मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन को बताया बड़ी गलती, कहा- हराने के लिए BJP को भी करेंगे वोट

बसपा सुप्रीमो मायावती (File Photo)
बसपा सुप्रीमो मायावती (File Photo)

बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि गठबंधन होने के पहले दिन से ही सपा चीफ एससी मिश्रा से कहते रहे कि जब बसपा और सपा ने हाथ मिला ही लिया है, उन्हें जून 1995 का केस वापस ले लेना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 2:26 PM IST
  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha) के दौरान बसपा में बगावत सामने आने के बाद से सियासत गरमाई हुई है. राज्यसभा चुनाव में बगावत करने वाले सात विधायकों को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने निलंबित कर दिया है. बीएसपी ने विधायक असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली (ढोलाना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), सुषमा पटेल ( मुंगरा बादशाहपुर) और वंदना सिंह ( सगड़ी-आजमगढ़) को पार्टी से निलंबित किया गया है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने विधायकों के निलंबन का ऐलान किया.

दरअसल, एक दिन में बसपा (BSP) के 7 विधायक बागी हो गए और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के खेमे में चले गए. इसके बाद बसपा बैकफुट पर आ गई लेकिन उसने अपने प्रत्याशी का नामांकन किसी तरह बचा लिया और अब उसका निर्विरोध राज्यसभा जाना तय हो गया है. उधर मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने ऐलान किया है कि भविष्य में होने वाले किसी भी एमएलसी चुनाव में बसपा सपा प्रत्याशी के खिलाफ ही वोट करेगी, चाहे उसे बीजेपी या अन्य किसी पार्टी का ही समर्थन क्यों न करना पड़े. मायावती ने साथ ही साथ लोकसभा चुनाव के दौरान हुए सपा बसपा गठबंधन के कदम को भी बड़ी गलती कहा है.

लोकसभा चुनाव के बाद बदला सपा का रुख
मायावती ने कहा है कि हमारी पार्टी ने कम्युनल फोर्सेज से लड़ने के लिए लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था. लेकिन उनकी पारिवारिक कलह के चलते वो बसपा के साथ गठबंधन से ज्यादा कुछ हासिल नहीं कर सके. चुनाव के बाद उन्होंने हमें रिस्पांड करना बंद कर दिया और हमने उनसे अलग होने का फैसला किया.





सपा चीफ कहते रहे जून, 1995 का केस वापस लेना चाहिए
मायावती ने कहा कि मैं ये बताना चाहती हूं कि जब हमने सपा के साथ लोकसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया. हमने इस पर काफी मेहनत की लेकिन पहले दिन से ही हमारे गठबंधन के सपा चीफ एससी मिश्रा से कहते रहे कि जब बसपा और सपा ने हाथ मिला ही लिया है, उन्हें जून 1995 का केस वापस ले लेना चाहिए.



जब हमने लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद समाजवादी पार्टी का बर्ताव हमारी तरफ देखा तो हमें महसूस हुआ कि उनके खिलाफ 2 जून 1995 का केस वापस लेने में हमने बड़ी गलती कर दी है. हमें उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए था. इस पर हमें और गहनता से सोचना चाहिए था.

सपा को हराने में झोंकेंगे पूरी ताकत
मायावती ने कहा कि हमने फैसला किया है कि यूपी में भविष्य में होने वाले विधानपरिषद चुनावों में सपा प्रत्याशी को हराने के लिए हम पूरी ताकत झोकेंगे, चाहे हमें बीजेपी प्रत्याशी या किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी को ही वोट क्यों न देना पड़े, हम देंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज