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जूतामार सांसद के बदले पिता को टिकट, इस सीट से हो सकते हैं उम्मीदवार

Anil Rai | News18 Uttar Pradesh
Updated: April 1, 2019, 9:17 PM IST
जूतामार सांसद के बदले पिता को टिकट, इस सीट से हो सकते हैं उम्मीदवार
संत कबीरनगर से बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी (File Photo/Twitter)

दरअसल गोरखपुर और आसपास के इलाके में ठाकुर और ब्राह्मण वर्चस्व की लड़ाई पुरानी है. अब जूता कांड के बाद दोनों खेमे एक-दूसरे के सामने आ गए हैं.

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अपनी ही पार्टी को विधायक को जूता मारकर चर्चा में आए खलीलाबाद से बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी अब सकंट में घिरते नजर आ रहे हैं. भले ही जूता मारने की घटना के बाद पार्टी और सरकार ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की हो लेकिन अब स्थानीय दबाव के चलते शीर्ष नेतृत्व ने उन पर कार्रवाई का मन बना लिया है. सूत्रों की माने तो इस बार पार्टी शरद त्रिपाठी का टिकट कटना तय है. दरअसल गोरखपुर और आसपास के इलाके में ठाकुर और ब्राह्मण वर्चस्व की लड़ाई पुरानी है. अब जूता कांड के बाद दोनों खेमे एक-दूसरे के सामने आ गए हैं.

हालांकि ठाकुर और ब्राह्मण स्थानीय स्तर पर परस्पर विरोध के बाद भी 90 के दशक से ही बीजेपी के परंपरागत वोटर रहे हैं. ऐसे में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहता कि जूता कांड का असर लोकसभा चुनावों पर पड़े और दोनों में से कोई भी  खेमा नाराज हो जाए क्योंकि कोई भी खेमा नाराज होता है तो नुकसान बीजेपी का है. ऐसे में पार्टी ने घटना के बाद दोनों नेताओं में किसी नेता पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की. साथ ही इतने बड़े हंगामे के बाद कोई प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई भी नहीं की गई.

ब्राह्मण मतदाताओं के लिए बीजेपी ने अपनाया ये फार्मूला

सूत्रों की मानें शरद त्रिपाठी का टिकट कटने के बाद स्थानीय स्तर पर ब्राह्मण मतदाता नराज हो सकते हैं और बीजेपी को इसका नुकसान सीधे-सीधे बीजेपी को हो सकता है. ऐसे में पार्टी शरद त्रिपाठी के पिता और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कद्दावर ब्राह्मण नेता रमापति राम त्रिपाठी को शरद त्रिपाठी की खलीलाबाद (संतकबीर नगर ) या देवरिया लोकसभा सीट से टिकट देकर इस विरोध को खत्म करने की रणनीति बना रही है. देवरिया से रमापति राम त्रिपाठी को मैदान में उतार कर पार्टी एक तीर से दो निशाने साध रही है. देवरिया में कलराज मिश्रा जैसे दिग्गज ब्राह्मण नेता का टिकट कटने के बाद वहां किसी बड़े ब्राह्मण चेहरे की कमी पूरी हो जाएगी. वहीं शरद त्रिपाठी के टिकट कटने का विरोध अपने आप समाप्त हो जाएगा. हालांकि शरद त्रिपाठी और उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी अभी भी संतकबीर नगर सीट से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं.

बीजेपी ठाकुर मतदाताओं को देना चाहती है ये संदेश 

सूत्रों की मानें तो शरद त्रिपाठी के बदले उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी को टिकट देने और सीट बदल कर पार्टी नेतृत्व ठाकुर मतदाताओं को भी ये संदेश देना चाहती है कि पार्टी उनके साथ है और किसी भी हालत में इस तरह का व्यवहार करने वाले को पार्टी आगे नहीं बढ़ाएगी. शरद त्रिपाठी को लेकर पार्टी कोई भी फैसला लेने से पहल हर पहलू पर गंभीर मंथन कर लेना चाहती है और यही कारण है कि आस-पास की सभी सीटों पर उम्मीदवार तय होने के बाद भी अब तक खलीलाबाद सीट पर बीजेपी ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

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First published: April 1, 2019, 11:24 AM IST
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