लखनऊ: 600 साल के इतिहास में इस बार नहीं होगा मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतलों का दहन

इस बार उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ही कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.
इस बार उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ही कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.

लखनऊ की ऐशबाग रामलीला (Aishbag Ramleela) में रावण के पुतले को बनाने का भी विशेष आयोजन होता था. प्लाईवुड की लकड़ियों से इस पुतले को बनाया जाता था.

  • Share this:
लखनऊ. लगभग 600 साल पुरानी लखनऊ की ऐशबाग रामलीला (Aishbag Ramleela) में शायद यह पहला मौका रहा हो जब बिना दर्शकों के रामलीला हुई और अब बिना दर्शकों के ही रावण दहन होगा. ऐशबाग रामलीला कमेटी पिछले 12 दिनों से ऑनलाइन रामलीला का मंचन कर रही है, जिसमें बहुत गिने-चुने लोग ही हिस्सा ले रहे हैं. कोरोना के संक्रमण काल में अब बारी रावण दहन (Ravana Dahan) की है. देशभर में कल रावण दहन किया जाएगा. लखनऊ (Lucknow) की ऐशबाग रामलीला में भी शाम 7:30 बजे रावण दहन का कार्यक्रम होगा. लेकिन इस बार कार्यक्रम में महज 200 चुनिंदा लोग ही हिस्सा लेंगे. बाहर से किसी भी व्यक्ति को आने की परमिशन नहीं होगी. जिन्हें निमंत्रण दिया जाएगा उन्हें ही रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत मिलेगी.

रामलीला समिति के सचिव ने बताया, क्योंकि 200 लोगों के ही कार्यक्रम में प्रतिभाग करने की इजाजत सरकार की तरफ से है. इसलिए कोरोना के प्रोटोकॉल को पालन कराते हुए हम लोग रावण दहन का कार्यक्रम करेंगे. हालांकि, इस बार बहुत कुछ बदला रहेगा. इस बार केवल रावण का पुतला दहन किया जाएगा. यानी रावण के साथ जलने वाले मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले होंगे ही नहीं. मतलब केवल एक रावण के पुतले को ही जलाया जाएगा. कमेटी के सचिव ने बताया कि पिछली बार हम लोगों ने 121 फीट के पुतले जलाए थे, लेकिन इस बार मात्र 71 फीट का पुतला बनाया गया है.

रावण के पुतले को बनाने का भी विशेष आयोजन होता था
लखनऊ की ऐशबाग रामलीला में रावण के पुतले को बनाने का भी विशेष आयोजन होता था. प्लाईवुड की लकड़ियों से इस पुतले को बनाया जाता था. बाहर से कारीगर आते थे लेकिन इस बार औपचारिकताओं को निभाते हुए बांस की खप्पचियों पर पुतला बनाया जा रहा है. और महज औपचारिकताएं ही कि जाएंगी. पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी ज़रूर होगी पर कोरोना के संक्रमण को देखते हुए ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी. हालांकि, पुतले दहन का कार्यक्रम भी समिति के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जाएगा. आपको बता दें कि ऐशबाग की रामलीला में एक बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया था और वह आए भी थे. समिति के सचिव कहते हैं अगर सब कुछ ठीक रहता तो इस बार हम महामहिम राष्ट्रपति को आमंत्रित करना चाहते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार कोई भी वीआईपी नहीं होगा. उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ही कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज