योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, अमिताभ ठाकुर समेत तीन आईपीएस जबरन रिटायर

IPS अमिताभ ठाकुर को दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति

IPS अमिताभ ठाकुर को दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति

Lucknow News: सीनियर आईपीएस अमिताभ ठाकुर गलत कारणों से हमेशा चर्चा में रहे. मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी अदावत भी खूब सुर्ख़ियों में रही. इतना ही नहीं उन पर आय से अधिक संपत्ति मामले समेत कई अन्य आरोपों में भी घिरे रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 9:07 AM IST
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लखनऊ. अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पालिसी पर काम कर रही सूबे की योगी सरकार (Yogi Government) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर (Amitabh Thakur) समेत तीन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति दे दी है. केंद्र की सहमति के बाद जिन अफसरों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें 2005 बैच के राकेश शंकर और 2006 बैच के राजेश कृष्ण भी शामिल हैं.  हाल के दिनों में आईपीएस अफसरों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई हैं.

गौरतलब है कि सीनियर आईपीएस अमिताभ ठाकुर गलत कारणों से हमेशा चर्चा में रहे. मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी अदावत भी खूब सुर्ख़ियों में रही. इतना ही नहीं उन पर आय से अधिक संपत्ति मामले समेत कई अन्य आरोपों में भी घिरे रहे. इतना ही नहीं वे दो बार निलंबित भी हुए. जांच लंबित होने की वजह से प्रमोशन भी नहीं मिला। कई संवेदनशील मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया की वजह से वे सरकार के लिए हमेशा मुसीबत खड़ी करते रहे.

राकेश शंकर पर था ये आरोप

अगर राकेश शंकर की बात करें तो वे उस वक्त सुर्ख़ियों में आए जब देवरिया के मां विंध्यवासिनी नारी संरक्षण गृह में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया. उस वक्त वे देवरिया के पुलिस अधीक्षक थे. उस दौरान उन पर आरोपियों का साथ देने का आरोप लगा और वे एक बार निलंबित भी हुए.
राजेश कृष्ण घूस लेते हुए थे गिरफ्तार

राजेश कृष्ण की बात करें तो उन पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे थे. वर्ष 2006 में पीएसी में भर्ती के लिए घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार भी हुए. तभी से उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही थी. यही वजह था कि उनका प्रमोशन भी नहीं हुआ. अब सरकार ने उन्हें जबरन रिटायर कर दिया है.
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