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लखनऊ: महंत नृत्य गोपाल दास को तबीयत में सुधार, बोले- जल्द जाऊंगा अयोध्या

महंत नृत्य गोपाल दास को तबीयत में सुधार

महंत नृत्य गोपाल दास को तबीयत में सुधार

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (Mahant Nritya Gopal Das) को 10 नवम्बर को सांस लेने में तकलीफ के बा ...अधिक पढ़ें

लखनऊ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janambhoomi Teerth Kshetra Trust) के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (Mahant Nritya Gopal Das) की सेहत में सुधार है. रविवार को लखनऊ (Lucknow) के मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) ने मेडिकल बुलेटिन जारी किया. अस्पताल की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में उनकी हालत स्थिर एवं संतोषजनक बताई गई है. मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ राकेश कपूर ने उनकी हालत स्थिर बताई और कहा कि शनिवार शाम को महंत ने देखरेख के दौरान उन्हें आशीर्वाद भी दिया. इस दौरान महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने शिष्य से कहा कि वे बहुत जल्द अयोध्या जाएंगे. मेदांता के मेडिकल केयर मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है.

9 नवम्बर को हुए थे एडमिट
गौरतलब है कि 9 नवम्बर को महंत नृत्य गोपाल दास को सांस लेने में तकलीफ के बाद मेदांता अस्पताल के आईसीयू में एडमिट कराया गया था. जिसके बाद मेडिकल डॉ राकेश कपूर की निगरानी में गठित विशेषज्ञों की टीम ने उनकी जांच की और पाया कि वे थ्रोम्बोसिस नाम की बीमारी से ग्रसित हैं. जिसकी वजह से उनके पैरों में जमे रक्त के थक्के धमनियों के जरिए फेफड़े में पहुंच गए थे और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. डॉक्टरों ने इंटरवेंशनल तकनीक से उनके फेफड़े में जमे खून के थक्के को निकाला था. अब वह सांस ले रहे हैं.

कौन हैं महंत नृत्य गोपाल दास
छोटी छावनी के हैं महंत नृत्यगोपाल दास. उनके शिष्य देश और दुनिया में फैले हुए हैं. वो सिर्फ राम जन्मभूमि न्यास के ही अध्यक्ष नहीं, बल्कि कृष्ण जन्मभूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं. इसी नाते वो मथुरा में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर वहां शिरकत करते रहे हैं. आपको बता दें कि जब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर शुरू में साधु-संतों में असंतोष था. लेकिन बाद में इस ट्रस्ट में इसके अध्यक्ष के तौर पर महंत नृत्य गोपाल दास को लाया गया और उसके बाद साधु-संत संतुष्ट हो पाए थे.

बाबरी विध्वंस के आरोप से हुए बरी
महंत नृत्यगोपाल दास का जन्म बरसाना मथुरा के कहोला गांव में 1938 में हुआ है. महज 12 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने संन्यास ले लिया था और मथुरा से अयोध्या आ गए थे. अयोध्या आने के बाद वो काशी चले गए. काशी जाने का मकसद संस्कृत की पढ़ाई करना था. 1953 में वह अयोध्या लौटे और मणिराम दास छावनी में रुके. उन्होंने राम मनोहर दास से दीक्षा ली थी. नृत्यगोपाल दास पर बाबरी विध्वंस में शामिल रहने का आरोप था. हालांकि सीबीआई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है.

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Tags: Ayodhya Mandir, Mahant Nityagopal Das, Ram Temple Ayodhya, Up news in hindi

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