UP Panchayat Election 2021: प्रदेश में चार चरणों में हो सकते हैं पंचायत चुनाव, होली के बाद तारीखों का ऐलान संभव

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक होली के बाद 30 या 31 मार्च को उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक होली के बाद 30 या 31 मार्च को उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक होली (Holi 2021) के बाद 30 या 31 मार्च को उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है, और अप्रैल माह के अंत तक चुनाव संपन्न हो जाएंगे. मतगणना अप्रैल माह के अंतिम दिनों में या मई के पहले सप्ताह में संभव है

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 3:52 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. मंगलवार को जारी हुई आरक्षण सूची (Reservation List) पर आपत्ति दाखिल करने का अंतिम दिन है. इसके बाद पंचायती राज विभाग यह सूची सरकार को उपलब्ध कराएगा और फिर निर्वाचन आयोग (Election Commission) फाइनल सूची में संपादन (फेरबदल) के बाद पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा. न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक होली के बाद 30 या 31 मार्च को पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है, और अप्रैल माह के अंत तक चुनाव संपन्न हो जाएंगे. मतगणना अप्रैल माह के अंतिम दिनों में या मई के पहले सप्ताह में संभव है.

इस बार राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लेने जा रहा है. समझा जा रहा है कि इस फैसले से पंचायत चुनाव की पूरी रूपरेखा बदल जाएगी. आम तौर पर अभी तक पंचायत चुनाव एक जिले में चार चरणों में हुआ करते थे. एक जिले में ब्लॉक की संख्या के आधार पर चार चरणों का विभाजन किया जाता था. लेकिन इस बार राज्य निर्वाचन आयोग विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तर्ज पर पूरे प्रदेश में चार चरणों में चुनाव कराएगा. यानी पूरब से लेकर पश्चिम तक और मध्य से लेकर बुंदेलखंड तक जिलेवार यह तय किया जाएगा कि पहले चरण में किन-किन जिलों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जाए.

आयोग के सामने पंचायत चुनाव को बेहतर ढंग से कराने की चुनौती

हालांकि आयोग के सामने चुनौती बड़ी होगी कि एक साथ जिलों में कैसे चुनाव कराए जाएं. क्योंकि सुरक्षाबल और मतदानकर्मियों की संख्या भी आयोग के लिए चिंता का कारण होगा. पिछले चुनावों तक जिले में पहले चरण का चुनाव संपन्न कराने के बाद वहां के कर्मचारियों को तीसरे चरण के चुनाव के लिए उसी जिले में दूसरे छोर पर भेज दिया जाता था. ठीक इसी तर्ज पर दूसरे चरण का चुनाव संपन्न कराने के बाद कर्मचारियों को चौथे चरण के चुनाव के लिए उसी जिले में अंतिम छोर पर भेज दिया जाता था. लेकिन इस बार पूरे जिले में एक साथ चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होगी लिहाजा आयोग को चुनाव को बेहतर ढंग से करा पाने की बड़ी चुनौती होगी.
सुरक्षा के लिहाज से यूपी पुलिस के साथ ही तमाम दूसरे विभागों के कर्मचारी भी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे. आयोग की यह कोशिश है एक चरण में आसपास के सभी जिलों में चुनाव संपन्न कराकर नजीर पेश की जाए. इसके लिए लगातार आयोग के अधिकारी, कर्मचारी और कमिश्नर खुद पुलिस के आला अफसरानों, जिलाधिकारियों और तमाम लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मुलाकातों के जरिए चुनाव संपन्न कराने के प्रयासों में लगे हुए हैं. आयोग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि होली के बाद 30 या 31 मार्च को आयोग चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करेगा और 15 अप्रैल के आसपास पहले चरण का चुनाव संपन्न हो सकते हैं.
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