यूपी: NGT के आदेश के बाद भी जमकर हुई आतिशबाजी, फूटा प्रदूषण बम

रोक के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी
रोक के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी

लखनऊ (Lucknow) वासियों ने एनजीटी (NGT) और प्रशासन के आदेश को ताक पर रख कर रात भर जमकर आतिशबाजी की. राजधानी के सभी क्षेत्रों में खूब पटाखे जलाए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 7:42 AM IST
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लखनऊ. दीपावली (Deepawali) पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के रोक के बाद भी यूपी में जमकर आतिशबाजी (Firecrackers) हुई, जिसकी वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. एनजीटी ने राजधानी लखनऊ समेत यूपी के 13 शहरों में पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध लगाया था. इसके बावजूद ने सर धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री हुई बल्कि लोगों ने जमकर आतिशबाजी की. आलम यहाँ रहा हकी लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, नोएडा समेत कई जिलों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया.

राजधानी का एक्यूआई लेवल 881 तक पहुंचा

जिला और पुलिस की लापरवाही की वजह से लोगों में पर्यावरण को लेकर कोई चिंता नहीं दिखी. लखनऊ वासियों ने एनजीटी और प्रशासन के आदेश को ताक पर रख कर रात भर जमकर आतिशबाजी की. राजधानी के सभी क्षेत्रों में खूब पटाखे जलाए गए. आतिशबाजी की वजह से वायु प्रदूषण खतरनाक हो गया, जिसकी वजह से सांस  के मरीजों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ. आतिशबाजी की वजह से लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 441 हो गया. शनिवार देर रात तक लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 881 था पर था. बता दें 50 डिजिट तक के एयर क्वालिटी इंडेक्स को अच्छा माना जाता है.



ऐसा ही कुछ आगरा, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, नोएडा में भी देखने को मिला. पिछले तीन-चार दिनों से 300 के आसपास चल रहा प्रदूषण दीपावली की रात खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. शाम तक तो लोगों ने खूब संयम बरता, लेकिन इसके बाद लोगों ने एनजीटी के आदेशों को आग लगा दी. कानपुर में एक्यूआई लेवल 522, मुरादाबाद में 411, मेरठ और आगरा में भी 400 के पार पहुंच गया.
प्रशासन पूरी तरह दिखा फेल

एनजीटी के बैन के बाद जिला प्रशासन ने सभी पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस तो निरस्त कर दिए इसके बावजूद लोगों ने न सिर्फ पटाखा खरीदा पर जमकर उसे फोड़ा भी. पुलिस अवैध रूप से बिके पटाखों को रोकने में असफल रही, इसके बाद जब लोग आतिशबाजी करने लगे तो उन्हें रोकने में भी असफल रही, जबकि आदेश में कहा गया था कि पटाखा बहकने और उसे जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. कई जिलों में तो पुलिस के पहुंचने में लोग आतिशबाजी रोक दे रहे थे, उनके जाते ही फिर शुरू हो जा रहे थे.
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