Home /News /uttar-pradesh /

मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल के बीच अहम भूमिका में नजर आ सकता है यूपी का ये दिग्गज

मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल के बीच अहम भूमिका में नजर आ सकता है यूपी का ये दिग्गज

बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट करवाने और वीडियोग्राफी की मांग की. (फाइल फोटो)

बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट करवाने और वीडियोग्राफी की मांग की. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कई विधायकों के इस्तीफे और सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) द्वारा कई मंत्रियों को हटाने के पत्र के बाद सबकी नजर अब राजभवन पर टिक गई है.

लखनऊ. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस सरकार (Congress Government) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कई विधायकों के इस्तीफे और सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) द्वारा कई मंत्रियों को हटाने के पत्र के बाद सबकी नजर अब राजभवन पर टिक गई है. बता दें मध्यप्रदेश में राज्यपाल लाल जी टंडन हैं, जो उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे हैं. लालजी टंडन इस समय होली मनाने लखनऊ आए हुए हैं. उन्होंने साफ भी कर दिया है कि वह मध्य प्रदेश में स्थिति पर नजर जरूर रखे हुए हैं लेकिन 12 मार्च को भोपाल लौटने के बाद ही वह इस पर कुछ कह पाएंगे. बहरहाल, लालजी टंडन को यूपी में जोड़-तोड़ की राजनीति का महारथी माना जाता है. एक समय ऐसा भी था जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने लालजी टंडन को राखी बांधी थी. लेकिन बसपा से गठबंधन टूटने के बाद ये किस्सा ही बन गया.

पिछले साल ही लालजी टंडन को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया. इससे पहले वह बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. बता दें लालजी टंडन भी बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं. उनकी गिनती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी लोगों में होती थी. अटल बिहारी वाजपेयी के सक्रिय राजनीति से दूर होने के बाद उनकी लखनऊ लोकसभा सीट से लालजी टंडन ही चुनाव लड़े थे.

वैसे लालजी टंडन पार्टी में ही नहीं विरोधियों के बीच भी खासे लोकप्रिय रहे हैं. 12 अप्रैल 1935 को जन्मे लालजी टंडन शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़ गए. संघ से जुड़े रहने के दौरान ही वो अटल बिहारी वाजपेयी के संपर्क में आए. उनके बेटे गोपाल जी टंडन योगी सरकार में मंत्री हैं. लखनऊ में अटलजी और लालजी टंडन की जोड़ी की चर्चा खूब होती थी.

मायावती ने भी बांधीं राखी
दरअसल, यूपी में जब बीजेपी के समर्थन से मायावती की सरकार बनी तो उन्होंने 22 अगस्त 2002 को भाजपा नेता लालजी टंडन को अपना भाई बनाया और उन्हें चांदी की राखी बांधी. भाई-बहन के इस नए रिश्ते के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि बसपा और भाजपा के रिश्ते ठीक भाई-बहन के रिश्ते की तरह ही मजबूत और मधुर होंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कुछ ही महीने बाद गठबंधन टूट गया. इसके बाद हर राखी पर लालजी टंडन बहन मायावती का इंतजार करते रहे लेकिन वो नहीं आईं.

1978 में पहली बार पहुंचे यूपी विधान परिषद
सियासी पारी की बात करें तो लालजी टंडन दो बार यूपी विधान परिषद के सदस्य रहे. पहला कार्यकाल 1978 से 1984 और दूसरा कार्यकाल 1990 से 1996 तक रहा. वहीं, 1991-1992 तक लालजी टंडन यूपी सरकार में मंत्री भी रहें. फिर 1996-2009 तक लगातार चुनाव जीतकर वो विधानसभा पहुंचते रहे. 1997 में वह यूपी में नगर विकास मंत्री भी रहे. साथ ही यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे.
लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से वह पहली बार 2009 में चुनाव लड़े और जीतकर संसद पहुंचे. 2014 में लालजी टंडन की जगह लखनऊ से राजनाथ सिंह चुनाव लड़े.

ये भी पढ़ें:

कमलनाथ के पत्र पर बोले राज्यपाल- अभी लखनऊ में हूं, 12 मार्च को देखेंगे

उन्नाव रेप: प्रियंका का ट्वीट-UP में बच्चों के साथ अपराध की सबसे ज्यादा घटनाएं

Tags: All India Congress Committee, Bhopal news, Jyotiraditya Madhavrao Scindia, Kamalnath, Lucknow news, Madhya pradesh news, Uttarpradesh news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर