लोकसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में दो दर्जन सासंदों का टिकट काट सकती है बीजेपी
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लोकसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में दो दर्जन सासंदों का टिकट काट सकती है बीजेपी
पीएम मोदी और अमित शाह (File Photo)

बीजेपी ने फिल्म अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी को दोबारा यहां से मैदान में नहीं उतारने का फैसला लिया है. वहीं उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज का भी पार्टी टिकट काट सकती है.

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  • Last Updated: February 21, 2019, 4:07 PM IST
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लोकसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय जनता पार्टी में अब टिकट पर चर्चा शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों पर पिछले हफ्ते हुई बैठक में करीब 2 दर्जन सांसदों का टिकट काटने का फैसला लिया गया है. सूत्रों की माने तो देवरिया, मथुरा, झांसी, फतेहपुर सिकरी, हरदोई, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, हमीरपुर, इलाहाबाद, बहराइच, डुमरियगंज, राबर्टसगंज, बलिया, सलेमपुर, के सांसदों का टिकट काटना तय है, जबकि कुछ नेताओं के टिकट का फैसला उन पर छोड़ा गया है.

दवेरिया से सांसद कलराज मिश्र को लेकर बहुत दिनों से अटकलों का बाजार गर्म है. लेकिन उनके हरियाणा का प्रभारी बनाए जाने के बाद अब ये साफ हो गया है है कि कलराज मिश्रा देवरिया से चुनाव नहीं लड़ेंगे. वहीं स्थानीय विरोध को देखते पार्टी ने फिल्म अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी को दोबारा मैदान में नहीं उतारने का फैसला लिया है. फतेहपुर सीकरी से सांसद चौधरी बाबूलाल, हरदोई से सांसद अंशुल वर्मा, उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज, फर्रुखाबाद से मुकेश राजपूत, राबर्टसगंज से सांसद छोटे लाल का टिकट भी स्थानीय कारणों से काटा जा सकता है.

अटल सरकार में मंत्री रहे अशोक प्रधान बीजेपी में वापसी के बाद से सुरक्षित सीट तलाशने में लगे हैं. पार्टी उन्हें इटावा सुरक्षित सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है. ऐसे में इटावा से सांसद अशोक दोहरे का टिकट भी खतरे में है. हमीरपुर से सांसद पुष्पेंद्र चंदेल, इलाहाबाद से श्यामाचरण गुप्त, बलिया से सांसद भरत सिंह, सलेमपुर के सांसद रविन्द्र कुशावाहा से गाहे-बगाहे पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयान देकर टिकट कटने वालों की लिस्ट में अपना नाम डलवा चुके हैं.



डुमरियागंज से जगदंबिका पाल इस बार अपनी सीट बदलकर बस्ती जाना चाहते हैं. ऐसे में डूमरियागंज और बस्ती दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदलना तय है. बहराइच से सावित्री बाई फुले पहले ही पार्टी छोड़ चुकी हैं. जबकि झांसी से सांसद और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं.
कानपुर से सांसद मुरली मनोहर जोशी को चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसाल पार्टी ने उनके ऊपर छोड़ा है. पार्टी के अनदरुनी सूत्र इस बात का भी दावा कर रहे हैं कि पार्टी प्रदेश सरकार के 10 कद्दावर मंत्रियों को भी लोकसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है. ऐसे में 10 और सांसदों के टिकट पर ग्रहण लग सकता है. साफ है अभी तो शुरुआत है. जैसे जैसे चुनाव की तारिखें नज़दीक आएंगी और सांसदों के दिल की झड़कने बढ़ेंगी क्योंकि कई मौकों पर बीजेपी का टिकट काटने का फार्मूला हिट रहा है.

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