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लखनऊ के चर्चित माज़ हत्याकांड में बर्खास्त इंस्पेक्टर संजय राय समेत सात दोषी
Lucknow News in Hindi

Rishabh Mani | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 27, 2020, 8:08 AM IST
लखनऊ के चर्चित माज़ हत्याकांड में बर्खास्त इंस्पेक्टर संजय राय समेत सात दोषी
सांकेतिक तस्वीर

माज की हत्या किसी फिल्मी मर्डर मिस्ट्री से कम नहीं थी. संजय राय ने पुलिसिया दिमाग लगाते हुए इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी.

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लखनऊ. अपर एवं सत्र न्यायाधीश सपना सिंह की कोर्ट ने 2013 के चर्चित माज़ सिद्दीकी हत्याकांड (Maaz Siddiqui Murder Case) में बर्खास्त इंस्पेक्टर संजय राय (Inspector Sanjay Rai) समेत सात आरोपियों को दोषी करार दिया है. 28 फरवरी को कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी.

संजय राय, रामबाबू उर्फ छोटू, अजीत राय उर्फ सिंटू, संदीप राय, राकेश सोनी, सुनील सैनी उर्फ़ पहलवान और राहुल राय को कोर्ट ने माज़ की हत्या का दोषी करार दिया है. कोर्ट ने अभियुक्त संजय राय, रामबाबू, अजीत राय, संदीप राय व राकेश सोनी को आईपीसी की धारा 302, 120बी, जबकि सुनील सैनी उर्फ पहलवान व राहुल राय को आईपीसी की धारा 449, 302, 34 में दोषी करार दिया है.

ये है मामला

29 मई 2013 को थाना इंदिरा नगर में हुस्न बानो ने एफआईआर दर्ज कराई थी की 29 मई की रात 10:30 बजे भतीजा माज़ अपने चचेरे भाई फैजान के साथ घर में टीवी देख रहा था. तभी बाइक सवार तीन युवक आए और उन्होंने खटखटा कर दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खुलते ही युवकों ने माज़ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी, जिससे माज़ की मौत हो गई.



महिला दरोगा से असफल प्रेम में हुई थी हत्या

एफआईआर में हुस्न ने पहले करीबी रिश्तेदारों को आरोपी बनाया था, लेकिन जांच के दौरान सर्विलांस सेल के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय का नाम सामने आया था. कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि माज़ की बहन व महिला दरोगा के साथ असफल प्रेम संबंधों के चलते साजिश रच कर संजय राय ने माज़ की हत्या करवाई थी.

फ़िल्मी अंदाज में रची गई थी हत्या की साजिश

माज की हत्या किसी फिल्मी मर्डर मिस्ट्री से कम नहीं थी. संजय राय ने पुलिसिया दिमाग लगाते हुए इस पूरे हत्याकांड की साजिश रची थी. हालांकि सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसके पूरे ताने-बाने का पर्दाफाश कर दिया था.

एकतरफा प्यार में रची गई साजिश

दरअसल, संजय राय जब गाजीपुर थाने का इंचार्ज था तो उसकी मुलाकात एक ट्रेनी महिला दरोगा से हुई. शादीशुदा संजय राय उससे एकतरफा प्यरा करने लगा. कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक चला. लेकिन मार्च 2013 में दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. इस बीच संजय को पता चला कि महिला दरोगा की नजदीकियां किसी अकमल नाम के शख्स से बढ़ी है. इसके बाद उसने हत्याकांड की साजिश रची. उसका प्लान था कि घर के किसी एक सदस्य की हत्याकर अकमल को उसमें फंसा दिया जाए. हत्या के लिए उसने आजमगढ़ व मऊ से पांच शूटरों को हत्या की सुपारी दी थी.

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First published: February 27, 2020, 8:07 AM IST
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