में 6 करोड़ 47 लाख लोगों को बीमा कवर प्रदान किया है. जबकि 42.19 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर दिया गया है.

यह भी पढ़ें- UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- ‘ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास’

लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण शुरू हो चुका है. जहां 6 नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना की जाएगी. गोरखपुर, भदोही में वेटरनरी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण. आम जनमानस की लाइफ लाइन यानी प्रदेश भर में 4470 एम्बुलेंस संचालित किया गया. वहीं नियमित/संविदा पर 9512 चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई है.

डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र होगी 70 वर्ष
योगी सरकार डाक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र (Doctor’s Retirement Age) बढ़ाने जा रही है. दरअसल योगी सरकार ने कोरोना और अन्य बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला करने की तैयारी की है. जिसके तहत डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष की जाएगी. वहीं NIRF की इंडिया रैंकिंग में SGPGI 5वें, बीएचयू 7वें, केजीएमयू 9वें, AMU 15वें स्थान पर है.

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- 'ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास'

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना (File photo)

UP Politics: योगी आदित्यनाथ सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने किया ट्वीट. दावा किया कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरे हो गए. वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. उन्होंने सरकार को दंभी बताते हुए कहा कि ये जुमलेबाज सरकार है. यही नहीं, उन्होंने कहा कि नहीं चाहिए ऐसी सरकार जिसका सच है, ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास.

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘चौवन गुज़रे, छह महीने बचे इस दंभी सरकार के किसान, गरीब, महिला व युवा पर अत्याचार के बेरोज़गारी, महंगाई, नफ़रत व ठप्प कारोबार के बहकावे, फुसलावेवाली, जुमलेबाज़ सरकार के नहीं चाहिए ऐसी सरकार, जिसका सच है: ठगका साथ, ठगका विकास, ठगका विश्वास, ठगका प्रयास. बता दें कि, अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमला कर हैं और अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

 पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा. उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

पूर्वांचल में कितना हुआ विकास? खुद जाकर देखेंगे CM योगी, आज से 4 जिलों का करेंगे दौरा

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज से शुरू होगा 4 जिलों का दौरा (File photo)

CM Yogi Poorvanchal Visit: यूपी में भाजपा सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से पूर्वांचल के 4 जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं. वे आज अयोध्या और वाराणसी जाएंगे, कल गाजीपुर व जौनपुर में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में वे पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे. वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैंप की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

पिछड़ों को साधने में जुटी BJP
उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछड़ों को एकजुट करने का निर्णय लिया है. जिसके बाद प्रदेश भर में सितंबर और अक्टूबर में भारतीय जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर ओबीसी सम्मेलन करने जा रही है. जिससे कि आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पिछड़ों की राजनीति कर बीजेपी सत्ता पर फिर से काबिज हो सके.

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