लखनऊ: आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में दो पत्रकार हिरासत में

विधानसभा के सामने आत्मदाह की कोशिश के मामले में दो पतरकार हिरासत में
विधानसभा के सामने आत्मदाह की कोशिश के मामले में दो पतरकार हिरासत में

Lucknow News: पत्रकार शमीम और नौशाद पर आरोप है कि दोनों ने सुरेंद्र चक्रवर्ती नाम के व्यक्ति को आत्मदाह के लिए उकसाया. जिसके बाद उसने विधानसभा भवन के सामने खुद को आग लगा ली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 8:48 AM IST
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) के विधानसभा के सामने सोमवार शाम को एक अदेध द्वारा आत्मदाह (Self Immolation) के मामले में पुलिस (Police) ने दो पत्रकारों को हिरासत में लिया है. पत्रकार शमीम और नौशाद पर आरोप है कि दोनों ने सुरेंद्र चक्रवर्ती नाम के व्यक्ति को आत्मदाह के लिए उकसाया. जिसके बाद उसने विधानसभा भवन के सामने खुद को आग लगा ली. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में आग को बुझाया. फिर भी सुरेंद्र 60 फ़ीसदी जल गया और उसे सिप्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है.

60 फ़ीसदी तक जला शख्स

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि सोमवार शाम को विधान भवन के सामने सुरेंद्र चक्रवर्ती नामक व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास किया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कंबल तथा अन्य चीजों से आग बुझाई, मगर फिर भी वह लगभग 60 प्रतिशत तक जल गया. उन्होंने बताया कि चक्रवर्ती को फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज किया जा रहा है.



पांडे ने बताया कि चक्रवर्ती का अपने मकान मालिक से मकान को लेकर कुछ विवाद था और यह मामला अभी अदालत में है. प्रकरण की जानकारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस की कोशिश है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए. इसके लिए चार टीमें बनाई गई हैं. फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लिया गया है.
एक परिवार ने भी की थी आत्मदाह की कोशिश

इससे पहले सोमवार की सुबह बाराबंकी के एक परिवार ने अपने दो बेटों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचा लिया. पुलिस उपायुक्त सोमेन बर्मा ने बताया कि बाराबंकी के सदर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला नसीर और उसकी पत्नी अपने दो नाबालिग बेटों के साथ विधान भवन के गेट संख्या दो के पास पहुंचे और अपने तथा पूरे परिवार पर कोई तरल पदार्थ डाला. इससे पहले कि वह आग लगा पाता, वहां खड़े पुलिसकर्मियों ने सभी को रोककर हिरासत में ले लिया. उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में बाराबंकी जिला प्रशासन को बता दिया गया और परिवार को बाराबंकी पुलिस की एक टीम को सौंप दिया गया.
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