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Manish Gupta Death Case: ADG ने कहा- भागते हुए गिरे मनीष, वहीं गोरखपुर ASP ने बताया कुछ और...

UP: अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मनीष गुप्ता की मौत के मामले में बयान दिया है.

UP: अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मनीष गुप्ता की मौत के मामले में बयान दिया है.

UP News: एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि एसएसपी, गोरखपुर के आदेश पर होटलों में चेकिंग हो रही थी. चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता आईडी नहीं दिखा पाए थे. पुलिस से बचने के लिए मनीष भागते समय गिर गए थे. इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई.

  • News18Hindi
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कानपुर (Kanpur) के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर (Gorakhpur) में मौत के मामले में प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का बयान सामने आया है. एडीजी ने कहा है कि उस रात एसएसपी, गोरखपुर के आदेश पर होटलों में चेकिंग हो रही थी. चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता आईडी नहीं दिखा पाए थे. पुलिस से बचने के लिए मनीष भागते समय गिर गए थे. इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई.

वहीं इंस्पेक्टर की पोस्टिंग को लेकर एडीजी ने कहा कि इंस्पेक्टर को कैसे पोस्ट किया गया? इसको भी देखा जा रहा है. इंस्पेक्टर को पोस्ट करने के लिए अप्रूवल था या नहीं ये भी देखा जा रहा है.

बता दें इससे पहले घटना के बाद गोरखपुर के एसएसपी ने कहा था कि चेकिंग के दौरान कमरे में हड़बड़ाहट में गिरने से मनीष गुप्ता घायल हो गए थे. बाद में उनकी मौत हो गई. वहीं अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जो बात सामने आई है, उसमें मनीष के चेहरे से लेकर शरीर के कई अंगों में गंभीर चोट के निशान मिले हैं.

सुनिए गोरखपुर एसएसपी का बयान

बता दें मनीष का परिवार शुरू से ही पुलिस पर मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाता रहा है. मामले की सीबीआई से जांच की भी मांग उठ रही है. वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी गरमाई हुई है. कानपुर में आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें 20 लाख की मदद देने का ऐलान किया. साथ ही अखिलेश यादव ने योगी सरकार से पीड़ित परिवार को दो करोड़ की मदद देने की भी मांग की है. साथ ही कहा है कि इस मामले में जो भी जांच हो, उसकी मॉनीटरिंग हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए.

ये है पूरा मामला

दरअसल, गोरखपुर के सिकरीगंज के महादेवा बाजार के रहने वाले चंदन सैनी ने बताया कि वह बिजनेस करते हैं. उनके तीन दोस्त गुरुग्राम से प्रदीप चौहान (32) और हरदीप सिंह चौहान (35) और कानपुर से मनीष गुप्ता (30) गोरखपुर घूमने आए थे. 27 सिंतबर की रात रामगढ़ताल थाना पुलिस होटल व सरायों की जांच पर निकली थी. थाने से कुछ दूरी पर स्थित कृष्णा होटल में पुलिस ने एक कमरे की तलाशी ली तो वहां मनीष अपने दो दोस्तों के साथ ठहरा हुआ था. पुलिस के पहुंचने पर मनीष के दोनों साथी उठ गए.

Manish Gupta Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान

 पूछताछ के दौरान मनीष के दोनों साथियों ने बताया कि वह गुड़गांव व लखनऊ के रहने वाले हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि वह कोई गलत व्यक्ति नहीं हैं. उन्होंने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी दिखाया. पुलिस के मुताबिक इस दौरान मनीष नींद में उठा और बेड से नीचे गिर गया. इससे उसके मुंह में चोट लग गई. पुलिस के अनुसार तीनों युवक नशे में थे. पुलिस मनीष को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर गई. वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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