मायावती के बयान पर आज़म खान का पलटवार, कहा- बहनजी ने कर दी हल्की बात

मायावती के मुस्लिमों को टिकट देने वाले बयान पर सपा नेता ने कहा कि उन्होंने ये बहुत हल्की बात कह दी है. मेरा ख्याल है कि मायावती को इतनी हल्की बात नहीं कहनी चाहिए थी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 24, 2019, 1:59 PM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 24, 2019, 1:59 PM IST
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती के गठबंधन तोड़ने के ऐलान पर सपा नेता आजम खान ने पलटवार किया है. आजम ने कहा कि अगर वो अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रही हैं, तो हम क्या कर सकते हैं. जब समझौता हुआ तब दोनों की राय से हुआ था, मशवरे से हुआ था. नफा और नुकसान सोच के हुआ था. वैसे भी सियासत में कभी नुकसान तो कभी नफा होता रहता है.

मायावती के मुस्लिमों को टिकट देने वाले बयान पर सपा नेता ने कहा कि मायावती ने ये बहुत हल्की बात कह दी है. मेरा ख्याल है कि मायावती को इतनी हल्की बात नहीं कहनी चाहिए थी. डिंपल यादव के सार्वजनिक मंच पर मायावती के पैर छूने पर आजम खान ने कहा कि ये तो संस्कारों की बात है.



मायावती ने अखिलेश के साथ गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया

दरअसल मायावती ने अपने ताजा बयान में गठबंधन टूटने का ठीकरा एक बार फिर समाजवादी पार्टी के सिर फोड़ा था. इसके साथ उन्होंने ऐलान किया कि बसपा अब आगे के सभी छोटे-बड़े चुनाव में किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करते हुए अकेले चुनाव लड़ेगी.

मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, 'वैसे भी जगजाहिर है कि सपा से सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी और दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरुद्ध कार्यों और बिगड़ी कानून-व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया. परन्तु लोकसभा आमचुनाव के बाद सपा का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है. इसलिए पार्टी व मूवमेन्ट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी.'



बता दें कि इसी साल 12 जनवरी को सपा-बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में महागठबंधन किया था. इसके तहत बसपा ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि सपा ने 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे.

चुनाव नतीजों में बसपा को 10 सीटें हासिल हुई थीं जबकि सपा महज 5 सीटें ही जीत पाने में कामयाब रही.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...