लखनऊ: मरीज़ करता रहा वीडियो चैट, हो गई ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उन्नाव निवासी एक 20 वर्षीय युवक के ब्रेन ट्यूमर की अवेक सर्जरी अपने परिवार के साथ वीडियो चैट करते हुए की गई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 1, 2019, 11:40 AM IST
लखनऊ: मरीज़ करता रहा वीडियो चैट, हो गई ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी
अपोलो के डायरेक्टर डॉ सुशिल गट्टानी और डॉ रविशंकर
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Updated: August 1, 2019, 11:40 AM IST
वीडियो चैट पर ज्यादातर लोग तो बात ही करते हैं, लेकिन अगर कोई वीडियो चैट करके ब्रेन ट्यूमर की जटिल सर्जरी करवाए तो वाकई उसकी हिम्मत की दाद देनी होगी और करने वाले की भी. लखनऊ के अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हुई ये सर्जरी शायद उत्तर प्रदेश में की गई पहली ब्रेन सर्जरी है, जिसमें मरीज अपने परिवार से वीडियो चैट करते हुए ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी करवाई हो.

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उन्नाव निवासी एक 20 वर्षीय युवक के ब्रेन ट्यूमर की अवेक सर्जरी अपने परिवार के साथ वीडियो चैट करते हुए की गई. अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉक्टर रवि शंकर ने बताया कि 20 वर्षीय नवयुवक को ब्रेन में बांयी ओर 5 सेमी का ट्यूमर था. जिसकी वजह से उसका दांया हाथ और पैर कमजोर हो रहा था. ये ट्यूमर एक लाख में से 2 लोगों में पाया जाता है. इसकी सर्जरी मरीज़ को बिना बेहोश हुए की जाती है. मरीज़ को इसकी जानकारी देने पर उसने घबराहट के कारण परिवारीजनो के सामने सर्जरी करवाने की इच्छा जताई. लेकिन सर्जरी के दौरान परिवार का ओटी में रहना संभव नहीं था. ऐसे में डॉक्टर ने मरीज को सर्जरी के दौरान वीडियो चैट प्रस्ताव दिया. जिस पर मरीज भी राज़ी हो गया. चार घन्टे तक चले इस आपरेशन के दौरान मरीज अपने परिवार से वीडियो चैट से सम्पर्क में था और उसकी सर्जरी कब पूरी हो गई उसको पता भी न चला.

इस बीमारी से लकवाग्रस्त हो सकता है मरीज

डॉक्टर रविशंकर ने बताया कि मरीज बीते दो साल से शरीर में कमजोरी से परेशान था इस ट्यूमर में ज्यादातर मरीज को ब्रेन के जिस दिशा में ट्यूमर होता है उसकी उल्टी दिशा का हाथ-पैर काफी कमजोर होने लगता है और कमजोरी इतनी बढ़ जाती है कि मरीज के शरीर का अंग लकवाग्रस्त भी हो सकता है. सर्जरी के बाद अब मरीज पूर्णतः स्वस्थ है और सामान्य रूप से अपने कार्य कर रहा है.

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ सुशील गट्टानी ने इस सफल सर्जरी का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा की अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलटी हॉस्पिटल में आने वाले हर मरीज को विश्व विख्यात सुविधा देना उनका पहला उद्देश्य है. उपचार के उपरान्त मरीज सचिन को 4 दिन बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई.
First published: August 1, 2019, 11:40 AM IST
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