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Good News: आपके घरों से निकलने वाले कूड़े से लखनऊ नगर निगम बनाएगी सस्ती सीएनजी

नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि कूड़े के निस्तारण के लिए लंबे वक्त से कंपनी की तलाश चल रही थी. आखिरकार अब इस पर कै ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. लखनऊवासियों के लिए एक अच्छी खबर है.यहां के घरों से निकलने वाले गीले कूड़े के जरिए नगर निगम बायो सीएनजी गैस बनाएगा. नगर निगम लंबे वक्त से एक ऐसी कंपनी की तलाश कर रहा था जो कि प्लांट लगाकर कूड़े का निस्तारण करे और गीले कूड़े के जरिए बायो सीएनजी गैस बनाए. आखिरकार नगर निगम को इसमें सफलता मिल गई है और एक कंपनी को प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी है.अगले 2 साल के अंदर यह प्लांट लग जाएगा. यहां पर 300 टन गीले कचरे से 20 हजार किलो बायो सीएनजी गैस बनाई जाएगी.

नगर निगम को सरकारी गाड़ियों को चलाने के लिए इस प्लांट की ओर से 5 रूपये सस्ती दरों पर सीएनजी गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे न सिर्फ कंपनी का फायदा होगा बल्कि नगर निगम का भी फायदा होगा. नगर निगम ने अभी तक कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी इको ग्रीन नाम की एक कंपनी को दे रखी थी जो कूड़े निस्तारण में पूरी तरह से फेल साबित हुई है. यही वजह है कि मोहान रोड स्थित शिवरी प्लांट पर कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है. कूड़े का निस्तारण प्लांट लग जाने से शहर में जो डंपिंग ग्राउंड है.

आपके शहर से (लखनऊ)

300 टन गीले कचरे से लगभग 20 हजार किलो बायो सीएनजी बनाई
मोहन रोड पर जो शिवरी प्लांट है यहां से भी कूड़ा कम हो जाएगा. यही नहीं डंपिंग ग्राउंड के आसपास के घरों के लोगों को भी राहत होगी. बता दें कि लखनऊ शहर से लगभग 1600 टन कूड़ा औसतन निकलता है. 8 लाख टन घन मीटर मौजूदा समय में मोहन रोड के शिवरी प्लांट पर कूड़ा पड़ा हुआ है. 300 टन गीले कचरे से लगभग 20 हजार किलो बायो सीएनजी बनाई जा सकती है. खास बात यह है कि जिस कंपनी का नगर निगम के साथ करार होगा कंपनी को नगर निगम सिर्फ जमीन देगा बाकी के संसाधन कंपनी को खुद ही जुटाने होंगे.

कचरा अलग करके देगा नगर निगम
कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम की यह जिम्मेदारी होगी कि कूड़े को अलग करके कंपनी को दे. मतलब गीला और सूखा कूड़ा अलग करके कंपनी को दिया जाएगा. रोजाना लगभग 300 टन कचरा नगर निगम देगा जिससे 20 हजार किलो बायो सीएनजी बनाई जाएगी.

कंपनी और निगम दोनों का फायदा
कूड़े के निस्तारण के लिए जिस कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी वह सीएनजी को बेचकर मुनाफा कमाएगी. गोबर की भी खपत हो जाएगी. कंपनी नगर निगम को 5 रूपए प्रति किलो सस्ती सीएनजी देगी. जिससे नगर निगम की गाड़ियों को चलाने के लिए सीएनजी बाजार से सस्ती मिलेगी.

अधिकारी बोले
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि कूड़े के निस्तारण के लिए लंबे वक्त से कंपनी की तलाश चल रही थी. आखिरकार अब इस पर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.अगले 2 साल में प्लांट लग जाएगा और गीले कूड़े के जरिए बायो सीएनजी गैस बनाई जाएगी.

Tags: Lucknow city, Lucknow news

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