करोड़ों के बजट के बावजूद हस्तिनापुर के विकास का शुरू नहीं हुआ काम, BJP विधायक ने उठाये सवाल

केंद्र सरकार ने महाभारतकालीन हस्तिनापुर शहर में विकास कार्यों के लिए बजट में अलग से फंड दिया है (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने महाभारतकालीन हस्तिनापुर शहर में विकास कार्यों के लिए बजट में अलग से फंड दिया है (फाइल फोटो)

विधानपरिषद में बीजेपी विधायक यशवंत सिंह (BJP MLA Yashwant Singh) ने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर करोड़ों रूपये के बजट दिये जाने के बावजूद हस्तिनापुर (Hastinapur) में विकास कार्य अभी तक क्यों शुरू नहीं हो पाया है. बीजेपी विधायक के सवाल पर सरकार ने सदन में जवाब देते हुए कहा है कि इस बारे में पर्यटन विभाग के महानिदेशक से जवाब मांगा गया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 7:56 PM IST
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लखनऊ. महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर (Hastinapur) के विकास को लेकर कोई कदम आगे न बढ़ता देख बीजेपी विधायक यशवंत सिंह (BJP MLA Yashwant Singh) ने विधानसभा में सवाल उठाया है. विधानपरिषद में यशवंत सिंह ने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर करोड़ों रूपये के बजट दिये जाने के बावजूद हस्तिनापुर में विकास कार्य अभी तक क्यों शुरू नहीं हो पाया है. बीजेपी विधायक के सवाल पर सरकार ने सदन में जवाब देते हुए कहा है कि इस बारे में पर्यटन विभाग के महानिदेशक से जवाब मांगा गया है.

बता दें मेरठ के हस्तिनापुर को नरेंद्र मोदी सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित किया था. इसके विकास के लिए बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था की थी. इस घोषणा के लंबे समय के बाद भी हस्तिनापुर में ढेले भर का काम नहीं हो पाया है. इससे दुखी बीजेपी विधायक यशवंत सिंह ने नियम 115 के तहत सरकार से सवाल पूछा है कि केंद्र सरकार की घोषणा और बजट जारी किये जाने के बावजूद हस्तिनापुर में विकास कार्य क्यों नहीं शुरू हो पा रहा है.

मेरठ जिले में स्थित हस्तिनापुर महाभारतकालीन नगर है. यहां आज भी महाभारत काल के स्थल मौजूद हैं लेकिन, उनकी हालत बेहद दयनीय हो गयी है. इसे लेकर बीजेपी के विधायक और लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति ने लंबे समय से अभियान चला रखा था. इस बाबत योगी सरकार में भी बातचीत की गयी थी. यह प्रयास चल ही रहे थे कि इसी बीच केन्द्र सरकार ने हस्तिनापुर के विकास के लिए फंड की घोषणा कर दी. हालांकि अभी विकास कार्य शुरू नहीं हो पाये हैं. इस बारे में पर्यटन महानिदेशक को सदन में जवाब देना होगा.
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