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BJP को रोकने के लिए 'दुश्मनी' भुला शिवसेना के साथ खड़े हैं महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 27, 2019, 6:27 PM IST
BJP को रोकने के लिए 'दुश्मनी' भुला शिवसेना के साथ खड़े हैं महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू आजमी
महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष अबू असीम आजमी

किसी ज़माने में एक दूसरे के राजनैतिक दुश्मन के तौर पर देखे जाने वाले शिवसेना और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी (Abu Aseem Azmi) की यह दोस्ती क्या गुल खिलाएगी यह देखने वाली बात होगी.

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लखनऊ. महाराष्ट्र (Maharashtra) चुनाव में लंबी उठापटक के बाद आखिर एनसीपी (NCP), शिवसेना (Shivsena) और कांग्रेस (Congress) के गठबंधन (Alliance) की सरकार बनने जा रही है. इन तमाम कवायदों के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के महाराष्ट्र में दो विधायक भी अपनी भूमिका दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. महाराष्ट्र में सपा के 2 विधायक हैं, जिनमें से पहले सपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी (Abu Aseem Azmi) है, जो मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा सीट से चुनकर आए हैं. जबकि भिवंडी ईस्ट विधानसभा सीट से रईस शेख जीते हैं. सरकार बनाने के बीच सपा के दोनों विधायक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. किसी ज़माने में एक दूसरे के राजनैतिक दुश्मन के तौर पर देखे जाने वाले शिवसेना और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी की यह दोस्ती क्या गुल खिलाएगी? यह देखने वाली बात होगी.

शिव सेना को उसी की जुबान में जवाब देने के लिए जाने जाते हैं अबू आजमी
सियासत का हालांकि कोई रंग-ढंग नहीं होता है, लेकिन जब बात महाराष्ट्र की होती है तो सबसे पहले शिवसेना का ही ख्याल आता है. शिवसेना के खिलाफ उसी की जुबान में जवाब देने के लिए अबू आजमी जाने जाते हैं. ऐसे कई मौके आए हैं जब शिवसेना के सामने अबू आजमी खड़े रहे. शिवसेना के कई बार भड़काऊ बयान के जवाब में अबू आसिम आजमी भी भड़काऊ भाषा का प्रयोग ही करते रहे हैं. विधानसभा में उर्दू में शपथ लेने का जब शिवसेना ने एक बार विरोध किया था, तब महाराष्ट्र की विधानसभा में माइक और कुर्सियां तक चली थी.

आजमी बाल ठाकरे के खिलाफ भी खुलकर बोलते रहे हैं

अबू आसिम आजमी बाल ठाकरे के खिलाफ भी खुलकर बोलते रहे हैं. यही नहीं शिवसेना के मुखपत्र सामना ने कई बार अबू आसिम आजमी को अपने एडिटोरियल में घेरा भी है. अबू आसिम आजमी पर आरोप लगते रहे हैं कि वह भड़काऊ राजनीति करते रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार प्रभात तिवारी कहते हैं कि बीजेपी को रोकने के लिए अलग-अलग विचारधाराओं की पार्टी अब एक साथ हैं. एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत सरकार बनाई जा रही है. लेकिन देखना ये है कि क्या शिवसेना अपने कट्टर हिंदुत्व को छोड़ सकती है. क्या उद्धव ठाकरे, शरद पवार के रिमोट की तरह काम करेंगे? ये देखने वाली बात होगी. जब ये चुनाव में गए थे तब इनकी विचारधारा अलग थी. लेकिन अब एक हैं और सरकार का गठन भी हो जाएगा. सवाल यही है कि क्या रिमोट शरद पवार के पास होगा? शिवसेना के लिए कितना आत्मघाती होगा? अबू आजमी अपने वोट बैंक को लेकर किस तरह से शिवसेना के साथ विधानसभा में बैठेंगे, देखने वाली बात होगी. फिलहाल तो यही लग रहा है कि तीनों दलों ने अपनी-अपनी विचारधाराओं की तिलांजलि देते हुए यह सरकार बनाई है.

उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं आजमी
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अबू आजमी का संबंध उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से हैं. आजमगढ़ से कारोबार के सिलसिले में मुंबई गए अबू आजमी ने अपार संपत्ति हासिल की. कई सौ करोड़ की संपत्ति के मालिक आजमी रियल स्टेट के क्षेत्र में भी काम करते हैं. वो होटल इंडस्ट्री में भी मुंबई का जाना माना नाम है. अबू आसिम आजमी महाराष्ट्र की विधानसभा में कई बार समाजवादी पार्टी के विधायक के तौर पर चुने जा चुके हैं. महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर जब हमला हो रहा था तब भी शिवसेना के साथ दो-दो हाथ करने का ऐलान किया था. फिलहाल समाजवादी पार्टी ने इस गठबंधन को समर्थन ये कह कर दिया कि वो भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर रखना चाहती है, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है.

सपा के पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा कहते हैं कि अखिलेश यादव सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. यही वजह है कि महारष्ट्र में सपा ने गठबंधन सरकार को समर्थन दिया है. आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में अहम भूमिका निभाएगी.

सियासत कई बार कुर्बानियां और वक्त की नजाकत को देखती है. शायद महाराष्ट्र में इसी तरह के हालात को देखते हुए एक दूसरे के जानी दुश्मन नजर आने वाले हैं ठाकरे परिवार और अबू आसिम आजमी की दोस्ती सियासी नफा नुकसान के लिए ही होती हुई दिखाई दे रही है.

(इनपुट: अलाउद्दीन)

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First published: November 27, 2019, 5:52 PM IST
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