आखिर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को क्यों आता है गुस्सा?

सीएम योगी कार्यकर्ताओं से इतने नाराज थे कि उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से यहां तक कहा कि आवाज नहीं निकलती है क्‍या. भाड़े पर आएं हैं या कार्यकर्ता ही हैं.

Anil Rai | News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 6:27 PM IST
आखिर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को क्यों आता है गुस्सा?
सीएम योगी (File Photo)
Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: May 9, 2019, 6:27 PM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज-कल गुस्से में हैं. सीएम योगी के गुस्से का ताजा शिकार हुए हैं गोरखपुर बीजेपी के कार्यकर्ता. खबरों की माने तो गोरखपुर शहर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यकर्ताओं से नाराज हो गए. सीएम योगी शहर के 115 बूथ में 15 बूथ के अध्यक्षों के सम्मेलन में नहीं आने से नाराज थे, सीएम योगी कार्यकर्ताओं से इतने नाराज थे कि उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से यहां तक कहा कि आवाज नहीं निकलती है क्‍या. भाड़े पर आएं हैं या कार्यकर्ता ही हैं.

इसके पहले सीएम योगी आदित्यनाथ भरे मंच पर कौशाम्बी में बीजेपी उम्मीदवार विनोद सोनकर से नाराज हो गए थे. नाराजगी ऐसी कि बीजेपी उम्मीदवार को सीएम योगी ने मंच पर ही फटकार लगा दी. योगी प्रतापगढ़ के कुंडा में प्रचार के लिए पहुंचे थे. मंच पर बैठने के लिए नेताओं में होड़ लगी थी, योगी जब भाषण के लिए डायस पर पहुंचे तो कौशांबी से बीजेपी उम्मीदवार विनोद सोनकर फोटो खिंचवाने के लिए उनके पीछे खड़े हो गए. योगी का ध्यान भटका और इन्होंने हजारों समर्थकों के सामने ही विनोद सोनकर को डांट दिया. मुख्यमंत्री को गुस्सा होते देख सुरक्षा गार्ड ने भी पीछे खड़े विनोद सोनकर को धकेल कर वहां से हटा दिया.

चुनाव प्रचार की शुरुआत में ही योगी आदित्यानाथ गाजियाबाद से बीजेपी उम्मीदवार और केन्द्रीय मंत्री वी के सिंह के प्रचार के दौरान भी नाराज हो गए थे. 1 अप्रैल को गाजियाबाद में चुनावी सभा के दौरान कुर्सियां खाली रह गई थीं. मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस सभा के बाद सीएम ने एक स्थानीय मंत्री और संगठन के लोगों को फटकार भी लगाई. ये नाराजगी तो वो है जो मंच पर या कहें जनता के बीच आई. लेकिन, सीएम और भी कई मुद्दों पर नाराज चल रहे हैं. पहले खबर आई कि उत्तर प्रदेश में टिकट वितरण से सीएम नाराज हैं, फिर गोरखपुर में टिकट के मामले पर मुख्यंत्री के नाराज होने की खबरें आई. ताजा मामला बाहुबली नेता राजन तिवारी को लेकर हैं.

मीडिया रिपोर्ट को सही माने तो सीएम योगी, राजन तिवारी को बीजेपी में लाए जाने से ख़ासे नाराज हैं. लेकिन पार्टी इस पर चुप्पी साधे हुए है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर सीएम को चुनाव प्रचार में इतना गुस्सा क्यों आ रहा है. इस बारे में लखनऊ में वरिष्ट पत्रकार योगेश मिश्रा का कहना है कि योगी आदित्यनाथ पार्टी के आंतिरक ढ़ांचे में जो कुछ चल रहा है, उससे सहज नहीं हैं. साथ ही टिकट बंटवारे में कुछ ऐसे लोगों को टिकट दे दिया गया, जिसे वे पंसद नहीं करते थे. ऐसे में उन्हें उनका भी प्रचार करना पड़ रहा है, जो वे नहीं चाहते थे और उनके गुस्से का कारण भी यही है.

वरिष्ट पत्रकार अंबिकानंद सहाय की सोच भी इसी लाइन पर है. अंबिकानंद सहाय का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के साथ ही संगठन और सरकार में मतभेद की खबरें अक्सर आती रही हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान ये खाई थोड़ी और बढ़ी है. जिसके कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थोड़ा असहज महसूस कर रहे हैं और यही असहजता कभी कभी सार्वजनिक स्थल पर दिख जाती है.

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