• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • LUCKNOW MARRIAGE IN HAZRATGANJ KOTWALI LUCKNOW LADY INSPECTOR BID FAREWELL TO BRIDE UPAS

लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में लगे सात फेरे और महिला इंस्पेक्टर ने की दुल्हन की विदाई

लखनऊ के हजरतंगज कोतवाली में कोमल और महेश की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है.

Lucknow News: लखनऊ कोतवाली में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए विवाह हुआ. इस आयोजन को लेकर शहर भर में चर्चा है.

  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में कोरोना कफ्र्यू के बीच हजरतगंज कोतवाली (Hazratganj) बारात घर बन गई. यहां बाकायदा विवाह  की रस्म पूरी की गई. दूल्हा-दुल्हन ने कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए वरमाला पहनाई. यह विवाह खुद महिला थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी ने करवाया. महिला थाना सुमित्रा देवी के मुताबिक महेश और कोमल शुक्ला जनपथ मार्केट के एक शोरूम में नौकरी करते थे. दोनों में पहले दोस्ती बाद में प्रेम हुआ जिसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी.

उन्होंने बताया कि दोनों की जाति अलग थी लिहाजा कोमल के पिता इस विवाह के लिए तैयार नहीं हो रहे थे. परिवारवालों की मर्जी के खिलाफ दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली क्योंकि दोनों बालिग थे. कुछ समय पहले ही कोमल के पिता को दोनों की कोर्ट मैरिज की जानकारी मिली. जिसके बाद कोमल के पिता ने महेश के खिलाफ महिला थाना कोतवाली में तहरीर दी थी. महिला थाना की इंस्पेक्टर ने महेश और कोमल दोनों को थाने पर बुलाया था.

इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों से बातचीत के बाद यह साफ हो गया कि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं. वह पहले ही कोर्ट मैरिज कर चुके हैं. समझाने बुझाने के बाद भी कोमल महेश के साथ ही रहने की जिद कर रही थी. जिसके बाद महिला थाना प्रभारी ने कोमल के पिता को भी समझाया कि दोनों कोई भी कानूनन अपराध नहीं कर रहे हैं, दोनों बालिग है. उन्हें अपनी मर्जी से शादी करने का हक है. आखिरकार कोमल के पिता मान गए और महिला थाने में ही कोरोना प्रोटोकॉल के तहत दोनों की शादी हुई.

इस दौरान दूल्हा दुल्हन के हाथ सैनिटाइज करवाकर, मास्क और शारीरिक दूरी के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जय माल भी सैनिटाइज करवाया गया. इसके बाद दूल्हा-दुल्हन ने जयमाल पहनाया. फिर महिला थाना प्रभारी ने दोनों को आशीर्वाद देकर कोमल की विदाई की.
Published by:Ajayendra Rajan Shukla
First published: