तो क्या यूपी में बिखर जाएगा महागठबंधन...

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के हाथों महागठबंधन की हुई बुरी हार की बीएसपी समीक्षा कर रही है. पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनाव में परिणाम अपेक्षित नहीं रहे इसलिए हर पहलू की समीक्षा की जा रही है


Updated: June 3, 2019, 6:14 PM IST
तो क्या यूपी में बिखर जाएगा महागठबंधन...
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Updated: June 3, 2019, 6:14 PM IST
( पवन गौर )

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के हाथों महागठबंधन की हुई बुरी हार की बीएसपी समीक्षा कर रही है. पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनाव में परिणाम अपेक्षित नहीं रहे, इसलिए हर पहलू की समीक्षा की जा रही है. इसमें गठबंधन भी शामिल है. चुनावी हार पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी की बैठक बुलाई थी. बैठक दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारा रोड स्थित पार्टी कार्यालय में हुई. बैठक में बसपा के उत्तर प्रदेश सभी जिला अध्यक्ष, जोनल को-ऑर्डिनेटर, जीते हुए सांसद समेत लोकसभा प्रत्याशी और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा

मायावती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा की गई. साथ ही सपा और आरएलडी के साथ हुए गठबंधन की भी समीक्षा की गई. हालांकि, उस पर अभी किसी ने बोलने से इनकार कर दिया. गठबंधन के साथ-साथ ईवीएम को लेकर बैठक में चर्चा हुई और तय किया गया कि बसपा सुप्रीमो ईवीएम का मुद्दा लगातार उठाती रहेगी. लोकसभा नतीजों के बाद बसपा की पहली बड़ी बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा हुई और बीजेपी की तरह 50 प्रतिशत की रणनीति बनाने की बात हुई. बैठक के बाद ये संकेत भी दिए गए कि मायावती विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश स्तर पर संगठन में बड़ा बदलाव कर सकती हैं.

गठबंधन में आरएलडी को भी दी गई थी जगह
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था, जब पुराने प्रतिद्वंद्वी एसपी-बीएसपी ने एक मंच पर आने का फैसला किया था. यह तय किया गया कि दोनों साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. इस महागठबंधन में अजित सिंह की आरएलडी को भी शामिल किया गया. चुनाव से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि महागठबंधन यूपी में बीजेपी का विजय रथ रोक सकता है. बीजेपी की तरफ से भी यूपी में 'टफ फाइट' की बात कही जा रही थी. लेकिन, जब चुनाव नतीजे आए तो महागठबंधन को बुरी हार का मुंह देखना पड़ा.

पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी को महज पांच सीटें मिलीं. अखिलेश यादव और मुलायम सिंह को छोड़कर यादव परिवार के सभी सदस्यों को भी हार का सामना करना पड़ा. यह जरूर है कि 2014 के मुकाबले बीएसपी फायदे में रही, लेकिन जितनी उम्मीद की जा रही थी वैसा कुछ नहीं हुआ. पार्टी को दस सीटें मिलीं. वहीं, आरएलडी अपना खाता भी नहीं खोल सकी. खुद चौधरी अजित सिंह को नजदीकी मुकाबले में हार मिली. उन्हें बीजेपी के संजीव बालियान ने हराया.
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First published: June 3, 2019, 2:41 PM IST
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