UP के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का दावा- पराली जलाने की समस्या एक-तिहाई कम हुई

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राज्य में पराली जलाने की समस्या को काबू में करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को दिया (फाइल फोटो)
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राज्य में पराली जलाने की समस्या को काबू में करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को दिया (फाइल फोटो)

सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने कहा कि प्रदेश सरकार हाल के वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं वाले 800 से ज्यादा गांवों की पहचान कर के वहां महिला समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, साधन सहकारी समितियों, केन यूनियन और साधन सहकारी समितियों के माध्यम से पांच लाख रुपए की मशीन की खरीद पर चार लाख रुपए का अनुदान दे रही है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 4:55 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने दावा किया है कि राज्य में पराली जलाने (Stubble Burning) की समस्या एक-तिहाई से भी कम हुई है. उन्होंने इसका श्रेय राज्य सरकार को देते हुए कहा कि खेत से पराली निकालने में इस्तेमाल होने वाले यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान देने समेत इस समस्या को रोकने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है.

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है. कोर्ट ने एक समिति बनाई है, जो हर 15 दिन में पराली जलाने के मामलों पर रिपोर्ट देगी. ऐसे में सरकार को पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी. उन्होंने कहा कि सरकार पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिये लगातार प्रयास कर रही है. वो खेत से पराली निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान दे रही है. कई किसान मिलकर एक यंत्र आराम से खरीद सकते हैं और अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से पराली का निस्तारण कर सकते हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्यों से सख्ती से कदम उठाने का निर्देश दिया है (फाइल फोटो)




कृषि मंत्री ने दावा किया कि सरकार की कोशिशों की वजह से प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं एक-तिहाई से भी कम हो गई हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हाल के वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं वाले 800 से ज्यादा गांवों की पहचान कर के वहां महिला समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, साधन सहकारी समितियों, केन यूनियन और साधन सहकारी समितियों के माध्यम से पांच लाख रुपए की मशीन की खरीद पर चार लाख रुपए का अनुदान दे रही है. किसान उत्पादक समूह पराली निकालने के उपकरण किसानों को किराए पर भी देंगे. (भाषा से इनपुट)
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