स्मृति शेष: कुछ ऐसा था लालजी टंडन का एक पार्षद से राज्यपाल तक का सफर
Lucknow News in Hindi

स्मृति शेष: कुछ ऐसा था लालजी टंडन का एक पार्षद से राज्यपाल तक का सफर
नहीं रहे मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन

लखनऊ की गली-गली को पहचानने वाले लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत एक पार्षद के तौर पर की थी. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद करीबी रहे लालजी टंडन हर समुदाय में लोकप्रिय थे.

  • Share this:
लखनऊ. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) का मंगलवार सुबह निधन हो गया. लालजी टंडन बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे और इन दिनों लखनऊ (Lucknow) के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. उनके बेटे और योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्वीट कर पिता के निधन की जानकारी दी. लालजी टंडन के निधन पर सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने शोक जताया है. लखनऊ की गली-गली को पहचानने वाले लालजी टंडन ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत एक पार्षद के तौर पर की थी. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के बेहद करीबी रहे लालजी टंडन हर समुदाय में लोकप्रिय थे.

1962 से शुरू किया सफर

लखनऊ के रहने वाले लालजी टंडन बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार थे. वह कई बार उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे थे. टंडन 1962 में लखनऊ नगर निगम के सदस्य चुने गए थे और नगर निगम में ही वह भारतीय जनसंघ सभासद दल के नेता रहे थे. इसके बाद भारतीय जनसंघ की लखनऊ इकाई के अध्यक्ष रहने के बाद वह आपातकाल के दौरान 19 महीने तक जेल में भी रहे.




1978 में एमएलसी बने

टंडन 1978 में पहली बार उत्तर प्रदेश की विधान परिषद के लिए चुने गए और इसके बाद भी वह इस सदन के लिए निर्वाचित होते रहे. 1978-84 तक वे विधान परिषद में नेता सदन भी रहे. उन्होंने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारों में कई अहम ओहदों की जिम्मेदारी भी संभाली. 1996-2009 तक वे तीन बार विधायक चुने गए. 2003-07 तक वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. वे कल्याण सिंह सरकार में नगर विकास मंत्री भी रहे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संन्यास के बाद टंडन ने उनकी विरासत संभाली और 2009 में 15वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए.

बिहार और मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे

12 अप्रैल 1935 को जन्मे लालजी टंडन ने लखनऊ के चौक की गलियों से पार्षद, एमएलसी, विधायक, मंत्री और राज्यपाल तक का सफ़र तय किया. 21 अगस्त 2018 को बिहार के राज्यपाल बनाया गया. दिनांक 20 जुलाई 2019 को मध्यप्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज