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UPPCL पीएफ घोटाला: EOW की बड़ी कार्रवाई, DHFL के अमित प्रकाश सहित 7 गिरफ्तार

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 6, 2019, 10:04 PM IST
UPPCL पीएफ घोटाला: EOW की बड़ी कार्रवाई, DHFL के अमित प्रकाश सहित 7 गिरफ्तार
यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले में ईओडब्ल्यू ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

ईओडब्ल्यू ने मामले में डीएचएफएल के अमित प्रकाश सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें फर्जी शेयर ब्रोकर फर्म मालिक मनोज कुमार अग्रवाल, विकास चावला, संजय कुमार, पंकज गिरी उर्फ नीशू, अरुण जैन और श्याम अग्रवाल शामिल हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के भविष्य निधि को निजी कंपनी डीएचएफएल (DHFL) में निवेश करने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईओडब्ल्यू ने मामले में डीएचएफएल के अमित प्रकाश सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें फर्जी शेयर ब्रोकर फर्म मालिक मनोज कुमार अग्रवाल, विकास चावला, संजय कुमार, पंकज गिरी उर्फ नीशू, अरुण जैन और श्याम अग्रवाल शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार अमित प्रकाश डीएचएफएल की लखनऊ ब्रांच के तत्कालीन रीजनल सेल्स मैनेजर थे. ईओडब्ल्यू के अनुसार इनकी विभिन्न तथाकथित फर्मों और व्यक्तियों को ब्रोकर/ब्रोकर फर्म के रूप में रजिस्टर्ड कराने में इनकी भूमिका थी. इनके द्वारा आरोपी पीके गुप्ता और उसके पुत्र अभिनव गुप्ता से अपराधिक सांठगांठ कर विभिन्न फर्मों को ब्रोकरेज की धनराशि प्राप्त करने में मदद की गई.

पैसा हासिल करने के लिए बनाई फर्जी ब्रोकरेज फर्म  

वहीं मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा अपनी दो फर्म के माध्यम से ब्रोकरेज की धनराशि प्राप्त की गई. इनमें से एक फर्म द्वारा डीएचएफएल से सीधे ब्रोकरेज प्राप्त की गई और दूसरी फर्म में पीके गुप्ता के पुत्र अभिनव गुप्ता और उसके सहयोगी आशीष चौधरी द्वारा अल्पाइन ब्रोकरेज फर्म के माध्यम से धन प्राप्त किया गया. ईओडब्ल्यू के अनुसार ये ब्रोकर का कार्य नहीं करते थे. इन्होंने इस धन को प्राप्त करने के लिए अपनी फर्म को ब्रोकरेज फर्म के रूप में रजिस्टर्ड कराकर आपराधिक साजिश के तहत अवैध लाभ प्राप्त किया.

संजय कुमार की फर्म शामिल 

इसी तरह संजय कुमार के बारे में जांच के दौरान पता चला कि एक फर्म द्वारा डीएचएफएल से सीधे और अल्पाइन ब्रोकरेज कंपनी के माध्यम से अलग-अलग करोड़ रुपये प्राप्त किए गए. यह फर्म जिस आदमी के नाम से वर्तमान में रजिस्टर्ड है, वह वास्तव में संजय कुमार की थी. इस फर्म को शुरू में इन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों और अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट श्याम अग्रवाल की पत्नी और उसके पार्टनर की पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड कराया था. इनकी फर्म द्वारा सीधे ब्रोकरेज डीएचएफएल और अल्पाइन ब्रोकरेज के माध्यम से प्राप्त किया गया है.

चार्टर्ड एकाउंटेंट का सामने आया फर्जीवाड़ावहीं श्याम अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं. द्वारा अनेक तथाकथित कंपनियों में डीएचएफएल और अल्पाइन ब्रोकरेज कंपनी के माध्यम से ब्रोकरेज की धनराशि ट्रांसफर की गई. इनके द्वारा खुद और पत्नी को एक फर्म में पार्टनर के रूप में रजिस्टर्ड कराकर अवैध लाभ प्राप्त किया गया. इनके माध्यम से 7 विभिन्न कंपनियों/व्यक्तियों को ब्रोकरेज की राशि प्राप्त हुई.

इसी तरह अरुण जैन द्वारा 6 विभिन्न फर्मों में चार्टर्ड एकाउंटेंट श्याम अग्रवाल से मिलकर ब्रोकरेज की धनराशि 6 फर्मों में डायवर्ट कराई गई. इनमें से अनेक फर्म फर्जी पाई जा रही हैं, जिनकी जांच की जा रही है. वहीं पंकज गिरि उर्फ नीशु द्वारा अरुण जैन और श्याम अग्रवाल के साथ मिलकर छद्म नाम से कंपनी खोलकर करोड़ों की धनराशि सीधी डीएचएफएल से प्राप्त की गई. जांच की जा रही है.

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First published: December 6, 2019, 9:37 PM IST
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