लखनऊ: सीबीआई जांच से पहले ही चोरी हुईं शिया और सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के विशेष ऑडिट की फाइलें

राजनीतिक पार्टियों के लिए सोशल मीडिया ही बनेगा सहारा! (file photo)

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बता दें योगी सरकार ने शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में घपले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. अभी तक सीबीआई की तरफ से जांच शुरू नहीं की गई है. सीबीआई जांच शुरू होने से पहले महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने पर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में स्थित बापू भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच चोरी हो गई है. बता दें बापू भवन यूपी सचिवालय का ही हिस्सा है. जानकारी के अनुसार ये चोरी अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ दफ्तर में हुई है. पता चला है कि चोरों ने शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड की विशेष ऑडिट संबंधी फाइल पार कर दी है. इस संबंध में अनुभाग अधिकारी ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.



जानकारी के अनुसार वक़्फ़ बोर्ड के पिछले 5 साल के विशेष ऑडिट संबंधी फाइल चोरी हुई हैं. बता दें योगी सरकार ने शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में घपले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. अभी तक सीबीआई की तरफ से जांच शुरू नहीं की गई है. सीबीआई जांच शुरू होने से पहले महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने पर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.



बता दें उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में जमीनों की धांधली और बेईमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. बीजेपी सरकार बनने के फौरन बाद मौजूदा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा की सिफारिशों के बाद दोनों ही वक्फ बोर्डों में धांधली की जांच के लिए सीबीआई से सिफारिश की गई थी. इस मामले में कई चरणों की जांच हो भी गई थी लेकिन इस मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब विभाग से गोपनीय फाइलें चोरी हो गईं.





फाइलों को गायब किया गया है: मोहसिन रजा
मामले में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा कहते हैं कि वक्फ बोर्डों में धांधली बहुत चरम पर थी और इसीलिए हमने ऑडिट की सिफारिश की थी ताकि सीबीआई जांच प्रभावी हो सके. लेकिन पिछले 5 सालों की ऑडिट रिपोर्ट का गायब हो जाना इस बात को बताता है कि कहीं ना कहीं संलिप्तता बहुत बड़े पैमाने पर थी. लिहाजा इन फाइलों को गायब किया गया है.



जरूरत पड़ी तो कराएंगे एसआईटी जांच

उन्होंने कहा कि फौरी तौर पर एक एफआईआर हजरतगंज थाने में करा दी गई है लेकिन इस मामले की जांच विभागीय भी कराई जाएगी. और अगर जरूरत पड़ी तो एसआईटी की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में धांधली की शिकायतों के बाद भी हमने सीबीआई की जांच के लिए केंद्र सरकार को लिखा था लेकिन इसकी जरूरत अब ज्यादा महसूस होती है. इसलिए जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए थी.



इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी/मोहम्मद शबाब



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