शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन वसीम रिजवी बोले- कोरोना महामारी खत्म होते ही लागू हो CAA-NRC

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी

Lucknow News: वसीम रिजवी ने कहा बंगाल चुनाव के नतीजों ने दिखा दिया है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर ममता बनर्जी को वोट दिया. यह हिंदुस्तान के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

  • Share this:
लखनऊ. कुरान ने 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) के पूर्व चैयरमैन वसीम रिज़वी (Waseem Rizvi) का एक और बयान सामने आया है जो मुस्लिम समुदाय को आक्रोशित कर सकता है. वसीम रिजवी ने एक वीडियो सन्देश जारी कर मांग की है कि कोरोना महामारी (Corona Pandemic) खत्म होते ही देश में सीएए और एनआरसी (CAA-NRC) लागू किया जाए, क्योंकि बंगाल चुनाव के नतीजों ने दिखा दिया है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर ममता बनर्जी को वोट दिया. यह हिंदुस्तान के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

वसीम रिजवी ने अपने वीडियो संदेश में यह भी मांग की है कि देश भर से छोटे मदरसे बंद होने चाहिए. उन्होंने कहा कि जिनको मदरसों में पढ़ना हो वे कक्षा 10 के बाद दाखिला लें. साथ ही उन्होंने कहा कि कुरान की 26 आयतों जो कहीं न कहीं मतभेद पैदा कर रही हैं, आतंकी तालीम दे .रही हैं और जिनकी आज कोई जरुरत नहीं है उनका प्रचार प्रसार मस्जिदों से बैन किया जाना चाहिए.

Youtube Video


देश में गृह युद्ध छेड़ने की साजिश
वसीम रिजवी ने कहा कि बंगाल का चुनाव इसका उदाहरण है कि वक्त आ गया है कि देश में सीएए और एनआरसी लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि बंगाल में सबसे ज्यादा बांग्लादेश के मुसलमान घुसपैठ किये हुए है. हिंदुस्तान में जहां-जहां घुसपैठिए हैं, वो एक मकसद के तहत आए हैं. बंगाल के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ और हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर उन्होंने ममता बनर्जी को वोट दिया. जहां मुस्लिम निर्णायक वोट था वो सभी सीटें ममता बनर्जी ने जीती है. ये मुसलमान किसी के वोट बैंक नहीं हैं, किसी सियासी पार्टी के साथ नहीं हैं. वो हिंदुत्व और बीजेपी के दुश्मन हैं. वो उसी को वोट देते हैं जो बीजेपी को हरा रही हो. ये अच्छे संकेत नहीं हैं. ये हिंदुस्तान को बर्बाद करने के संकेत हैं. हिंदुस्तान को मजबूत और देश का विकास करने के लिए सभी धर्मों को एकजुट होना पड़ेगा. जिस तरह से विभाजन हो रहा है, सियासी पार्टियां तोड़ने की कोशिश कर रही हैं, यह देश में गृह युद्ध छेड़ने की कोशिश है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज