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UP: 'दलित उत्पीड़न' पर सियासी बवाल, मायावती बोलीं- पीड़ितों पर पुलिस कार्रवाई शर्मनाक, नुकसान की भरपाई करे सरकार

मायावती ने आजमगढ़ मामले को लेकर यूपी सरकार पर हमला बोला है. (फोटो-PTI)

मायावती ने आजमगढ़ मामले को लेकर यूपी सरकार पर हमला बोला है. (फोटो-PTI)

Azamgarh News: उत्‍तर प्रदेश के आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पिछले दिनों विवाद सुलझाने गए दो पुलिसकर्मियों पर लोगों ने हमला बोल दिया था. इस वजह से दोनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के साथ कई लोगों के घरों तोड़फोड़ की थी. बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने इस मामले को लेकर यूपी सरकार पर हमला बोला है.

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आजमगढ़. यूपी के आजमगढ़ जिले (Azamgarh) के रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में करीब एक हफ्ते पहले पुलिस (UP Police) के जवानों पर हुए हमले और उसके बाद आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ के मामले से सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. इस मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi), भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी के बाद बसपा ने भी यूपी सरकार पर हमला बोला है. बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने ट्वीट किया, ' आजमगढ़ पुलिस द्वारा पलिया गांव के पीड़ित दलितों को न्याय देने के बजाय उन पर ही अत्याचारियों के दबाव में आकर खुद भी जुल्म-ज्यादती करना और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाना अति-शर्मनाक. सरकार इस घटना का शीघ्र संज्ञान लेकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के साथ पीड़ितों की आर्थिक भरपाई करे.

इसके साथ मायावती ने कहा कि अत्याचारियों और पुलिस द्वारा भी दलितों के उत्पीड़न की इस ताजा घटना की गंभीरता को देखते हुए बीएसपी का एक प्रतिनिधिमण्डल पूर्व एमएलए गया चरण दिनकर के नेतृत्व में पीड़ितों से मिलने शीघ्र ही गांव का दौरा करेगा.

प्रियंका गांधी ने यूं साधा निशाना
यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी ने सोमवार को ट्वीट किया,‘आजमगढ़, रौनापार के पलिया गांव में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दलित परिवारों पर हमला करने की खबर आ रही है. वहां कई मकानों को तोड़ा गया, सैकड़ों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. यह सरकारी अमले की दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है. दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए.’

वहीं इस मामले पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि जिला आजमगढ़, ग्राम पलिया के प्रधान मुन्ना पासी के घर पर की गई तोड़-फोड़ प्रशासन की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण है. सीएम योगी दलितों पर आपकी पुलिस द्वारा किया गया अत्याचार दलित समाज भूलेगा नहीं. मैं 19 जुलाई को पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने खुद आजमगढ़ आ रहा हूं.

ये है पूरा मामला
रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 29 जून की शाम को गांव के ही एक डॉक्टर आनंद बंगाली से कुछ लोगों का विवाद हो गया था. सूचना के बाद थानाध्यक्ष ने गांव के ही पास में ड्यूटी पर तैनात 2 सिपाहियों विवेक और मुखराम यादव को मौके पर विवाद सुलझाने के लिए भेजा था. पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो मारपीट हो रही थी, एक पुलिसकर्मी अपनी मोबाइल से इसका वीडियो बनाने लगा. यह देख वहां मौजूद हमलावरों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और जमकर पिटाई कर दी, जिससे दोनों सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गये. सूचना के बाद महकमे के आला अधिकारी रात को गांव में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हमलावरों के खिलाफ आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस ने मौजूदा ग्राम प्रधान के घर में तोड़फोड़ भी कर डाली.

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UP Board Exams: 10वीं और 12वीं की इम्‍प्रूवमेंट परीक्षा आज से, कैमरे की निगरानी में हो रहा एग्‍जाम

UP Board Exam :  जो छात्र अपने रिजल्‍ट से संतुष्‍ट नहीं हैं, वह इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

UP Board improvement Exams 2021: 10वीं की यूपी बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षाएं 4 अक्टूबर तक चलेंगी, वहीं 12वीं की परीक्षाएं 6 अक्टूबर को खत्म होंगी. परीक्षा की अवधि दो घंटे है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 10:59 IST
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज से कक्षा 10वीं और 12वीं की इम्‍प्रूमेंट परीक्षा शुरू कर रही. यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा उन छात्रों के लिए है, जो अपने वैकल्पिक मूल्यांकन मानदंड से प्राप्त परिणाम से संतुष्‍ट नहीं हैं और जिन्‍हें लगता है कि उनका रिजल्‍ट और बेहतर हो सकता है.

क्‍लास 10 की यूपी बोर्ड सुधार परीक्षा (Class 10 UP Board improvement exams) 4 अक्टूबर तक चलेगी. जबकि कक्षा 12 की परीक्षा (Class 12 UP Board improvement exams) 6 अक्टूबर को समाप्त होगी. दोनों एग्‍जाम की अवधि दो घंटे है.

बोर्ड परीक्षा का आयोजन कैमरे की निगरानी में हो रहा है. परीक्षा हॉल में छात्रों के बीच दूरी रखी गई है. सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरा ध्‍यान रखा गया है.

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Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव (File photo)

Prayagraj News: इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को प्रयागराज में शाहरुख (Shahrukh) नाम के संदिग्ध ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है. लेकिन पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लेने से मना कर दिया. शाहरुख ही वह शख्स है जिसके पोल्ट्री फॉर्म से एटीएस और दिल्ली पुलिस को आईईडी बरामद हुआ था. शाहरुख का दावा है कि आईईडी उसे एक दिन पहले ही गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जीशान ने रखने के लिए दिया था. अगले दिन जीशान की निशानदेही पर एटीएस और दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के पोल्ट्री फार्म से ही आईईडी बरामद की थी. बरामद आईईडी को बम डिस्पोजल स्क्वायड के जरिए डिस्पोज किया गया था.

खुद थाने पहुंचा शाहरुख
शाहरुख ने कल रात फेसबुक लाइव कर खुद को बेगुनाह बताया और कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर करने की बात कही. चौक इलाके से किए गए लाइव में वह चलते हुए कोतवाली थाने तक गया है. फेसबुक लाइव में शाहरुख ने दावा किया है कि वह खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस के सामने पेश हो रहा है. उसने बताया कि जिस दिन उसके पोल्ट्री फार्म से आईईडी बरामद हुई थी एटीएस अफसरों ने उसे फोन किया था. फोन पर वक्त दिए जाने के बावजूद डर की वजह से वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था.

शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार
इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी. बहरहाल, शाहरुख का जिस तरीके का कनेक्शन सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है. इसी हफ्ते हुई छापेमारी में शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार हुए हैं. ओसामा की गिरफ्तारी दिल्ली में और आमिर बेग की गिरफ्तारी लखनऊ से हुई है. जबकि शाहरुख के करीबी जीशान कमर की गिरफ्तारी प्रयागराज से हुई है.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

UP News Live Updates: मुकेश सहनी ने ओमप्रकाश राजभर से की मुलाकात, सियासी हलचल तेज

UP: मुकेश सहनी ने ओमप्रकाश राजभर से की मुलाकात

UP News Live Updates: बताया जा रहा है कि 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर करीब 1 घंटे दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. फिलहाल दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 10:32 IST
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UP News Live Updates 18 September 2021:  उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रयागराज में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी ने शनिवार को सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर करीब 1 घंटे दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. फिलहाल दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जीएसटी परिषद (GST Council) की 45वीं बैठक में पेट्रोल व डीजल की महंगाई से अभी राहत नहीं मिली है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitaraman) की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में शामिल करने पर विचार किया गया, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी. हालांकि, काउंसिल ने आम लोगों को राहत देने वाले भी कुछ फैसले किए हैं. कई महंगी जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया हैं. साथ ही कोविड से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी की रियायत 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. निर्यात के लिए जीएसटी इनपुट क्रेडिट साल के अंत तक जारी रहेगी. वहीं दिव्यांगों के लिए बनी गाड़ियों को अब सिर्फ 5 प्रतिशत कर देना होगा. बायो डीजल में घटोत्तरी करते हुए 12 से 5 प्रतिशत पर लाया गया है.

निर्मला सीतारमण ने बताया कि हमने जनता के हितों वाले फैसले लिए हैं. ये सभी लंबे समय से अटके पड़े थे. आवश्यक दवा को लेकर प्रक्रिया बहुत लंबी थी, जिसको अब टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है. zolgensma और viltepso नाम की बहुत महंगी दवाओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखने का फैसला आज हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जिन दवाओं को टैक्स के दायरे के बाहर रखने का सुझाव आया था, उन्हें भी छूट दी गई है.

अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं को दी नसीहत, 'यूपी चुनाव में EVM और DM से रहें सावधान'

UP: कोरोना काल में काम आई समाजवादियों की एम्बुलेंस (File photo)

UPAssembly Election: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह यह न भूलें कि ऐसा अवसर फिर दोबारा नहीं आने वाला है. अखिलेश यादव ने यूपी में हुए जिला पंचायत के चुनावों में गुंडागर्दी का भी आरोप लगाया था.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव एक्टिव हैं. राजधानी लखनऊ में अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी कार्यकर्ताओं को ईवीएम (EVM) से सावधान रहने की नसीहत दी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को सबसे बड़ा चुनाव बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ईवीएम से सावधान रहें. इसके अलावा, जिले के डीएम को लेकर भी सावधान रहें और चुनाव की पूरी तैयारी करें. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ईवीएम और डीएम बिहार चुनाव में ईमानदार नहीं थे, जिसका जवाब उन्हें बंगाल चुनाव के नतीजों में मिल गया.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि बूथों पर बीजेपी की बुरी नजर है. यह लोकतंत्र बचाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं की परीक्षा का का समय है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से बिना समय बर्बाद किए अपने-अपने क्षेत्रों में खुद को समर्पित करने को कहा. अखिलेश यादव ने कहा कि इस कार्य में कोई झिझक न हो और यह तय करें कि बूथ पर किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न करने पाए.

यह भी पढ़ें- UP: 100 से अधिक फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा, 3 गिरफ्तार

पार्टी कार्यकर्ताओं से अखिलेश यादव ने कहा कि वह यह न भूलें कि ऐसा अवसर फिर दोबारा नहीं आने वाला है. एक दिन पहले ही अखिलेश यादव ने यूपी में हुए जिला पंचायत के चुनावों में गुंडागर्दी होने का आरोप लगाया था. अखिलेश ने कहा कि सरकार सिर्फ नाम बदलने का सिर्फ काम कर रही है. उन्होंने पूछा- 5 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना कहां गया? मुख्यमंत्री ने 1 ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य की बात कही थी, कहां है? लखनऊ में बड़े-बड़े कागजों पर दस्तखत हुआ था. बड़े-बड़े एमओयू साइन हुए थे.

कोरोना काल में काम आई समाजवादियों की एम्बुलेंस
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना में लोगों की कितनी जान चली गयी? अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं था, बेड नहीं था. कोरोना काल में समाजवादियों की चलाई गई एम्बुलेंस काम आयी. ऐसा लॉक डाउन किया कि गरीब की जान चली गयी. सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन नहीं किया. गंगा मां में लाशें बह रही थीं.

Lucknow rain:लगातार बारिश से पानी-पानी हुई यूपी की राजधानी,सड़कें बनी तालाब

बारिश से राजधानी लखनऊ की सड़कें बनी तालाब

आलम यह है कि बुधवार सुबह 8.30 बजे से गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गुरुवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश हुई है. यानी लखनऊ में बुधवार की सुबह 8.30 बजे से गुरुवार की शाम 5.30 बजे तक कुल 222 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है.

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लखनऊ में बुधवार से शुरू हुई बारिश अभी भी लगातार जारी है. लखनऊ में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है. इस बात की भी आशंका बढ़ गयी है कि कहीं बारिश सारे रिकॉर्ड ना तोड़ दे.आलम यह है कि बुधवार सुबह 8.30 बजे से गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गुरुवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश हुई है. यानी लखनऊ में बुधवार की सुबह 8.30 बजे से गुरुवार की शाम 5.30 बजे तक कुल 222 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है.
भारी बारिश के कारण शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गयी है. निराला नगर में पेड़ गिर गए है. नाले भी उफना गये हैं. शहर के वीआईपी इलाके भी जलभराव से बच नहीं पाये हैं.
तो वही एहितयात के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी स्कूल कॉलेजों को 17 और 18 सितम्बर तक बंद रखने का आदेश दिया है.
साथ ही भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी एडवाइजरी और हेल्पलाइन नम्बर जारी कर अलर्ट किया है.जिला प्रशासन के अनुसार किसी भी तरह की समस्या के होने पर लखनऊ के लोग 6389300137/138/139 पर मदद के लिए फ़ोन कर सकते हैं. राजधानी लखनऊ निवासी इमरजेंसी की अवस्था में 0522-4523000 पर भी सूचना दे सकते हैं.
एडवाइजरी में जिला प्रशासन ने कहा है कि लोग बेवजह घरों से ना निकले. बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें. भीड़भाड़ वाले इलाके और ट्रैफिक जाम से लोग बचे. इसके अलावा खुले सीवर, बिजली के तार, खंभों से बचकर रहें.

UP: 100 से अधिक फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाले गिरोह का खुलासा, 3 गिरफ्तार

UP Crime: यूपी में 6 साल से सक्रिय है यह गिरोह

Lucknow News: एसटीएफ की गिरफ्त में आया गिरोह का मास्टर माइंड फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के भांडरी निवासी राम निवास उर्फ राम भईया है. वह खुद जूनियर हाईस्कूल में फर्जी तरीके से शिक्षक नियुक्त है.

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लखनऊ. स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (Teachers Recruitment Examination) में धांधली करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न जिलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिये 100 से अधिक शिक्षकों की भर्ती करा चुका है. एसटीएफ के मुताबिक आरोप उत्तर प्रदेश में फर्जी शिक्षक खुद गिरोह बनाकर जाली दस्तावेजों व साल्वर गैंग की मदद से बड़ा खेल कर रहे थे. अलग-अलग जिलों में लगातार फर्जी शिक्षकों की न सिर्फ भर्ती कराई जा रही है, बल्कि प्रयागराज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी सत्यापन तक कराए जा रहे थे. एसटीएफ अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के लिपिक नरेंद्र कन्नौजिया समेत कई फर्जी शिक्षकों की तलाश कर रही है. सरगना राम निवास के खाते में 19 लाख रुपये फ्रीज भी कराए गए हैं.

आरोपियों के पास से कई फर्जी डिग्री, अहम दस्तावेज और नकदी बरामद हुई है. एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला की टीम ने बताया कि शुक्रवार शाम विभूतिखंड थानाक्षेत्र के पिकप भवन तिराहे के पास से एक जालसाज गिरोह को दबोचा गया. गिरोह फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति कराने, टीजीटी, पीजीटी व टीईटी परीक्षा में पास कराने का ठेका लेता था. इसके बदले में लाखो रुपये की वसूली की जाती थी.

यूपी में 6 साल से सक्रिय है यह गिरोह
एसटीएफ की गिरफ्त में आया गिरोह का मास्टर माइंड फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के भांडरी निवासी राम निवास उर्फ राम भईया है. वह खुद जूनियर हाईस्कूल में फर्जी तरीके से शिक्षक नियुक्त है. इसके अलावा बिहार के गया स्थित चितरंजनपुर का संजय सिंह जो डाटा साफ्ट कंप्यूटर सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी का प्रोडक्शन मैनेजर और आगरा के सिकंदरा का रविन्द्र कुमार उर्फ रवि शामिल है. रवि वर्तमान में देवरिया के भाटपाररानी में रहता है. वह फर्जी तरीके शिक्षक के रुप में बनकटा में तैनात है. एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक यह गिरोह 6 साल से सक्रिय है. फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है.

क्या यूपी में आने वाला विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे बयानबाजियों की तरफ बढ़ रहा है?

पिछले चुनाव में अली और बजरंगबली सबको याद होगा (सांकेतिक तस्वीर)

UP Election 2022: वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि पिछले चुनाव के अली और बजरंगबली सबको याद होंगे. वे कहते हैं कि बीजेपी एक नैरेटिव सेट करती है और धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दल उसी पर चले आते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) होने वाले हैं. सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. उधर, आए दिन बयानबाजियां सुनने को मिल रही है. राजनीतिक दलों के रिएक्शन की एक कड़ी बनती दिखाई तो देती है, लेकिन इन सबके बीच वास्तविक मुद्दों पर कोई बात करता दिखाई नहीं दे रहा है. न्यूज़ 18 के एजेंडा बनारस कार्यक्रम में भी यही दिखा. जहां कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सत्ता धारी दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैं भी हिंदू हूं. वहीं सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने बीजेपी पर आरोप लगाते ये सफाई भी दे डाली कि समाजवादी पार्टी आतंकियों के साथ नहीं है.

क्या आने वाला विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे बयानबाजियों की तरफ बढ़ रहा है. वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि पिछले चुनाव के अली और बजरंगबली सबको याद होंगे. वे कहते हैं कि बीजेपी एक नैरेटिव सेट करती है और धीरे- धीरे सभी राजनीतिक दल उसी पर चले आते हैं और मुद्दों के बजाय चुनाव बयानों पर ही निपट जाता है. वे कहते हैं कि अभी से अगर नेताओं के बयानों पर ध्यान दें तो सिलसिला चल पड़ा है और विधानसभा चुनाव आते आते गति पकड़ लेगा.

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क्या बीजेपी चुनावी नैरेटिव सेट करती है, क्या बयानबाजियों पर सिमटेगा चुनाव. इस सवाल पर बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला कहते हैं कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं है तो विपक्षी दल क्या बात करेंगे. शुक्ला कहते हैं कि इतना जरुर है कि वे अपने किए गये कर्मों पर बयानों के माध्यम से पानी डालते नजर आते हैं. बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, जब पुलिस आतंकियों की गिरफ्तारी करती है तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बयान आता है कि उन्हें यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है. वहीं राहुल गांधी और उनकी पार्टी का बयान मंदिर को लेकर जगजाहिर है, ऐसे में इनकी मजबूरी है जनता को सफाई देना. जनता जानती है कि बीजेपी सरकार ने क्या क्या जनहित के काम किए हैं यही कारण है कि 2022 का चुनाव बीजेपी ही जीतेगी.

UP Weather Update: आसमान में छाए रहेंगे बादल, यूपी के इन जिलों में आज रहेगा बारिश का अलर्ट

UP weather Update: आसमान में छाए रहेंगे बादल (File photo)

Weather Alert: पिछले 48 घंटों में सबसे ज्‍यादा वर्षा वाले 10 शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सूची में सबसे ऊपर है, जहां 128 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 08:01 IST
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लखनऊ. देश के मैदानी क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश (Heavy Rain) देखने को मिल रही है. बीते 24 घंटों के दौरान भी कुछ इलाकों में काफी ज्‍यादा बरसात देखने को मिली. मौसम विभाग (Weather Department) ने शनिवार को पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. जबकि रविवार 19 सितंबर को पश्चिमी अंचल में कुछ स्थानों पर हल्की से सामान्य बारिश होगी. राज्य में बदली-बारिश का सिलसिला 20 सितंबर तक जारी रहने के आसार हैं. वहीं आसमान में बादल छाए रहेंगे. बता दें कि गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ीं.

पिछले 48 घंटों में सबसे ज्‍यादा वर्षा वाले 10 शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सूची में सबसे ऊपर है, जहां 128 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण लखनऊ में जनजीवन काफी अस्‍त व्‍यस्‍त हुआ है. राजधानी के अधिकांश इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला है. इससे शहर की व्‍यवस्‍था चरमराई हुई दिखी गुरुवार की सुबह 8:30 बजे से लेकर शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे तक 128 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यानी 48 घंटों के दौरान कुल 235 मिलीमीटर बारिश हुई. सबसे ज्यादा बारिश कल गुरुवार को हुई. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार सुबह 8:30 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे तक लखनऊ में 91 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

24 घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश
शाम 5:30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी. शाम ढलते- ढलते बारिश की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती आ गई थी. इसी वजह से लखनऊ में बारिश का नया रिकॉर्ड नहीं बना और लोगों को राहत मिलनी शुरू हुई. इससे पहले साल 2012 में 138 मिलीमीटर बारिश 24 घंटे के दौरान लखनऊ में हुई थी. इस साल जुलाई के महीने में 24 घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है लेकिन कल गुरुवार को हुई बारिश इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हो गयी है.

बादलों की रहेगी आवाजाही 
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान लगाया था कि शुक्रवार से न सिर्फ हवाएं थम जाएंगी बल्कि बारिश की रफ्तार भी धीमी हो जाएगी. मौसम में सुधार आ गया है. हालांकि बादलों की आवाजाही लगी रहेगी और छिटपुट बारिश भी हो सकती है. फिलहाल भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है.

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, (File photo)

Hooch Tragedy: उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,' सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.'

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की लाख कोशिशो के बावजूद जहरीली शराब (Poisonous Liquor) से मौतों का सिलसिला और भष्टाचार थमता नजर नहीं आ रहा है. जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर शुक्रवार शाम बुलंदशहर में जहरीली शरीब से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के 2 सहायक आबकारी आयुक्तों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

दरअसल, योगी सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग और अवैध शराब माफियाओं की मिलीभगत से बिकने वाली जहरीली शराब से अब तक करीब 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जिसको लेकर समय-समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती रही है. उसी के क्रम में बुलंदशहर में जहरीली शराब से 6 लोगों की मौत के मामले में कडी कार्रवाई की गई है. जिसमें सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह और संजय त्रिपाठी को निलंबित कर, दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को प्रयागराज स्थित आबाकारी विभाग के मुख्यालय से संबंध कर दिया गया है.

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उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,’ सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.’ इस दौरान बीते दिनों मदिरा की भराई को लेकर उच्चाधिकारियों से जांच कराई गई थी. जिसमें मदिरा की तीव्रता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिली थी. जिस पर कड़ा रूख अपनाते हुए सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह को निलंबित कर दिया गया है.

राजकीय कार्यों में शिथिलता का आरोप
और साथ ही बुलंदशहर में तैनाती के दौरान 6 लोगों की जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में सहायक आबकारी आयुक्त संजय त्रिपाठी को भी निलंबित किया गया है. और विभागीय कार्यो में लापरवाही के आरोप में निलंबित किये गये इन दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को आबकारी मुख्यालय सें संबद्ध कर दिया है. आबकारी आयुक्त ने बताया कि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपने राजकीय कार्यों में शिथिलता बरतता है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी मदद की उम्मीद पाले चल बसा टोक्यो पैरालंपिक-81 में 3 गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी

1981 में पदक जीतकर आने के बाद इंदिरा गांधी के साथ फोटो सेशन (दाएं) और अपने पदकों के साथ प्रसन्नचित्त कौशलेंद्र.

टोक्यो पैरालंपिक-1981 में 3 गोल्ड जीतने वाले पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह की मौत इलाज के अभाव में बुधवार को हो गई है. उन्होंने अपनी मदद के लिए गुहार लगाई थी, पर उन्हें सरकारी मदद नहीं मिल सकी. वह किडनी की बीमारी से पीड़ित थे.

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लखनऊ. टोक्यो पैरालंपिक-2020 में शानदार प्रर्दशन कर दुनियाभर में भारत का नाम रोशन करने वाले पैरालंपिक खिलाड़ियों का इन दिनों पूरे देश में जोरदार स्वागत और सम्मान किया जा रहा है. देश के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात कर उनका अभूतपूर्व स्वागत और सम्मान किया. इन खिलाड़ियों को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया गया. लेकिन इस बीच दुर्भाग्यवश टोक्यो पैरालंपिक-1981 में भारत के लिए 3 गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह की इलाज के अभाव में मौत हो गई है.

किडनी के इलाज के लिए लगाई थी मदद की गुहार

55 वर्ष के पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह बीते कुछ दिनों से यूरिनरी ब्लैडर में गांठ के चलते असहनीय दर्द से जूझ रहे थे. इस बीमारी के इलाज के लिए कौशलेंद्र शाहजहांपुर से उत्तराखंड और दिल्ली तक भटकते रहे. इस बीच उन्हें हरिद्वार स्थित रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम से रेफर किए जाने पर नई दिल्ली स्थित RML में भर्ती तो कर लिया गया. लेकिन 2 दिन बाद कुछ और जांच कराकर आने की बात कहकर डिस्चार्ज कर दिया गया. जिसके बाद प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने के पैसे न होने के चलते कौशलेंद्र सिंह ने अपने भतीजे दीपक के जरिये ट्वीट कराकर संबंधित मंत्रियों और संस्थानों से अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाई थी. लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के अलावा उन्हें कही से कोई मदद का भरोसा नहीं मिला. इस बीच मदद मिलने के पहले ही बुधवार की रात कौशलेंद्र सिंह इलाज के अभाव में इस दुनिया से विदा हो गए.

टोक्यो पैरालंपिक-1981 में जीते थे 3 गोल्ड मेडल

दरअसल, UP के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद में रहने वाले कौशलेंद्र सिंह 12 वर्ष की उम्र में जामुन के पेड़ से गिर गए थे. उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी और इसकी वजह से दोनों पैर खराब हो गए थे. बावजूद कौशलेंद्र सिंह ने अपने बुलंद इरादों और हौसले की बदौलत 1981 में जापान में आयोजित टोक्यो पैरालंपिक में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रर्दशन से 3 गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर दिया. कौशलेंद्र सिंह ने टोक्यो पैरालंपिक में 1500 मीटर और 100 मीटर व्हीलचेयर रेस में गोल्ड मेडल के साथ 100 मीटर की बाधा दौड़ में भी गोल्ड मेडल जीता था. साथ ही राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पैरालंपिक खेलों में कई मेडल जीतकर प्रदेश और देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया था.

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मानित

टोक्यो पैरालंपिक-1981 के गोल्ड मेडलिस्ट कौशलेंद्र सिंह ने बीते 12 सितंबर को न्यूज18 से बात करते हुए कहा था कि आज टोक्यो पैरालंपिक-2020 में शानदार प्रर्दशन कर देश का नाम रोशन करने वाले अपने खिलाडियों पर बेहद गर्व हो रहा है. क्योंकि आज हमारे साथियों ने दुनिया भर में भारत का झंडा बुलंद किया है. टोक्यो पैरालंपिक-1981 में मैंने भी 3 गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश का झंडा बुलंद किया था. गोल्ड मेडल जीतने पर मेरा भी इसी तरह से स्वागत-सम्मान हुआ था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाधी ने हमसे मुलाकात कर हमारे साथ लंच किया था. हमें सम्मानित करते हुए भविष्य में भी हमारी पूरी मदद का आश्वासन उन्होंने दिया था. लेकिन उसके बाद नेताओं और अधिकारियों ने हमारे साथ फोटो तो जरूर खिंचवाई, लेकिन मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया.

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