मायावती का ऐलान, आगामी उपचुनावों में बसपा किसी भी दल की नहीं करेगी मदद

मायावती के बयान के बाद ऐसे कयास हैं कि इन दोनों सीट पर बीएसपी सपा का समर्थन नहीं करेगी. या फिर ये भी हो सकता है कि बीएसपी का कैडर उस हिसाब से चुनाव में प्रचार न करे, जैसा कि गोरखपुर और फूलपुर की सीट पर किया था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: March 27, 2018, 10:01 AM IST
मायावती का ऐलान, आगामी उपचुनावों में बसपा किसी भी दल की नहीं करेगी मदद
बीएसपी सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो.
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Updated: March 27, 2018, 10:01 AM IST
2014 के लोकसभा चुनावों से राजनीतिक मझदार में फंसीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन के साथ राजनीति की मुख्यधारा में एक बार फिर वापसी की है. इसी कड़ी में सोमवार शाम मायावती की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि बीएसपी अब किसी उपचुनाव में किसी भी दल की मदद नहीं करेगी.

गौरतलब है यूपी में कैराना की लोकसभा सीट और नूरपुर की विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. मायावती के बयान के बाद ऐसे कयास हैं कि इन दोनों सीट पर बीएसपी सपा का समर्थन नहीं करेगी. या फिर यह भी हो सकता है कि बीएसपी उस हिसाब से चुनाव में प्रचार न करे, जैसा कि गोरखपुर और फूलपुर की सीट पर बीएसपी ने किया था.

यानी अगर मायावती के पिछले 10 दिनों में दो बार दिए गए बयानों पर गौर करें तो उन्होंने साफ किया है कि सपा के साथ उनका गठबंधन आगे भी चलता रहेगा और पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव भी गठबंधन के साथ ही मजबूती से लड़ने जा रही हैं. यह अलग बात है कि मायावती शुरू से ही गठबंधन के खिलाफ ही रही हैं और चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति से प्रायः परहेज रखा है.

उल्लेखनीय है 2019 लोकसभा के चुनावों को लेकर सपा और बसपा में अभी सीटों को लेकर बंटवारा होना बाकी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मायावती और अखिलेश इस बात पर सहमत होते दिख रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का चेहरा मायावती ही होंगी, जबकि अखिलेश उत्तर प्रदेश में नेतृत्व करेंगे.

सपा और बसपा के रणनीतिकारों का मानना है कि दलित को पहली बार प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी पेश करके दोनों तमाम क्षेत्रीय पार्टियों को साथ लाने में कामयाब रहेंगे. साथ ही, एक मजबूत जातीय समीकरण बनाने में कामयाब भी हो सकेंगे.
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