लखनऊ में कोरोना की जांच और इलाज की हालत खराब, कई बड़े अस्पतालों की OPD ठप, जांचें भी बंद

लखनऊ में कोरोना की जांच और इलाज की हालत खराब (File pic)

लखनऊ में कोरोना की जांच और इलाज की हालत खराब (File pic)

लखनऊ (Lucknow) में 24 घंटे में 4059 नए केस मिले हैं जबकि 23 लोगों ने दम तोड़ दिया. लखनऊ में अब 16990 एक्टिव केस हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 7:15 PM IST
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) ने इस साल (2021) के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. लखनऊ में कोरोना की जांच और इलाज़ को लेकर हालात बेहद खराब हो गए है. कोरोना की जांच ज़्यादातर जगहों पर बंद है. वहीं बलरामपुर अस्पताल में जांच और ओपीडी सेवाएं भी बंद है. जबकि सिविल अस्पताल में लंबी लाइन लगी हुई है. जांच करवाने आये मरीज और उनके परिजन डरे और सहमें हुए हैं. लोकबंधु अस्पताल और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) भी ओपीडी ठप पड़ी हुई है. उधर, पीजीआई और लोहिया संस्थान में भी हालत खराब होती जा रही है. सिविल अस्पताल में शनिवार को 13 चिकित्सक और उनके परिवार वाले संक्रमित पाए गए हैं. खास बात है कि यह सभी डॉक्टर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ ले चुके हैं. संक्रमित ज्यादातर डॉक्टरों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज 25 मार्च को ले ली थी.

लखनऊ में 24 घंटे में 4059 नए केस मिले हैं जबकि 23 लोगों ने दम तोड़ दिया. लखनऊ में अब 16990 एक्टिव केस हैं. लखनऊ के बाद प्रयागराज में 1460 नए केस आए हैं यहां दो लोगों की मौत हो गई है. यहां पर 6902 एक्टिव केस हैं. वाराणसी में 983 और कानपुर नगर में 706 केस आए हैं. कानपुर में छह लोगों की मौत हुई है. इसके पहले शुक्रवार को 9695, आठ अप्रैल को 8490 और 11 सितंबर को 7103 मरीज पाए गए थे. इसके साथ ही प्रदेश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 6,76,739 हो चुकी है.

यूपी में एक दिन में रिकॉर्ड 12,787 नए संक्रमित

प्रदेश में 12,787 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं जबकि बीते 24 घंटे में 48 लोगों की मौत हुई है. जबकि राजधानी लखनऊ में एक दिन में 4059 कोरोना के नए केस सामने आए है. वहीं 23 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. लखनऊ के अस्पताओं में हालात बुरी तरह खराब हो चुके है. भर्ती करवाने वालों की लंबी कतारें लगी हुई है. उधर, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से ऊपर उठ रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ खुद भी मैदान में उतर पड़े हैं जबकि मंत्रियों को जिलों में भेजा जा रहा है.
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