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मंत्री स्वाति सिंह के परिवार की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी का मामला, नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत पांच पर आरोप तय

नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत पांच पर आरोप तय
नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत पांच पर आरोप तय

Lucknow News: सोमवार को सुनवाई के दौरान सभी अभियुक्त अदालत में उपस्थित थे. 12 जनवरी, 2018 को इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 506, 509, 153ए, 34, 149 व पॉक्सो एक्ट की धारा 11 (1) के तहत भी आरोप पत्र दाखिल किया गया था

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 8:24 AM IST
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) की एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) के विशेष जज पवन कुमार राय ने यूपी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह (Minister Swati Singh) के परिवार की महिलाओं व उनकी बेटी के लिए अभद्र टिप्पणी के मामले में बसपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Naseemuddin Siddiqui) व राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar), तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम (Mewalal Gautam), अतर सिंह राव और नौशाद अली  के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. आरोप तय करने के साथ ही कोर्ट ने गवाहों को तलब करने का भी आदेश दिया. इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी. बता दें कि जुलाई 2016 में स्वाति सिंह की सास तेतरा देवी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.

गौरतलब है कि सोमवार को सुनवाई के दौरान सभी अभियुक्त अदालत में उपस्थित थे. 12 जनवरी, 2018 को इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 506, 509, 153ए, 34, 149 व पॉक्सो एक्ट की धारा 11 (1) के तहत भी आरोप पत्र दाखिल किया गया था.

यह है पूरा मामला
वर्ष 2016 में बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष व स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी. जिससे भड़के नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर व मेवालाल की अगुवाई में बसपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर प्रदर्शन किया. इस दौरान स्वाति सिंह, उनकी बेटी और सास के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया. 22 जुलाई, 2016 को इस मामले की नामजद एफआईआर स्वाति सिंह की सास ने थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी. जिसके मुताबिक 20 जुलाई, 2016 को बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य सभा में उन्हें, उनकी बेटी, उनकी बहू व नातिन और उनके परिवार की सभी महिलाओं को गालियां दीं व अपशब्द कहे. जबकि इसके दूसरे दिन उनके पुत्र को गालियां दी और अभद्र टिप्पणी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। वर्ग और जातीय भेद बताते हुए भीड़ को हिंसा के लिए उत्तेजित किया. उनके पुत्र की 12 वर्षीय बेटी के लिए खुलेआम अमर्यादित नारे लगाए. जो बलात्कार की श्रेणी में आते हैं.
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