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ये हैं महाठग राशिद नसीम, एक इंच जमीन नहीं और बेच दिए हजारों प्लाॅट, पुलिस ने रखा है 50 हजार इनाम

ये हैं महाठग राशिद नसीम, एक इंच जमीन नहीं और बेच दिए हजारों प्लाट, पुलिस ने रखा है 50 हजार इनाम

ये हैं महाठग राशिद नसीम, एक इंच जमीन नहीं और बेच दिए हजारों प्लाट, पुलिस ने रखा है 50 हजार इनाम

लखनऊ पुलिस ने रियल एस्टेट के फर्जी कारोबारी नसीम पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. इसके अलावा ईडी ने भी महाठग समेत शाइन सिटी कंपनी के छह अफसरों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

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लखनऊ. लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने रियल एस्टेट (Real Estate) के फर्जी कारोबारी राशिद नसीम (Rashid Naseem) पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. इसके अलावा ईडी ने भी महाठग समेत शाइन सिटी कंपनी के छह अफसरों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है.यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि शाईन सिटी कंपनी के मालिक राशिद नसीम और उसकी कंपनीपर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 2500 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. सिर्फ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में 238 केस हैं.

राशिद नसीम मूल रूप से प्रयागराज करेली के जीटीबी नगर का रहने वाला है. बताते हैं कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी स्पीक एशिया में मैनेजर था. कंपनी की ठगी की योजनाएं समझने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी और लखनऊ आ गया. जनवरी 2013 में उसने शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रियल स्टेट कंपनी शुरू की. उसने सस्ते दाम में प्लाॅट का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी.

राशिद नसीम के पास एक इंच भी जमीन नहीं थी, लेकिन उसने राजधानी लखनऊ की सीमा से सटे इलाकों में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का प्रचार प्रसार शुरू किया. शातिर राशिद ने किसानों से उनके खेत में अपनी कंपनी के प्रोजेक्ट के होर्डिंग लगाने के लिए संपर्क किया. वह किसानों को एक होर्डिंग लगाने के एवज में हर महीने 25 से 30 हजार रुपये किराया देता था. सिर्फ एक होर्डिंग लगाने के इतने रुपये मिलने पर किसान आसानी से राजी हो जाते थे. इस तरह उसने जगह-जगह खेतों में अपनी हाउसिंग स्कीमों के होर्डिंग लगाकर लोगों को अपनी प्रेजेक्ट साइट बताकर विजिट करा कर रुपये जुटाना शुरु कर दिया.

राशिद ने पूरे प्रदेश और फिर देश के कई राज्यों में नेटवर्क फैलाया. आकर्षक कमीशन का लालच देकर उसने छोटे-छोटे जिलों और शहरों में अपने एजेंट तैयार किए. इन एजेंट के जरिए उसने लोगों से निवेश में मुनाफा, प्लाॅट और मकान देने के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपया इकट्ठा किया. 3 साल पहले राशिद ने शाइन सिटी कंपनी का ऑफिस बंद कर दिया और दुबई भाग गया.

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UP आबकारी विभाग का चौंकाने वाला फैसला- घर पर 4 बोतल शराब रखने के लिए लेना होगा होम बार लाइसेंस, चुकानी होगी भारी कीमत

UP: घर पर बार का लेना होगा लाइसेंस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

UP News: जानकारी के अनुसार होम बार के लिए जिला आबकारी विभाग में निवेदन किया जा सकता है, जिसे डीएम की तरफ से अप्रूव किया जाएगा. होम बार लाइसेंस के एक साल की फीस 12 हजार रुपये और सिक्यॉरिटी डिपॉजिट 51 हजार रुपये का होगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग (Excise Department) ने नया नियम जारी किया है. यूपी में अब घर में शराब (Wine) की 4 बोतल रख सकते हैं. अधिकारियों के अनुसार जिन्हें घर में बार के लाइसेंस लेना है, उनके लिए भी अधिकतम लिमिट तय की गई है. शराब की 15 कैटिगरी में 72 बोतल ही अधिकतम रखी जा सकती है. आबकारी अधिकारियों के अनुसार इस नियम के तहत मकसद किसी का उत्पीड़न करना नहीं, बल्कि उन लोगों को कानूनी मान्यता दिलवाना है, जो घर पर अपना निजी बार बनाना चाहते हैं. अब घर में 750 एमएल की चार बोतल शराब ही रख सकते हैं. इसमें दो भारतीय ब्रांड और दो विदेशी ब्रांड शामिल रहेगी. जो लोग इससे अधिक शराब घर में रखना चाहते हैं, उनके लिए घर में बार के लाइसेंस लेना पड़ेगा.

केवल इतना ही नहीं, नए नियमों के तहत दुकान से थोक में शराब की बोतलें खरीदने वालों से होम बार लाइसेंस दिखाने को भी कहा जा सकता है. जानकारी के अनुसार होम बार के लिए जिला आबकारी विभाग में निवेदन किया जा सकता है, जिसे डीएम की तरफ से अप्रूव किया जाएगा. होम बार लाइसेंस के एक साल की फीस 12 हजार रुपये और सिक्यॉरिटी डिपॉजिट 51 हजार रुपये का होगा.

UP: योगी सरकार बढ़ाएगी बीयर का उत्पादन, बड़े शहरों में ज्यादा शराब की दुकानें खुलवाने के निर्देश

बता दें कि होम बार लाइसेंस के तहत अधिकतम व्हिस्की की 6 इम्पोर्टेड और 4 भारतीय ब्रांड की बोतल, रम की 2 इम्पोर्टेड और 1 भारतीय ब्रांड की बोतल, वोडका की 2 इम्पोर्टेड और 1 भारतीय ब्रांड की बोतल, वाइन की 1-1 इम्पोर्टेड और भारतीय ब्रांड की बोतल, बीयर की 12 इम्पोर्टेड और 6 भारतीय ब्रांड की कैन रखने की इजाजत है. लेकिन सबसे खास बात है कि राजधानी लखनऊ में अभी तक किसी ने भी होम लाइसेंस के लिए अप्लाई नहीं किया है. आबकारी विभाग ने घरों तक अभियान चलाने की बात कह रही है.

UP: योगी सरकार बढ़ाएगी बीयर का उत्पादन, बड़े शहरों में ज्यादा शराब की दुकानें खुलवाने के निर्देश

शराब का लाइसेंस लेने के लिए किया जाएगा प्रेरित (प्रतीकात्मक तस्वीर)

UP News: उन्होंने सभी जिला आबकारी अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में इच्छुक लोगों से संपर्क कर अधिक से अधिक माइक्रोबिवरी और प्रीमियम रिटेल वेंड शॉप खोले जाने के लिए प्रयास करे.

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लखनऊ. यूपी में बीयर (Beer) बनाने वाली छोटी इकाइयों (माइक्रो ब्रेवरीज) की संख्या बढ़ाने की फैसला योगी सरकार ने किया है. इसके साथ ही शापिंग मॉल में विदेशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय आर.भूसरेड्डी ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अब तक नोएडा, गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, आगरा में कुल 11 माइक्रोबिवरीज लगाई जा सकी हैं और प्रीमियल रिटेल वेंड शाप भी अभी संख्या में कम ही खुल पाये हैं. बड़े शहरों में माइक्रोब्रिवरी और प्रीमियम रिटेल वेंड शॉप खुलने की पर्याप्त सम्भावना हैं.

उन्होंने सभी जिला आबकारी अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में इच्छुक लोगों से संपर्क कर अधिक से अधिक माइक्रोबिवरी और प्रीमियम रिटेल वेंड शॉप खोले जाने के लिए प्रयास करे. माइक्रो बेवरी एवं प्रीमियम रिटेल वेंड शाॅप के संबंध में समीक्षा करते हुए यह भी कहा कि कोविड के दौरान रिटेल ब्रांड शाप नहीं खुल पाई, प्रयास कर के अधिक से अधिक खुलवाने का प्रयास किया जाए. होटल, बार एवं बार रेस्टोरेन्ट अनुज्ञापन के प्राप्त आवेदन पत्रों जो अभी तक लम्बित हैं, उन पर शीघ्र कार्यवाही पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.

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प्रवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा में सभी जनपदों को अवैध शराब के निर्माण, विक्रय और तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाया जाय और परिणाम दायी प्रवर्तन कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाय. इसके साथ ही आबकारी आयुक्त द्वारा नदियों के कछार इलाकों में अवैध कच्ची शराब बनाये जाने वाले अड्डों तथा इण्डस्ट्रियल एरिया में नकली शीशी, ढ़क्कन आदि बनाये जाने की फैक्ट्रियों, बहुत दिनों से बन्द पड़े स्थानों तथा कोल्ड स्टोरेज को लगातार चेक करने का निर्देश दिया गया. आबकारी आयुक्त ने पश्चिमी जिलों के बार्डर पर अवैध शराब की तस्करी की रोकथाम कि लिए चौकस रहने का कड़ा निर्देश दिया गया है.

UP B.Ed Counselling 2021 : पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट आज होगी जारी

UP B.Ed Counselling 2021 :  सीट अलॉटमेंट जारी होने के बाद फीस पेमेंट करनी होगी.

UP B.Ed Counselling 2021 : यूपी बीएड की पहले राउंड की काउंसलिंग के बाद सीट अलॉटमेंट लिस्ट आज जारी हो सकती है. पहले राउंड में 75000 रैंक तक के अभ्यर्थियों का एडमिशन होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 25, 2021, 11:30 IST
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नई दिल्ली. UP B.Ed Counselling 2021 : लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के पहले राउंड की काउंसलिंग के बाद सीट अलॉटमेंट लिस्ट आज जारी करेगा. हालांकि विश्वविद्यालय ने सीट अलॉमेंट लिस्ट जारी करने के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है. सीट अलॉटमेंट एक बार जारी हो जाने के बाद इसे लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर चेक किया जा सकेगा. किसी भी अपडेट के लिए लखनऊ विवि की वेबसाइट पर विजिट करते रहें.

यूपी बीएड के पहले राउंड की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू हुई थी. पहले राउंड में 75000 रैंक तक के अभ्यर्थियों को सीट अलॉट की जाएगी. सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी हो जाने के बाद सीट कन्फर्म करके फीस का पेमेंट करना होगा. फीस पेमेंट की प्रक्रिया 26 सितंबर 2021 से शुरू होगी. बता दें कि बीएड काउंसलिंग के दूसरे राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. इसके लिए इस तरह रजिस्ट्रेशन करें-

ऐसे करना है दूसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन
– सबसे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर जाएं
– अब होम पेज पर JEE B.Ed. 2021-23 Counselling लिंक पर क्लिक करें
– अब सीट अलॉटमेंट लिंक पर क्लिक करें
– अब काउंसलिंग लॉग इन का एक पेज ओपन होगा
– इसमें अपना लॉग इन क्रेडेंशियल एंटर करके सबमिट करें
– अब काउंसलिं के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करें

दो लाख से अधिक सीटों पर होगे एडमिशन
बीएड की कुल 2,35,310 सीटें हैं. इसमें से 7830 सीटें विश्वविद्यालयों और राजकीय या सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में हैं. जबकि 2,27,480 सीटें स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में हैं. इसके अलावा प्रत्येक महाविद्यालय में 10 प्रतशित अतिरिक्त सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए होंगी. हालांकि, इडब्लूएस के लिए अतिरिक्त सीटें अल्पसंख्यक संस्थानों में नहीं होंगी.

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोले- OBC को जनसंख्या के अनुपात में हक नहीं देना चाहती बीजेपी

UP: अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा धन-बल की समर्थक (File pic)

UP Election 2022: इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा करते हुए कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा.

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लखनऊ. यूपी के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) बीजेपी पर हमलावर हैं. उन्होंने कहा है कि बीजेपी ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक नहीं देना चाहती है. शनिवार को अखिलेश यादव ने ट्वीट करके लिखा- भाजपा सरकार ने लंबे समय से चली आ रही ‘ओबीसी’ समाज की गणना की मांग को ठुकरा कर साबित कर दिया है कि वो ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ को गिनना नहीं चाहती है क्योंकि वो ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक़ नहीं देना चाहती है. धन-बल की समर्थक भाजपा शुरू से ही सामाजिक न्याय की विरोधी है.

इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा करते हुए कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा. उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा ‘चौवन गुज़रे, छह महीने बचे इस दंभी सरकार के किसान, गरीब, महिला व युवा पर अत्याचार के बेरोज़गारी, महंगाई, नफ़रत व ठप्प कारोबार के बहकावे, फुसलावेवाली, जुमलेबाज़ सरकार के नहीं चाहिए ऐसी सरकार, जिसका सच है: ठगका साथ, ठगका विकास, ठगका विश्वास, ठगका प्रयास.

अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव कहते हैं कि सरकार गरीबों की झोपड़ी तोड़ रही है और घरों को नुकसान पहुंचा रही है, इस सरकार को अपना चुनाव चिन्ह भी बुलडोजर रख लेना चाहिए. सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो अधिकारी नक्शा निकालकर गरीबों का घर बुल्डोज कर रहे हैं. अयोध्या में जिन लोगों के घर गिराए गए हैं सपा सरकार बनने पर उनकी मदद की जाएगी. बता दें कि अखिलेश लगातार योगी सरकार पर हमला कर हैं और अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

'सबका साथ सबका विकास' के नारे के बीच क्या है BJP की कास्ट पॉलिटिक्स! जानिए छोटे दलों की अहमियत

UP Election: धर्मेंद्र प्रधान ने यूपी में बीजेपी की जीत का तैयार किया खाका (File photo)

UP Election 2022: निषाद पार्टी ने 2018 गोरखपुर उपचुनाव लड़ा था और उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से जीत हासिल की थी. हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनावों में, इसने पाला बदल लिया और भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले सियासी संग्राम को लेकर हलचल दिखाई पड़ने लगी है. दलों में आपसी सियासी जोड़-तोड़ का जोर दिखाई देने लगा है. बीजेपी के लिए इस चुनाव में छोटे दलों की अहमियत काफी बढ़ गई है. दलों में आपसी सियासी जोड़-तोड़ का जोर दिखाई देने लगा है. यूपी चुनाव में बीजेपी और निषाद पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे. समझौते के तहत सम्मान जनक सीटें होगी ऐसा दावा केंद्रीय मंत्री और यूपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने किया है. भारतीय जनता पार्टी का उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सवर्ण आधार है, एक मतदाता आधार है तो दूसरी तरफ जिसे विपक्षी पार्टी बहुजन समाज पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है.

बीजेपी इस चुनाव में फोकस ओबीसी पर कर रही है. भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को लखनऊ में आगामी 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए निषाद पार्टी और अपना दल के साथ औपचारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की है. इस मौके पर प्रधान और यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी मौजूद थे. गौरतलब है कि निषाद पार्टी ने 2018 गोरखपुर उपचुनाव लड़ा था और उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से जीत हासिल की थी. हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनावों में, इसने पाला बदल लिया और भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया. निषाद पार्टी के उम्मीदवार और संजय निषाद के बेटे, प्रवीण कुमार ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और 2019 के चुनाव में संत कबीर नगर से जीत हासिल की.

निषाद पार्टी ने बीजेपी से मांगी 100 सीटें
पिछले दिनों निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने यूपी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संकल्प यात्रा की शुरुआत की थी. इस बीच उन्होंने दावा किया था कि वह बीजेपी से 100 से ज्यादा सीटों की मांग करेंगे. तब उन्होंने आरोप लगाए थे कि यूपी में नौकरशाही एक बड़ी बाधा बनती जा रही है और इसी वजह से बीजेपी से उनकी बात नहीं बन रही. हालांकि अब दोनों दलों में गठबंधन हो चुका है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री और यूपी बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान यूपी में बीजेपी की जीत का खाका तैयार करने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर रहे. चुनाव प्रभारी के रूप में प्रधान का यह पहला दौरा रहा.

भुगतना पड़ेगा बीजेपी को खामियाजा
इस बीच उन्होंने छोटे दलों से गठबंधन का ऐलान कर धीरे से कास्ट पॉलिटिक्स को भी आगे बढ़ा दिया ताकि आगे की राहें आसान हो सके. कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी कहते हैं कि बीजेपी नफरत की राजनीति करती है. वे कहते हैं कि हमारी नेता प्रियंका गांधी जब सवाल करती हैं कि कोरोना काल मे लाखों लोगों के मरने पर, बेरोजगारों पर, किसानों पर तो इनके पास कोई जवाब नहीं है. ये किसी से गठबंधन कर लें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. जनता सब समझती है. प्रसपा नेता दीपक मिश्रा भी कहते हैं कि बीजेपी प्रतीकों का दुरुपयोग कर राजनीति करती है. उन्होंने अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को जाट नेता साबित करने और मिहिर भोज को गुर्जर साबित करने पर निशाने पर लेते हैं. वे कहते हैं इनका गठबंधन भी जातीय राजनीति से प्रेरित है आने वाले समय मे बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

UP News Live Updates: महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में CBI ने प्रयागराज में डाला डेरा, SIT ने सौंपे सभी दस्तावेज

Uttar Pradesh: महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में CBI ने प्रयागराज में डाला डेरा (File photo)

Uttar Pradesh News Live: सीबीआई विशेष अपराध तृतीय नई दिल्ली के पुलिस अधीक्षक बसील केरकेट्टा ने छह सदस्यीय टीम का गठन महंत की मौत की जांच के लिए किया है. जांच टीम अपर पुलिस अधीक्षक सीबीआई विशेष अपराध तृतीय केएस नेगी के नेतृत्व में विवेचना को आगे बढ़ाएगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 25, 2021, 09:36 IST
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UP News Live Updates 25 September 2021: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के संदिग्ध मौत मामले में शनिवार को सीबीआई (CBI) की टीम प्रयागराज पहुंच गई है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिया. इस मामले में सीबीआई ने केस भी दर्ज कर लिया है. महंत नरेंद्र गिरि की मौत हत्या थी या आत्महत्या, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सीबीआई ने 6 सदस्यीय टीम का गठन किया है. सीबीआई विशेष अपराध तृतीय नई दिल्ली के पुलिस अधीक्षक बसील केरकेट्टा ने छह सदस्यीय टीम का गठन महंत की मौत की जांच के लिए किया है. जांच टीम अपर पुलिस अधीक्षक सीबीआई विशेष अपराध तृतीय केएस नेगी के नेतृत्व में विवेचना को आगे बढ़ाएगी.

मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की टीम प्रयागराज पहुंची थी. बता दें कि सोमवार को महंथ नरेंद्र गिरी मृत पाए गए थे, मगर उन्होंने आत्महत्या की थी या हत्या हुई थी, अब तक इस राज से पर्दा नहीं उठ पाया है.

UPSC Results 2020: पहले प्रयास में बाराबंकी के आदर्श बने IPS, बिना कोचिंग हासिल की 149वीं रैंक

UPSC CSE Final Result 2020: आदर्श के पिता निजी फर्मों में एकाउंटेंट का काम करते हैं.

Barabanki News: आदर्श ने बताया कि उन्होंने साईं इंटर कालेज लखपेड़ाबाग से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की थी. इसके बाद नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ से बीएससी में गोल्ड मेडल हासिल किया था.

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बाराबंकी. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने शुक्रवार शाम को सिविल सेवा परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित कर दिया. यूपी के बाराबंकी (Barabanki) जिले के एक होनहार छात्र ने इतिहास रचते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की है. मयूर विहार कॉलोनी के रहने वाले आदर्श कांत शुक्ला ने केवल 22 साल की उम्र में यूपीएससी का एग्जाम 149वीं रैंक के साथ पास किया और आईपीएस बन गए हैं. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि से न केवल अपने माता-पिता बल्कि जिले का भी नाम रोशन किया है. सबसे खास बात यह है कि आदर्श कांत शुक्ला ने पहले ही अटेंप्ट में और घर में ही पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की. उन्होंने यूपीएससी के एग्जाम के लिये किसी तरह की तरह की कोचिंग नहीं की.

बता दें कि आदर्श कांत शुक्ला बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील के मड़ना ग्राम के मूल निवासी हैं. आदर्श के पिता राधाकांत शुक्ला ने बताया कि वह निजी फर्मों में एकाउंटेंट का काम करते हैं. उनकी पत्नी गीता शुक्ला एक गृहिणी हैं. करीब 20 साल पहले वह गांव से बाराबंकी शहर में आकर बस गए थे. वह बीवी-बच्चों के साथ पहले किराए के मकान में रहते थे. उसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने अपना मकान बाराबंकी के ओबरी स्थित मयूर विहार कॉलोनी में बनवा लिया.

यह भी पढ़ें- UPSC Results 2020: UP के एक IPS और 10 PCS अफसरों को भी मिली कामयाबी, बनाया नया कीर्तिमान

आदर्श ने बताया कि उन्होंने साईं इंटर कालेज लखपेड़ाबाग से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की थी. इसके बाद नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ से बीएससी में गोल्ड मेडल हासिल किया था. फिर यूपीएससी की तैयारी कर पिछले साल उन्होंने परीक्षा दी थी. यूपीएससी एग्जाम के समय इनकी उम्र 21 साल ही थी. आदर्श की एक बहन भी हैं, स्नेहा शुक्ला. वह एलएलएम करने के बाद पीसीएस जे की तैयारी कर रही हैं. आदर्श का कहना है कि उनकी उपलब्धि में उनके माता-पिता का अहम योगदान है.

UPSC Results 2020: UP के एक IPS और 10 PCS अफसरों को भी मिली कामयाबी, बनाया नया कीर्तिमान

यूपी कैडर के आईपीएस शाश्वत त्रिपुरारी बने आईएएस

UPSC Results: प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उपजिलाधिकारी (SDM) के पद पर तैनात अन्य 9 PCS अफसरों ने भी इस बार यूपीएससी परीक्षा में काफी शानदार प्रदर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

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लखनऊ. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित कर दिया. इस बार उत्तर प्रदेश के कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. यूपी कैडर के 2019 बैच के IPS अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने UPSC-2020 की परीक्षा में 19वीं रैंक हासिल की है, तो वहीं 2020 बैच के PCS अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने भी 29वीं रैंक के साथ एक बड़ी सफलता हासिल की है. जबकि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उपजिलाधिकारी (SDM) के पद पर तैनात अन्य 9 PCS अफसरों ने भी इस बार UPSC परीक्षा में काफी शानदार प्रदर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. यह पहला मौका है जब एक साथ उत्तर प्रदेश के 10 PCS अफसरों ने UPSC परीक्षा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.

UPSC-2020 में शानदार प्रदर्शन कर यूपी कैडर के 2019 बैच के आईपीएस शाश्वत त्रिपुरारी ने 19वीं रैंक हासिल कर अपने आईएएस बनने का सपना पूरा किया है. वहीं, पीसीएस प्रखर कुमार सिंह ने 29वीं रैंक हासिल कर आईएएस अफसर बनने में कामयाबी हासिल की है.

इन्हें भी मिली सफलता
इसके अलावा 2020 बैच के पीसीएस शिवकाशी दीक्षित ने 64वीं और 2018 बैच के पीसीएस आदित्य सिंह ने भी 92वीं  रैंक हासिल की है. 2017 बैच की बुशरा बानो ने 234वीं, पीसीएस-2019 बैच के अभिषेक सिंह ने 240वीं, पीसीएस-2010 की प्रिया यादव ने 276वीं, पीसीएस-2018 के अपूर्व भारत ने 362वीं, पीसीएस 2020 के रजत कुमार पाल ने 394वीं, पीसीएस 2019 विपिन द्विवेदी ने 557वीं और पीसीएस 2019 के टॉपर विशाल सारस्वत ने 591वीं रैंक हासिल कर UPSC-2020 की परीक्षा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.

UP TGT-PGT Result : यूपी पीजीटी का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें नतीजे

UP TGT-PGT Result : पीजीटी इंटरव्यू की सूचना 10 दिन पूर्व दी जाएगी.

UP TGT-PGT Result : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने टीजीटी-पीजीटी भर्ती का रिजल्ट जारी कर दिया है. टीजीटी भर्ती परीक्षा 07-08 अगस्त और पीजीटी भर्ती परीक्षा 17-18 अगस्त को हुई थी. पीजीटी में अब इंटरव्यू होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 25, 2021, 07:44 IST
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नई दिल्ली. UP TGT-PGT Result : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने पीजीटी भर्ती के 12 विषयों की लिखित परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं. चयन बोर्ड ने पीजीटी के रिजल्ट शुक्रवार की देर रात जारी किए. अभ्यर्थी अपने नतीजे upsessb.org पर जाकर चेक किया जा सकता है. बोर्ड ने रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, संस्कृत, कला, तर्कशास्त्र, सैन्य विज्ञान, गृह विज्ञान एवं संगीत वादन का परिणाम घोषित किया गया है. इसके साथ ही संशोधित आंसर-की भी जारी की गई है.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के उप सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने कहा है कि फाइनल आंसर की के सापेक्ष अब कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी. वहीं, पीजीटी अभ्यर्थियों के इंटरव्यू की सूचना इंटरव्यू से 10 दिन पूर्व दी जाएगी. उन्होंने बताया कि पीजीटी भर्ती परीक्षा 17 और 18 अगस्त को यूपी के सभी 75 जिलों में आयोजित की गई थी. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों के 5198 पदों पर भर्ती होनी है. इसमें से 12603 पद टीजीटी के लिए और शेष 2595 पद पीजीटी के लिए हैं.

ऐसे चेक करें नतीजे
– सबसे पहले   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की वेबसाइट  upsessb.org पर जाएं
– अब होम पेज पर यूपी पीजीटी के रिजल्ट का लिंक मिलेगा
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UP: पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला गिरफ्तार, ऐसे करता था करोड़ों की एक्साइज और टैक्स चोरी

Lucknow: अश्विनी अपने भांजे विधायक अमन मणि के सरकारी आवास में छुपा था

Lucknow News: उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मिलीभगत से अश्वनी ही करीब के डिस्ट्रीब्यूशन प्वॉइंट पर चार दिन के अंदर एक गेट पास पर दो बार ट्रकों के चक्कर लगवाता था.

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लखनऊ. एक्साइज ड्यूटी और टैक्स चोरी कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह के सदस्य और 25 हजार के इनामी अपराधी अश्वनी उपाध्याय को यूपी एसटीएफ (UP STF) ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी अश्वनी पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के सगा साला है. कोर्ट ने आरोपी अश्वनी को 7 अक्तूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. यूपी एसटीएफ ने पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के लखनऊ किसान पथ पर बने फार्म हाउस के सामने से अश्वनी को गिरफ्तार किया.

एसटीएफ के एडिशनल एसपी विशाल विक्रम के मुताबिक अश्विनी उपाध्याय अपने भांजे विधायक अमन मणि त्रिपाठी के सरकारी आवास पर भी कुछ दिन छिपा था. एसटीएफ ने इसी साल 3 मार्च को सहारनपुर की शराब फैक्ट्री को ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड और वहां के स्थानीय आबकारी डिस्ट्रीब्यूटर, ट्रांसपोर्ट और फैक्टरी में नियुक्त आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से भारी मात्रा में अवैध शराब निकाल कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह का खुलासा किया था. इस गिरोह के अब तक 8 आरोपियों के एसटीएफ गिरफ्तार कर चुकी है.

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कंपनी के सेल्स हेड और पीआरओ अश्विनी कुमार पर 25 हज़ार रुपये का इनाम था जिसे गिरफ्तार किया गया है. एडिशनल एसपी ने बताया कि फैक्ट्री में नियुक्त आबकारी विभाग के अधिकारियों और कंपनी के मालिकों की मिलीभगत से कागजातों में हेरा फेरी कर करोड़ों रुपए के टैक्स और एक्साइज ड्यूटी की चोरी की गई है. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मिलीभगत से अश्वनी ही करीब के डिस्ट्रीब्यूशन प्वॉइंट पर चार दिन के अंदर एक गेट पास पर दो बार ट्रकों के चक्कर लगवाता था. एक ही बिल्टी पर एक्साइज टैक्स की बड़ी चोरी करता था. इस दौरान आरोपी सीसीटीवी कैमरे व ट्रकों के जीपीएस भी बंद होते थे. बताया जा रहा है कि एक्साइज विभाग के अधिकारियों को प्रति ट्रक करीब 7.50 लाख रुपये दिया जाता था.

योगी का नाम लेते ही धड़कने लगता है अपराधियों का दिल: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Maharajganj: सेना को मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी छूट

Maharajganj News: राजनाथ सिंह ने कहा कि अपनी एमएससी की पढ़ाई के दौरान मैंने डबल रोल वाली राम और श्याम फिल्म देखी थी. किसी एक्टर का डबल रोल तो देखा था लेकिन आज मैं योगी आदित्यनाथ को डबल नहीं मल्टीपल रोल में देखता हूं. यह अदभुत रोल है.

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महराजगंज. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे अब उत्तम प्रदेश बनने से कोई नहीं रोक सकता है. उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में गुंडे वर्दी पर भारी पड़ते थे आज वर्दीधारी उन गुंडों पर भारी हैं. योगी सरकार ने अपराधियों की 18600 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. अपराधियों का मनोबल तोड़ना और सज्जनों का मनोबल बढ़ाना ही सत्ता का धर्म है और सीएम योगी आदित्यनाथ यही कर रहे हैं.

राजनाथ सिंह शुक्रवार को महराजगंज के चौक बाजार स्थित गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय में राष्ट्रसंत गोरक्षपीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

रक्षा मंत्री ने कहा कि नींद में भी उत्तर प्रदेश ही नहीं भारत का कोई मां का लाल यह नहीं कह सकता कि सीएम योगी के शासनकाल में भ्रष्टाचार की कहीं नींव रखी गई. यदि हम उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना चाहते हैं तो कानून व्यवस्था इसकी पहली शर्त है. इस सच्चाई को कोई भी नहीं नकार सकता, यहां तक हमारे विरोधी भी, कि यूपी में योगी आदित्यनाथ एक ऐसी शख्सियत हैं जिनका नाम लेते ही अपराधियों का दिल धड़कने लगता है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सूझबूझ देखिए 2017 में जब उत्तर प्रदेश की कमान सौंपने की बात आई तो उन्होंने योगी आदित्यनाथ को चुना जो सर्वस्वीकार्य हैं.

सेना को मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी छूट
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज भारत कमजोर नहीं दुनिया का ताकतवर देश है. सेना को हमने हिदायत दे रखी है कि पहला आक्रमण हम नहीं करेंगे. यह हमारे देश का प्राचीन इतिहास भी रहा है, लेकिन किसी ने भी आक्रमण करने की पहल की तो सेना को किसी का इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. आक्रमण करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. आज कोई भी हमारी एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता है.

मल्टीपल रोल वाले है योगी जी
राजनाथ सिंह ने कहा कि अपनी एमएससी की पढ़ाई के दौरान मैंने डबल रोल वाली राम और श्याम फ़िल्म देखी थी. किसी एक्टर का डबल रोल तो देखा था लेकिन आज मैं योगी आदित्यनाथ को डबल नहीं मल्टीपल रोल में देखता हूं. यह अदभुत रोल है.

...तो इसलिए महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्‍थी सुलझाना CBI के लिए है बेहद जरूरी

सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या या हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है.

Mahant Narendra Giri Death Investigation: महंत नरेंद्र गिरी का शव बीते सोमवार को प्रयागराज (Prayagraj) के बाघम्बरी मठ में फांसी से लटका मिला था. हाल के दिनों में यह दूसरा हाईप्रोफाइल मामला है, जो सीबीआई (CBI) के जिम्मे आया है. इससे पहले झारखंड के धनबाद कोर्ट के जज उत्तम आनंद (Judge Uttam Anand) की मौत के मामले की जांच भी सीबीआई के जिम्मे आई थी.

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नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Narendra Giri Death Case) के मामले की जांच शुरू कर दी है. यूपी सरकार के अनुरोध के बाद भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की सीबीआई जांच को मंजूरी दी है. बता दें कि महंत नरेंद्र गिरी का शव बीते सोमवार को प्रयागराज के बाघम्बरी मठ में पंखे से लटका मिला था. हाल के दिनों में यह दूसरा हाईप्रोफाइल मामला है, जो सीबीआई के जिम्मे आया है. इससे पहले झारखंड के धनबाद कोर्ट के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच भी सीबीआई के जिम्मे आई थी. जज उत्तम आनंद की मौत में अभी तक सीबीआई को कुछ भी हाथ नहीं लगा है, जबकि इस मामले को हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जुलाई महीने में ही सीबीआई के हवाले किया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की हत्या या आत्महत्या के मामले को कितना जल्दी सुलझा लेगी? इस तरह के मामलों में क्या है सीबीआई का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड?

सूत्रों की मानें तो सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या या हत्या को सुलझाने के लिए कई स्तरों पर काम करना शुरू कर दिया है. सबसे पहले देशभर के अलग-अलग फोरेंसिक टीमों को इस काम में लगाया गया है. ये एक्सपर्ट्स अलग-अलग तरीके से मामले की फोरेंसिक जांच कर सीबीआई को बताएंगे. वहीं, सीबीआई इस घटना को रिक्रिएशन कर यह समझने की कोशिश करेगी कि वाकई में गिरि की मौत आत्महत्या थी या फिर हत्या की गई?

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सीबीआई की आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों में निपटाने की सफलता का दर 69.19 प्रतिशत है.

सीबीआई के लिए क्यों है यह अहम केस?
कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को लेकर एक सख्त टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये धारणा है कि सीबीआई को मिलने वाले मामलों में सफलता दर कम रहता है. इसलिए सीबीआई अवरोधों को पहचान कर कोर्ट को अवगत कराए. न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने सीबीआई के निदेशक को निर्देश दिया था कि वह छह सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर बताए कि एजेंसी कितने मामलों में निचली अदालतों और उच्च न्यायलयों में आरोपियों को दोषी साबित करने में सफल रही है.

क्या कहती है यह रिपोर्ट
बता दें कि पिछले साल केंद्रीय सतर्कता आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई की आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों में निपटाने की सफलता का दर 69.19 प्रतिशत रही है. सीबीआई ने एक साल पहले की तुलना में 2019 में 21 फीसदी कम ममलों का रजिस्ट्रर्ड किया या पूछताछ की. साल 2018 में सीबीआई के पास 899 मामले आए थे और इतने मामलों में ही पूछताछ की, जबकि साल 2019 में 710 मामालों में ही ऐसा किया गया.

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पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई थी.

क्यों सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई?
पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई, जब उसे पता चला कि एक मामले में 542 दिनों की देरी के बाद अपील दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इन्हीं सब बातों को ध्यान में रख कर अब सीबीआई के कामकाज का विश्लेषण करने का फैसला किया है. हालांकि, साल 2018 की तुलना में 2019 में सीबीआई की सफलता का दर 68 प्रतिशत से बढ़कर 69.19 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

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कुलमिलाकर अगले कुछ दिनों में सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट में कई अहम सवालों का जवाब देना है. जैसे, कितने मामलों में अभी तक सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालयों में सीबीआई अभियुक्तों को दोषी ठहराने में सफल रही है? दूसरा, सीबीआई निदेशक कानूनी कार्यवाही के संबंध में विभाग को कितना मजबूत कर रहे हैं? तीसरा, सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट को बताना होगा कि अब देश की अदालतों में कितने मामले लंबित हैं और कितने समय पर हैं? चौथा, अभी निपटाए जा रहे केसों और सफलतापूर्वक पूरे किए गए मामलों का पूरा लिस्ट सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट को देना होगा.

Court News: ATS स्पेशल कोर्ट ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को 10 दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा

UP: अवैध धर्मांतरण केस में यूपी एटीएस को मौलाना कलीम सिद्दीकी की 10 दिन की रिमांड मिल गई है.

Lucknow News: मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में आज अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को एटीएस स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने मौलाना कलीम को 10 दिन की एटीएस की कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

बता दें मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इस संबंध में बताया था कि 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. ये मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

जांच में पुष्टि हुई कि मौलाना कलीम देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी के अनुसार मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. इसके ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.

Exclusive : मंदिरों पर सरकार का आधिपत्य मंज़ूर नहीं, विरोध में जल्द छेड़ा जाएगा अभियान : विहिप

विहिप के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार. (न्यूज़18 क्रिएटिव इमेज)

विश्व हिंदू परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार ने news18 पर खास तौर से बयान देते हुए कहा कि मंदिरों पर सरकारी व्यवस्था नहीं होना चाहिए. उत्तराखंड के तीर्थ पुरोहितों के लगातार विरोध के मद्देनज़र इसे बड़ा बयान माना जा रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 21:55 IST
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प्रीत‍ि
नई दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद जल्द ही मंदिरों पर सरकार के आधिपत्य के विरोध में एक मुहिम छेड़ने के मूड में है. इस मुहिम के मुखिया और विश्व हिंदू परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार का साफ कहना है कि देश भर में सभी मंदिरों पर सरकार का कोई आधिपत्य नहीं होना चाहिए. आलोक कुमार ने न्यूज़18 के साथ खास बातचीत में कहा कि सरकार का जब अधिपत्र मंदिरों पर होता है, तो मंदिरों में जो काम होने चाहिए, वो काम नहीं हो पाते हैं. जैसे पहले मंदिरों में स्कूल हुआ करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाता है.

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड को लागू किया गया है, जिसके चलते चारों धाम सहित कई मंदिर सरकार के प्रबंधन के अधीन आ गए हैं. वहीं, उत्तराखंड में इस बोर्ड का विरोध लंबे समय से तीर्थ पुरोहित कर रहे हैं. इस बारे में आलोक कुमार ने कहा, ‘मैं हाल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था. मैंने उनसे कहा था कि मंदिरों को सरकारों के अधीन नहीं होना चाहिए. इस पर उन्होंने विचार विमर्श करने के लिए कहा है.

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उत्तराखंड में चार धाम संबंधी तीर्थ पुरोहित लंबे समय से देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने की मांग कर रहे हैं.

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यूपी के मंदिरों पर भी कुमार ने की बात
जहां तक बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत उत्तर प्रदेश के मंदिरों की बात है, वो भी सरकार के अधीन हैं. ‘उसको लेकर भी हम बात कर रहे हैं कि वहां भी सरकार का आधिपत्य नहीं होना चाहिए. हालांकि इस विषय पर अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई बात हमारी नहीं हुई है. लेकिन आने वाले समय में हम एक प्रपोज़ल तैयार कर केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्य सरकारों को भेजेंगे.’

UP TET: यूपी में होने जा रही 51 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती, जानिए कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

UP Teacher Recruitment 2021: यूपी में जल्द ही 51 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की भर्ती होगी.

UP Teacher Recruitment 2021: राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके 51 हजार 112 पदों की जानकारी दी थी वहीं समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 73 हजार 711 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 18:48 IST
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नई दिल्ली. UP Teacher Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में 51 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है. इसके लिए प्रदेश के परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 28 नवंबर 2021 को अध्यापक पात्रता परीक्षा (UP TET) कराने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा है. खास बात यह है कि अभी रिक्त पदों की संख्या तय नहीं है जबकि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके 51 हजार 112 पदों की जानकारी दी थी वहीं समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 73 हजार 711 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.

मीडिया रिपोर्टस की माने तो अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिक्त पदों के लिए शिक्षक भर्ती का ऐलान किया जा सकता है. इसके लिए अगले हफ्ते कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. हालांकि इन खाली पदों के लिए परीक्षा कब आयोजित होगी इसके बारे में संशय बना हुआ है क्योंकि यूपी में चुनावी अधिसूचना जारी होने का समय भी उसी दौरान है. दरअसल, 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिक्षक भर्ती का ऐलान तो संभव है लेकिन परीक्षा का आयोजन चुनाव के पहले होगा या बाद में कहना मुश्किल है.

2018 में हुई थी 68500 पदों पर भर्ती
बता दें कि साल 2018 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले उत्तर प्रदेश में 68500 पदों पर शिक्षक भर्ती के नियुक्ति पत्र सितंबर महीने में बांटे गए थे. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से कार्य करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया को 2022 विधानसभा चुनाव से पहले संपन्न करावाना चाहेगी.

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UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा

UP Lekhpal Recruitment 2021: उम्मीदवारों के मन में संशय देखने को मिल रहा है कि भर्ती में कितनी उम्र तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 18:20 IST
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नई दिल्ली. UP Lekhpal Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जल्द ही लेखपाल भर्ती परीक्षा के तारीखों की घोषणा की जाएगी.  हालिया जानकारी के अनुसार विभाग ने भर्ती के लिए हरी झंडी दे दी है. जिसके बाद अब बस भर्ती के लिए अधिसूचना आने की देर है. गौरतलब है कि UPSSC ने आगामी भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी करते समय प्रदेश में राजस्व लेखपाल के 7,889 पदों पर भर्ती कराने की घोषणा की थी. जिसके लिए आयोग ने अधिसूचना में बताया था कि ये परीक्षा नवंबर माह आयोजित कराई जा सकती है.

हालांकि भर्ती के तारीखों से सम्बंधित कोई भी जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आयोग, UPSSSC PET 2021 के परिणाम जारी करने के बाद लेखपाल भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा. फ़िलहाल अब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होने से भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में बहुत से संशय देखने को मिल रहे हैं. उन्हीं में से एक संशय यह है कि भर्ती में कितनी उम्र तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: कितनी उम्र तक के अभ्यर्थी कर सकेंगें आवेदन
बता दें कि पिछली भर्तियों में आयोग द्वारा लागू की गई आयु सीमा के आधार पर ये कहा जा सकता है कि इस बार की भर्ती में भी 18 से 40 वर्ष तक के उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा. पिछली भर्तियों में भी यही आयु सीमा निर्धारित की गई थी. हालांकि जब तक आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि नहीं हो जाती तब तक इस विषय पर कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती के अधिसूचना जारी होने का इंतजार करना चाहिए.

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UP Assembly Election 2022: बीजेपी ने बनाई अहम रणनीति, अनुराग ठाकुर को दी ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

यूपी विधानसभा चुनाव में अनुराग ठाकुर को मिली अहम जिम्मेदारी

UP Political News: विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान अपने सभी सहप्रभारियों के साथ लखनऊ में लगातार बैठक कर रहे हैं. इन बैठकों में चुनाव का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. सहचुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.

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लखनऊ. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) की तरफ से तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं. विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में बैठकों का दौर जारी है. पिछले 3 दिन से बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) लखनऊ (Lucknow) में डेरा जमाए बैठे हैं और लगातार प्रभारी पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं. बीजेपी ने विधानसभा चुनावों को लेकर एक रोडमैप तैयार किया है. इसी को लेकर पार्टी ने प्रभारी और सहप्रभारियों को रोडमैप तैयार करने का जिम्मा सौंपा है. चुनाव अभियान की तैयारियों को देखने के लिए पार्टी ने पहले क्षेत्रवार प्रभारियों की घोषणा की थी और अब चुनाव सह प्रभारियों को क्षेत्रवार चुनावी ज़िम्मेदारी सौंपी है.

विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान अपने सभी सहप्रभारियों के साथ लखनऊ में लगातार बैठक कर रहे हैं. इन बैठकों में चुनाव का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. सहचुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अनुराग ठाकुर को सबसे महत्वपूर्ण मीडिया और सोशल मीडिया संभालने का ज़िम्मा दिया गया है. इसके साथ-साथ अनुराग ठाकुर को युवाओं को संभालने का ज़िम्मा दिया गया है. अनुराग ठाकुर पहले बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और युवाओं के बीच खास लोकप्रिय भी हैं. अनुराग ठाकुर पार्टी प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया टीम के लोगों के साथ लखनऊ में बैठक भी कर चुके हैं.

25 सितंबर से पन्ना प्रमुख सम्मलेन की शुरुआत
इसके अलावा अन्य सह प्रभारियों को क्षेत्रवार चुनाव की तैयारियों को देखने का ज़िम्मा सौंपा गया है. जिस से किसी भी तरह की कोई कोर कसर चुनावी तैयारियों में न रहे. 25 सितम्बर यानी दीन दयाल उपाध्याय के जयंती के अवसर पर बीजेपी उत्तर प्रदेश में पन्ना प्रमुख सम्मेलनों की शुरूआत भी करने जा रही है, जिनमें पार्टी अपने अंतिम कार्यकर्ता को भी चुनाव में एक्टिव करने का काम करेगी.

'अब्बा जान' और 'चाचा जान' पर बोले शिवपाल, ये सम्मान सूचक शब्द, योगी सरकार बदले की भावना से कर रही काम

Aligarh: योगी सरकार बदले की भावना से कर रही है काम

UP Election 2022: समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन पर शिवपाल सिंह यादव ने गोलमोल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात चल रही है. भाजपा सरकार पर किया जोरदार हमला.

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रिपोर्ट -रंजीत सिंह

अलीगढ़. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में बदले की भावना से काम हो रहा है. प्रदेश में ये सरकार इकबाल खो चुकी है. कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है. कानून व्यवस्था के साथ-साथ महंगाई, भ्रष्टाचार चरम पर है. सभी वर्ग के लोग इस सरकार से परेशान हैं. सभी लोग भारतीय जनता पार्टी को हटाना चाहते हैं. ‘अब्बा जान’, ‘चाचा जान’ ये सब शब्द सम्मान सूचक शब्द हैं, किसी को भी मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.

अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि अगर मैं पार्टी में शामिल होता तो सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं कई प्रदेश में सपा सरकार बनती. इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ बोलने से बचते रहे. हर सवाल पर यह बोलते हुए नजर आएं कि उनसे ही पूछ लीजिए. मतांतरण मामले में मौलाना कलीम की गिरफ्तारी होने पर उन्होंने कहा की योगी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है. विरोधियों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है.

योगी सरकार फेल, भाजपा को हराना हमारा मकसद

शमशाद मार्केट स्थित चिनार गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में योगी सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार में गरीब, कमजोर किसी भी वर्ग का भला नहीं हुआ. हर मामले में सरकार फेल है. इसलिए प्रदेश के सभी सियासी दलों का यही प्रयास है कि 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना है. तमाम सेक्यूलर दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ना हमारी प्राथमिकता होगी. सपा और अखिलेश यादव पर पूछे गए सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया. हर सवाल पर सिर्फ यही कहते रहे अखिलेश से ही पूछिए.

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चुनाव को लेकर तैयारी पूरी

शिवपाल यादव ने कहा कि यूपी चुनाव को लेकर तैयारी पूरी है. 75 जिलों में संगठन तैयार हो चुका है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समान विचारधारा के लोग या जितनी भी पार्टियां हैं, सभी एक होकर भारतीय जनता पार्टी को हटाने का प्रयास करें. समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन पर शिवपाल यादव ने गोलमोल जवाब दिया.उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात चल रही है.

मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए, राम, कृष्ण, शिव उनके पूर्वज- मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला

योगी सरकार के मंत्री बोले- मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए (File photo)

Ballia News: राज्‍य मंत्री ने कहा कि ''असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.''

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बलिया. उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला (Minister Anand Swaroop Shukla) ने कहा कि भगवान राम, कृष्ण और शिव भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं और उन्हें ‘भारतीय भूमि और संस्कृति’ को नमन करना चाहिए. शुक्ला ने दावा किया कि मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और योगी (मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ) सरकार ने इस्लामिक स्टेट बनाने की मंशा रखने वाली सोच को मटियामेट कर देश में हिंदुत्व व भारतीय संस्कृति का परचम लहरा दिया है. शुक्ला ने बृहस्पतिवार की शाम यहां राज्‍य सरकार की साढ़े चार वर्ष की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘’भारत के मुसलमानों के पूर्वज भगवान राम, कृष्ण और शंकर हैं. उन्हें काबा की धरती देखने की जरूरत नहीं है. इन लोगों को भारत की भूमि और संस्कृति के आगे नमन करना चाहिए.’

शुक्ला ने कहा कि सीरिया और अफगानिस्तान के बाद विभिन्न देशों के कुछ लोग दुनिया को एक इस्लामिक राज्य बनाना चाहते थे. भारत में भी कुछ लोगों की ऐसी ही सोच थी, लेकिन मोदी और योगी की केंद्र और प्रदेश की सरकार ने हिंदुत्व और ‘भारतीय संस्कृति’ का देश में परचम लहराकर इस सोच को मटियामेट कर दिया. हाल ही में संभल में लगाए गए विवादास्पद पोस्टरों का उल्लेख करते हुए, शुक्ला ने कहा कि ‘‘इस्लामिक आतंकवादियों को समाजवादी पार्टी के समर्थन और समाजवादी पार्टी के सम्भल के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खुलेआम तालिबान के समर्थन में बयान देने से ऐसे कार्यों को प्रोत्साहन मिलता है.’’

यह भी पढ़ें- UP Election: सपा का दामन थामेंगे BSP से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर! अखिलेश से की मुलाकात

इस सप्ताह की शुरुआत में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बैठक से पहले संभल को ‘गाज़ियों’ (इस्लामी योद्धाओं) की भूमि कहने वाले पोस्टर सामने आए थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पोस्टरों पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्हें अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के कार्यकर्ताओं ने हटा दिया था. शुक्ला ने कहा कि ”उत्तर प्रदेश की धरती से गाजियों का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है. ऐसी शक्तियां भविष्य में सिर नहीं उठा पाएंगी. योगी सरकार ऐसी शक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है.”

असदुद्दीन ओवैसी पर किया कटाक्ष
राज्‍य मंत्री ने कहा कि ”असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.” उन्होंने कहा कि मोदी व योगी सरकार में इस तरह की सोच पनप नहीं सकती.

UP Election: सपा का दामन थामेंगे BSP से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर! अखिलेश से की मुलाकात

सपा का दामन थामेंगे BSP के बागी लालजी वर्मा और रामअचल राजभर!

UP Politics: बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं.

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लखनऊ. यूपी के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले राजनीतिक दलों में आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को बसपा (BSP) से निकाले गए दो बड़े नेता लालजी वर्मा (Lalji Verma) और राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar) अगले महीने सपा का दामन थाम सकते हैं. दरअसल, लालजी वर्मा और राम अचल राजभर ने सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि दोनों नेता जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं.

बताया जा रहा है कि अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा के दौरान अखिलेश यादव दोनों नेताओं की जॉइनिंग कराएंगे. सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा में अखिलेश यादव दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराएंगे. दोनों नेताओं के साथ मुलाकात की एक तस्वीर अखिलेश यादव ने ट्वीट की है. हालांकि, अखिलेश यादव ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है. अखिलेश ने बताया कि श्री लालजी वर्मा जी और श्री राम अचल राजभर जी से आज शिष्टाचार भेंट की.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिखाना चाहते हैं कि पिछड़ों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है. भारी संख्या में समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो सकते है.

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