मायावती एक बार फिर सर्वसम्मति से बनीं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 28, 2019, 3:06 PM IST
मायावती एक बार फिर सर्वसम्मति से बनीं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष
मायावती एक बार फिर सर्वसम्मति से बनीं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की केंद्रीय कार्यकारिणी समित और ऑल इंडिया स्टेट पार्टी यूनिट के वरिष्ठ सदस्यों और चयनित प्रतिनिधियों की विशेष बैठक बुधवार को लखनऊ में हुई. इस बैठक में मायावती (Mayawati) को सर्वसम्मति से फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है.

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) की केंद्रीय कार्यकारिणी समित और ऑल इंडिया स्टेट पार्टी यूनिट के वरिष्ठ सदस्यों और चयनित प्रतिनिधियों की विशेष बैठक बुधवार को लखनऊ में हुई. इस बैठक में मायावती (Mayawati) को सर्वसम्मति से फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. इस चुनाव के दौरान सभी प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय महासचिव और सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने पूरा किया. इसके बाद मायावती को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा हुई. इस दौरान मायावती ने सभी का आभार प्रकट किया और भरोसा दिलाया कि वह सभी संतों गुरुओं, मान्यवर कांशीराम के बीएसपी मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहती हैं.

इस दौरान मायावती ने अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर इस अनुच्छेद के पक्ष में नहीं थे. यही कारण है कि बीएसपी ने इस धारा को हटाए जाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने में थोड समय जरूर लगेगा इसलिए थोड़ा इंतजार कीजिए. इस दौरान मायावती ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं के कश्मीर जाने के कदम का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर में थोड़े भी हालात बिगड़ जाते तो क्या केंद्र सरकार इसका देज्ञश इन पार्टिर्यों पर नहीं थोप देती. इस पर भी विचार कर लिया जाता. हालांकि वास्तव में इस समस्या की मूल जड़ कांग्रेस और पंडित नेहरू ही हैं.

मायावती ने कहा कि कांग्रेस और इनकी सरकारों में खासकर बहुजन समाज की इतनी ज्यादा उपेक्षा हुई है, जिसे भुला पाना असंभव है. इन्होंने बाबा साहेब को पहले संसद में चुनकर जाने नहीं दिया, फिर मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न की उपाधि से भी सम्मानित नहीं किया. वहीं आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बसपा सुप्रीमो ने कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में होने वाले चुनाव को पार्टी को पूरी मजबूत से लड़ना है. बसपा को खासकर इन राज्यों में बीजेपी व कांग्रेस दोनों के खिलाफ इन चुनावों में लड़ना है और पहले बैलेंस ऑफ पावर बनकर आगे बढ़ना है.

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First published: August 28, 2019, 2:05 PM IST
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