कोरोना से अनाथ बच्चों के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की तैयारी पूरी, जानें पात्रता से लेकर आवेदन तक की प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 4 जून से सभी जिलों में अस्पतालों की ओपीडी शु़रू करने का फैसला किया है. (File Photo: सीएम योगी आदित्यनाथ)

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 4 जून से सभी जिलों में अस्पतालों की ओपीडी शु़रू करने का फैसला किया है. (File Photo: सीएम योगी आदित्यनाथ)

UP CM Child Care Scheme: इस योजना में 18 साल तक के ऐसे बच्चे (Children’s) शामिल किए जाएंगे, जिनके मां-बाप दोनों की मौत कोरोना (Corona Death) से हो गई हो या फिर माता- पिता में से किसी एक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पहले हुई हो.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की वजह से अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण से लेकर उनके पढ़ने-लिखने के लिए बनाई गई ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ (CM Child Care Scheme) की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस योजना में पात्रता से लेकर आवेदन तक की प्रक्रिया तय कर दी गयी है और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दे दी गई है. यह योजना उत्तर प्रदेश के महिला कल्याण विभाग (Women Welfare Department) की तरफ से चलाई जाएगी, जिसमें योजना का उद्देश महामारी में अनाथ हुये बच्चों की सारी जरूरतें पूरी करना है. इस योजना में भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था सरकारी खर्च पर की जाएगी.

इस योजना में 18 साल तक के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके मां-बाप दोनों की मौत कोरोना से हो गई हो या फिर माता- पिता में से किसी एक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पहले हुई हो. इसके अलावा नवजात से 18 साल के बच्चे, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मौत कोराना के कारण हुई हो और वहां परिवार का खर्च चलाने वाला वही हो, उसे भी योजना का लाभ मिलेगा.

योजना का लाभ पाने क्या करना होगा

इस योजना का लाभ पाने के लिए बच्चे और अभिभावक की फोटो सहित आवेदन पत्र देना होगा. माता पिता और बच्चे का फोटो देना होगा. इस बात के प्रमाण देने होंगे कि मौत कोरोना से ही हुई है. आय प्रमाणपत्र (Income Certificate) और बच्चे का आयु प्रमाण पत्र(Age Certificate) , शिक्षण संस्थान में दाखिले का प्रमाण पत्र ( Admission Certificate) और उत्तर प्रदेश का निवासी होने का प्रमाण पत्र (Domicile Certificate0 देना होगा.
प्रतिमाह 4000 देगी सरकार

यूपी सरकार की योजना के तहत 18 साल तक की बच्चे के संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिया जाएगा. इसके साथ शर्त भी होंगी कि उसका औपचारिक शिक्षा के लिए किसी स्कूल में एडमिशन कराया गया हो. कक्षा एक से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवास विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी विद्यालय में दाखिला दिया जाएगा. अगर बच्चे की संरक्षक इन विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिलाना चाहते हों तो बच्चों की देखरेख और पढ़ाई के लिए 18 साल तक होने तक या कक्षा 12 की शिक्षा पूरी होने तक 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे.

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