लखनऊ: बिना पैरेंट्स की लिखित अनुमति के स्कूल पहुंचे छात्र, इस्लामिया कॉलेज प्रबंधन पर DM का एक्शन

डीएम, लखनऊ अभिषेक प्रकाश (File Photo)
डीएम, लखनऊ अभिषेक प्रकाश (File Photo)

लखनऊ (Luckinow) के डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि किसी भी कीमत पर विद्यालयों में COVID-19 प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 2:44 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश (DM Abhishek Prakash) ने मंगलवार को शहर में स्कूल खुलने और छात्रों की उपस्थिति का जायजा लिया. इस दौरान डीएम अचानक अमीरूद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज पहुंच गए. यहां डीएम ने कोविड प्रोटोकॉल (Covid-19) अनुपालन का जायजा लिया.

इस दौरान स्कूल के छात्रों से डीएम ने बात की और सोशल डिस्टेंसिंग के शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए. इस दौरान डीएम ने छात्रों के बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के विद्यालय में आने पर कड़ी नाराजगी जाई. डीएम ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस देकर कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दे दिए.

प्रोटोकॉल उल्लंघन पर सख्त एक्शन
डीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर विद्यालयों में कोविड प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए. बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के विद्यालय में छात्रों के आने या प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर एपेडेमिक एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी.
बता दें क्लास 9 से 12वीं तक के स्कूल खोलने की इजाज़त केंद्र सरकार ने दे दी है. इसी का पालन यूपी सरकार ने भी किया है. कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के 6 महीने से भी ज़्यादा वक्त के बाद बच्चों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया है. 2-2 घंटे की कई पालियों में क्लास लगाई जा रही हैं. ऑनलाइन (Online) और ऑफलाइन दोनों ही क्लास चालू हैं. विकल्प बच्चों के मां-बाप के ऊपर छोड़ा गया है. इतना ही नहीं स्कूलों से एक लेटर बच्चों के घरों पर भेजा गया है. यह एक सहमति पत्र है. इस पत्र में स्कूल मैनेजरों ने बच्चों के मां-बाप से 5 बिंदुओं पर सहमति मांगी है. सहमति मिलने के बाद ही बच्चों को स्कूल (School) में एंट्री दी जाएगी.



स्कूलों ने इन सवालों पर मां-बाप से मांगी है सहमति
स्कूलों से मां-बाप के पास जो सहमति पत्र आया है उसमें 5 तरह के सवाल हैं. इन्हीं पर सहमति मांगी गई है. अगर मां-बाप सहमत हैं तो पत्र पर साइन कर स्कूल वापस भेज दें. अगर नहीं हैं तो बच्चे को स्कूल न भेजें.

-बच्चा बिना मास्क के घर नहीं आएगा.

-स्कूल को इजाज़त होगी की वो बच्चे की थर्मल चेकअप कर सके.

-बच्चे की हेल्थ की जानकारी मां-बाप गोपनीय नहीं रखेंगे.

-आखिर में यह सहमति देनी होगी कि हम अपने बच्चे को भौतिक रूप से स्कूल भेजेंगे और उसकी हेल्थ की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से हमारी होगी.
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