नोएडा क्षेत्र को उत्तर भारत का सबसे बड़ा ‘लॉजिस्टिक हब’ बनाने की तैयारी में योगी सरकार

सोमवार को लखनऊ में उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने पर चर्चा की (फाइल फोटो)
सोमवार को लखनऊ में उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने पर चर्चा की (फाइल फोटो)

उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि प्रदेश को 'औद्योगिक प्रदेश' बनाने का अभियान शुरू हो गया है. राज्य सरकार प्रदेश में निवेश का उत्तम वातावरण बनाने के लिए शुरू से प्रयासरत रही है. बीते तीन वर्षों में बहुत कुछ बदला है, बदलाव की यह प्रक्रिया जारी है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:23 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र (Greater Noida Area) को उत्तर भारत के सबसे बड़े ‘लॉजिस्टिक हब’ (Logistic Hub) के रूप में स्थापित करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को 'औद्योगिक प्रदेश' बनाने का अभियान शुरू हो गया है. राज्य सरकार प्रदेश में निवेश का उत्तम वातावरण बनाने के लिए शुरू से प्रयासरत रही है. बीते तीन वर्षों में बहुत कुछ बदला है, बदलाव की यह प्रक्रिया जारी है.

सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक सोमवार को उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही. फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने 'उत्तर प्रदेश को निवेश के अनुकूल प्रदेश’ बनाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी.






सीएम योगी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वस्त्रोद्योग, पर्यटन और फिल्म आदि क्षेत्रों में निवेश के अवसरों के अतिरिक्त सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन में उपलब्ध असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित की जा रही ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. इससे 'मेक इन इंडिया डिफेंस' के लिए राज्य में विद्यमान विशाल एमएसएमई आधार को लाभ मिलेगा. डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है. नए निवेशकों के लिए प्रदेश में 20 हजार एकड़ का एक ‘भूमि बैंक’ (लैंड बैंक) तैयार है.

राज्य सरकार एक व्यापक भूमि बैंक नीति की योजना बना रही 

मुख्य्मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक व्यापक भूमि बैंक नीति की योजना बना रही है, जिसमें लैंड लीजिंग, लैंड पूलिंग, एक्सप्रेस-वे के किनारे तेजी से अधिग्रहण, अतिरिक्त भूमि की सब-लीजिंग आदि विषय सम्मिलित होंगे. बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-आईटी आधारित स्टार्ट-अप्स को भी प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार करते हुए उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप नीति-2020 और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफक्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा भी की गई है. इसके अलावा, डेटा सेंटर नीति, फार्मा और नई खाद्य प्रसंस्करण नीति भी शीघ्र घोषित की जाने वाली है. (भाषा से इनपुट)
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