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भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

UP: अवैध धर्मांतरण मामले में मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी गिरफ्तार

UP: अवैध धर्मांतरण मामले में मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी गिरफ्तार

UP News: यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रूपये बहरीन देश से भेजे गये हैं. कुल 3 करोड़ रूपये की फंडिंग के साक्ष्य मिले हैं.

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लखनऊ. बीते दिनों उत्तर प्रदेश में एक बड़े स्तर पर अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) कराने वाले गिरोह के सरगना के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार कर एक बडे़ सिंडिकेट का खुलासा किया था. इसी क्रम में मंगलवार रात मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था. राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इसकी जानकारी दी है.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के मुताबिक बीते 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. जोकि मूलत: यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

एडीजी ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी भी देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने आगे बताया, “मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. मौलाना कलीम के ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.”

उन्होंने आगे कहा कि फिर इन मदरसों में मौलाना कलीम पैगामे इंसानियत के संदेश देने के बहाने जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच और भय दिखाकर इस्लाम स्वीकार करने के लिये प्रेरित करता है. जिसके बाद इन लोगो को प्रशिक्षित कर अन्य लोगों को धर्मांतरण के लिये प्रेरित करता है. मौलाना कलीम इस दौरान खुद के लिखे हुए साहित्य और दावा (धर्मांतरण के आमंत्रण) निशुल्क मुहैय्या कराता है.

इस दौरान मौलाना कलीम लोगों के बीच में इस बात का दावा करता है कि सिर्फ शरियत के अनुसार बनी व्यवस्था ही न्याय दे सकती है इसलिये तीन तलाक जैसे मामले भी शरियत के कानून के तहत ही निपटाये जाने चाहिए.

प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी एटीएस द्वारा बीते जून में धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किये गये उमर गौतम से जुडे़ अल-हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट में जिन संगठनों ने फडिंग की थी. उन्हीं के जरिये मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट जामिया ईमाम वलीउल्ला को भी अनियमित रूप से भारी मात्रा में फंडिंग की गई है. अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रूपये बहरीन देश से भेजे गये हैं. अब तक कुल 3 करोड़ रूपये की फंडिंग के साक्ष्य मिले हैं.

इतना ही नहीं इस दौरान उमर गौतम ने जिनका धर्मांतरण कराया है, उनके तार मौलाना कलीम सिद्दीकी से भी जुडे़ पाये गये हैं.

उन्होंने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी ने मेरठ कालेज से बीएससी की है. पीएमटी की भी परीक्षा पास की थी. लेकिन इस बीच इस्लामी साहित्यकारों और संस्थान से जुडे़ लोगों से प्रभावित होकर MBBS करने के बजाय दारूल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ से शिक्षा हासिल की है.

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