दारोगा भर्ती परीक्षा 2016: बायोमेट्रिक टेस्ट में फर्जी मिले 22 कैंडिडेट

बता दें कि 12 दिसंबर से 23 दिसंबर 2017 के बीच हुई ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक के जरिए सभी अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए थे. शारीरिक परीक्षा के समय जब अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए तो 141 अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो सका.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 10, 2018, 11:29 AM IST
दारोगा भर्ती परीक्षा 2016: बायोमेट्रिक टेस्ट में फर्जी मिले 22 कैंडिडेट
यूपी पुलिस (प्रतिकात्मक तस्वीर)
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Updated: August 10, 2018, 11:29 AM IST
यूपी में दारोगा भर्ती 2016 के लिए हुईं ऑनलाइन और शारीरिक परीक्षाओं के दौरान लिए गए बायोमेट्रिक टेस्ट से 22 कैंडिडेट फर्जी मिले हैं. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कहा है कि इन सभी के खिलाफ संबंधित जिलों में केस दर्ज कराया जाएगा. माना जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों के बदले किसी और ने परीक्षा दी थी. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.

बता दें कि 12 दिसंबर से 23 दिसंबर 2017 के बीच हुई ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक के जरिए सभी अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए थे. शारीरिक परीक्षा के समय जब अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए तो 141 अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो सका. इन अभ्यर्थियों को दोबारा फिंगर प्रिंट जांच के लिए 17-18 जुलाई को यूपी 100 भवन में बुलाया गया था. इसमें 108 के फिंगर प्रिंट का मिलान हो गया था, जबकि 18 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे.

सात अगस्त को 33 अभ्यर्थियों को एक बार और मौका दिया गया. इस बार 17 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जिनमें से केवल 10 के ही फिंगर प्रिंट का मिलान हो सका. बाकी 7 में से 6 अभ्यर्थियों की न तो फोटो का मिलान हुआ और न ही फिंगर प्रिंट मिले. यानी इन अभ्यर्थियों के स्थान पर दूसरे अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की पुष्टि हुई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

(रिपोर्ट: ऋषभ मणि त्रिपाठी)

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