Lockdown in Lucknow: बाजार बंदी 21 अप्रैल तक बढ़ी, व्यपारी नेता बोले- जान बचाएं, पैसा बाद में कमा लेंगे

लखनऊ में 21 तक बढ़ी बाजार बंदी

लखनऊ में 21 तक बढ़ी बाजार बंदी

Market Lockdown in Lucknow: लखनऊ के वरिष्ठ व्यापारी नेता सतीश अग्रवाल ने रविवार को व्यापार मंडल ग्रुप में एक मैसेज डालकर कहा कि इस संक्रमण काल में जो लोग दुकानें खोल रहे हैं, उनसे अपील है कि वे खुद की और अपने परिवार की जान बचाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 10:16 AM IST
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लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लगातार सामने आ रहे कोरोना (COVID-19) के भयावह आंकड़ों के बीच कारोबारियों ने बाजार को 21 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है. अब बुधवार को हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया जाएगा कि बाजार खोले जाएं या फिर बंदी जारी रखी जाए. यह जानकारी व्यापर मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, पदाधिकारी सतीश अग्रवाल, केदार बाजपेई और उत्तम कपूर ने दी.

बता दें बंदी के दौरान हजरतगंज, अमीनाबाद, आलमबाग, नाका चौक, भूतनाथ, लाटूश रोड, गौतमबुद्ध मार्ग, शिवजी मार्ग और पांडेयगंज समेत अन्य बाजारों में दुकानें नहीं खुलेंगी. इस दौरान कपड़ा, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम का कारोबार ठप रहेगा. उधर, हजरतगंज मार्केट 22 अप्रैल तक बंद रहेगा. गौरतलब है कि राजधानी में तेजी से फ़ैल रहे संक्रमण को देखते हुए व्यापर मंडल ने स्वयं बंदी का निर्णय लिया है.

जान बचाएं, पैसा बाद में कमा लेंगे

राजधानी के वरिष्ठ व्यापारी नेता सतीश अग्रवाल ने रविवार को व्यापार मंडल ग्रुप में एक मैसेज डालकर कहा कि इस संक्रमण काल में जो लोग दुकानें खोल रहे हैं, उनसे अपील है कि वे खुद की और अपने परिवार की जान बचाएं. जान रहेगी तो पैसा बाद में भी कमा लेंगे.
21 अप्रैल तक यूपी में सर्राफा कारोबार बंद

इंडियन बुलियन और ज्वेलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 21 अप्रैल तक प्रदेश में सर्राफा कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा. प्रदेश अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी ने बताया कि एसोसिएशन की प्रत्येक जिला इकाई के अध्यक्ष एवं महामंत्री की सहमति से यह फैसला लिया गया है.

लखनऊ में दोगुनी रफ़्तार से बढ़ रहा संक्रमण



दरअसल, राजधानी कोरोना की दूसरी लहर में भयावह दौर से गुजर रहा है. यहां 8 दिन में ही संक्रमण की दर दोगुनी हो गई है. पिछले 24 घंटे में 5551 नए केस सामने आए, जबकि 22 लोगों की मौत संक्रमण की वजह से हुई. हालांकि, इस दौरान 2348 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज भी हुए.
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