लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में गठबंधन की तरफ से सपा ही लेगी बीजेपी से टक्कर!

सीट बंटवारे के बाद स्पष्ट है कि गठबंधन की तरफ से समाजवादी पार्टी ही बीजेपी को टक्कर देती नजर आएगी, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि बीजेपी शहरी क्षेत्र में हमेशा मजबूत रही है.

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 22, 2019, 11:46 AM IST
Amit Tiwari
Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 22, 2019, 11:46 AM IST
आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के विजय रथ थामने के लिए यूपी के दो चिर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं. गुरुवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा क्षेत्रवार सीटों के बंटवारे की सूची भी जारी कर दी. इस सीट बंटवारे में जो 37 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में गई हैं, उससे साफ है कि उसका सामना सत्तारूढ़ बीजेपी से होने वाला है.

सीट बंटवारे में सपा के खाते में ज्यादातर शहरी सीट हैं. साथ ही 17 अरक्षित सीटों में से भी उसे सिर्फ सात ही हासिल हुई हैं, जबकि बसपा के खाते में 10 ऐसी सीट गई हैं जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. सीट बंटवारे के बाद स्पष्ट है कि गठबंधन की तरफ से समाजवादी पार्टी ही बीजेपी को टक्कर देती नजर आएगी, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि बीजेपी शहरी क्षेत्र में हमेशा मजबूत रही है. हालांकि 2014 के मोदी लहर को छोड़ दिया जाए तो उससे पहले के सभी चुनावों में बीजेपी को ज्यादातर शहरी सीटों पर ही जीत हासिल हुई थी.

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सीट बंटवारे के तहत सपा के खाते में वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, उन्नाव, इलाहाबाद, झांसी, उन्नाव, फ़ैजाबाद, बाराबंकी कुशीनगर, आजमगढ़, चंदौली जैसी सीटें आई हैं. दरअसल सीट बंटवारे पर गौर करें तो सपा के खाते में जो सीटें आई हैं, उनमे से करीब 9 से 10 सीटें ऐसी हैं, जहां उसकी राह आसान नहीं होगी. वहीं बसपा के खाते में सपा की तुलना में बेहतर उम्मीदों वाली सीटें गई हैं. गठबंधन का फ़ॉर्मूला यही तय हुआ था कि 2014 में जो जहां से दूसरे नंबर पर था, वह वहीं से चुनाव लड़ेगा. लेकिन इस फ़ॉर्मूले को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है.

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पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा 34 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी. वहीं सपा 31 सीटों पर दूसरे और पांच सीटें उसकी झोली में गई थी. दो उपचुनाव में भी सपा जीती. इस लिहाज से सपा 38 सीटों पर भारी थी. लेकिन सीट बंटवारे में उसे एक सीट कम मिली तो बसपा को पिछले प्रदर्शन के मुकाबले चार सीट ज्यादा मिली है.

2014 में ख़राब प्रदर्शन वाली सीटें भी बसपा को
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2014 के चुनाव नतीजे में 13 सीटें ऐसी हैं, जहां बसपा पहले या दूसरे स्थान पर भी नहीं थी. लेकिन उसे वह सीटें मिली हैं. ये सीटें हैं- सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आंवला, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, कैसरगंज, श्रावस्ती, बस्ती और लालगंज.

2014 में ख़राब प्रदर्शन वाली सीटें भी सपा को

वहीं सपा को 15 सीटें ऐसी मिली हैं, जहां वह पहले या दूसरे स्थान पर नहीं थी. ये सीटें हैं- कैराना, गाजियाबाद, हाथरस, खीरी, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, बांदा, फूलपुर, फैजाबाद, कौशाम्बी, महाराजगंज, चंदौली, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज.

समाजवादी पार्टी की सीटें:

लिस्ट के मुताबिक पश्चिम, अवध, बुंदेलखंड में सपा को ज्यादा सीटें हासिल हुई हैं. कैराना, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, गाजियाबाद, हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, खीरी, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, इटावा, कन्नौज, कानपुर, झांसी, बांदा, कौशाम्बी, फूलपुर, इलाहाबाद, बाराबंकी, फ़ैजाबाद, बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्टसगंज सीट से सपा चुनाव लड़ेगी.

बसपा की सीटें:

सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, फतेहपुर सिकरी, आंवला, शाहजहांपुर, धौरहरा, सीतापुर, मिश्रिख मोहनलालगंज, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, अकबरपुर, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, अम्बेडकरनगर, कैसरगंज, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया, बांसगांव, लालगंज, घोसी, सलेमपुर, जौनपुर, मछलीशहर, गाजीपुर, भदोही.

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