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UP कांग्रेस का योगी सरकार पर 'प्रहार', बजट को बताया किसानों और नौजवानों के साथ विश्वासघात

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को पेश किए गए उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को नया जुमला करार दिया है
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को पेश किए गए उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को नया जुमला करार दिया है

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर नये जुमलों के साथ उत्तर प्रदेश के बजट (Uttar Pradesh Budget 2021) को पेश किया है. जो पूरी तरह से निराशाजनक, किसानों के साथ धोखा और नौजवानों के साथ विश्वासघात है. इस बजट में गरीबों, शोषित-वंचितों के लिये कोई योजना नहीं लाई गई. यह बजट विकास से कोसों दूर है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 5:43 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार (Yogi Government) ने सोमवार को अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. पेश किये गये 5,50,270.78 करोड़ के इस पेपरलेस बजट (Paperless Budget) को योगी सरकार और बीजेपी द्वारा ऐतिहासिक बजट (Uttar Pradesh Budget 2021) बताया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने पेश किए गए बजट को नया जुमला करार देते हुए इसे किसानों और नौजवानों के साथ धोखा और विश्वासघात बताया है. साथ ही इसे विकास से कोसों दूर बताते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर नये जुमलों के साथ उत्तर प्रदेश के बजट को पेश किया है. जो पूरी तरह से निराशाजनक, किसानों के साथ धोखा और नौजवानों के साथ विश्वासघात है. इस बजट में गरीबों, शोषित-वंचितों के लिये कोई योजना नहीं लाई गई. यह बजट विकास से कोसों दूर है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने और गन्ने का रिकार्ड तोड़ भुगतान का दावा करने वाली सरकार न तो आज तक गन्ना किसानों के 10 हजार करोड़ रूपये का बकाया भुगतान कर पाई है, और न ही इस वर्ष गन्ने का दाम बढ़ाया है.

लल्लू ने बजट पर आगे बोलते हुए कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि यह सरकार किसानों के लिये कोई योजना या विशेष पैकेज लेकर आयेगी, बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों को मुआवजा देगी. लेकिन इस सरकार ने केवल दिखावे के आलावा एक रूपया तक नहीं दिया. सरकार ने बिजली के बढ़े दामों के बावजूद न तो निजी नलकूप में किसानों को कोई छूट दी और न ही खाद्य, डीजल-पेट्रोल मंहगा होने के बावजूद फसलों के दाम एक रूपये तक नहीं बढ़ाये.’



उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट गरीबों-नौजवानों के साथ विश्वासघात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बजट पेश करने के दौरान युवा रोजगार के नाम पर सरकार ने जिस शेर के साथ अपनी बात कही, जिसके अंत में उन्होंने कहा कि ‘हम जो चाहेंगे, वो होने दो’. यह सरकार की मंशा है. मतलब कि यह सरकार तो रोजगार चाहती ही नहीं. इस सरकार ने 14 लाख लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने का वायदा किया था. लेकिन बीते चार वर्षों में 56 लाख के सापेक्ष खुद मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर से स्पष्ट रूप से सिर्फ चार लाख लोगो को रोजगार दे पाने की बात बताई है. राजगार के नाम पर UPPSC की 24 में से 22 भर्तियां अटकी पड़ी है. रोज शिक्षक, बीडीओ, दरोगा या सिपाही कोई भी भर्ती हो वो सब अधर में लटकी है, और भर्ती के नाम पर इस सरकार ने नौजवानों के साथ विश्वासघात कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.

लल्लू ने इस बजट में बुनकर, चूड़ी, पीतल, चमड़ा या कार्पेट जैसे MSME उधोग से जुड़े लोगों को भी कोई प्रोत्साहन या पैकेज न मिलने की बात कहते हुए जहां बजट में दी गई धनराशि को अपार्याप्त बताया. वहीं इन्वेस्टर्स समिट और डिफेंस एक्सपो जैसे तमाम कार्यक्रमों के बावजूद आज तक बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्यांचल में एक भी उधोग न लगा पाने का दावा किया. साथ ही उन्होंने सरकार के एक करोड़ श्रमिकों को रोजगार देने के दावों पर सवाल खड़ा करते हुए ब्रांडिंग, होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और पीआर से उत्तर प्रदेश के न चलने की बात कही.

अंत में उन्होंने गौवंश संरक्षण का दावा करने वाली योगी सरकार द्वारा अन्ना पशुओं के नाम पर भी बजट में दी गई धनराशि को ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए बजट पर जमकर निशाना साधा.
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