लाइव टीवी

अयोध्या फैसला: सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले- मैं अकेला फैसला लेने के लिए अधिकृत

भाषा
Updated: November 22, 2019, 3:11 AM IST
अयोध्या फैसला: सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले- मैं अकेला फैसला लेने के लिए अधिकृत
सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी

अयोध्‍या मामले में गत 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिए गए निर्णय में विवादित स्‍थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या (Ayodhya) में किसी प्रमुख स्‍थान पर जमीन देने का आदेश दिया था.

  • Share this:
लखनऊ. अयोध्या (Ayodhya) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के हाल के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (UP Sunni Central Waqf Board) में मतभेद की खबरों के बीच बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी (Zufar Farooqi) का कहना है कि वह बोर्ड की तरफ से अकेले निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं और अगर किसी सदस्य को एतराज है तो वह 26 नवंबर को होने वाली बैठक में उसे पेश कर सकता है.

बोर्ड में किसी बात को लेकर टकराव नहीं
पुनर्विचार याचिका को लेकर वक्‍फ बोर्ड में मतभेद के बारे में पूछे जाने पर फारूकी ने गुरुवार को कहा, 'वैसे तो मैं बोर्ड की तरफ से अकेले फैसला लेने के लिये अधिकृत हूं. मगर हमारे यहां तमाम फैसले बहुमत से होते हैं. अब अगर किसी सदस्‍य को एतराज होगा तो वह 26 नवंबर को होने वाली बोर्ड की बैठक में अपनी बात रख सकता है.' इस सवाल पर कि अगर वह खुद ही बोर्ड की तरफ से निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं तो क्‍या उनका फैसला ही अंतिम माना जाएगा, फारूकी ने कहा कि बोर्ड ने ‘रिसॉल्‍यूशन’ के जरिए मुझे फैसले लेने का अधिकार दिया है. मगर बोर्ड में किसी बात को लेकर कोई टकराव नहीं है.

कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अयोध्‍या मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को लेकर सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड में मतभेद हैं और आठ सदस्‍यीय बोर्ड के दो सदस्‍यों ने बोर्ड अध्‍यक्ष के निर्णय के खिलाफ जाते हुए याचिका दाखिल करने की पैरवी की है.

मालूम हो कि अयोध्‍या मामले में गत 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिए गए निर्णय में विवादित स्‍थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्‍या में किसी प्रमुख स्‍थान पर जमीन देने का आदेश दिया था. मामले के प्रमुख मुस्लिम पक्षकार सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष फारूकी उसी दिन से कह रहे हैं कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा.

पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी AIMPLB, फारूकी याचिका न दाखिल करने पर कायम
अयोध्‍या मामले में मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने गत 17 नवंबर को अपनी वर्किंग कमेटी की आपात बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और मस्जिद के बदले कहीं भी जमीन न लेने का फैसला करते हुए उम्‍मीद जाहिर की थी कि सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड भी उसके फैसले का सम्‍मान करेगा. मगर, वक्‍फ बोर्ड अध्‍यक्ष फारूकी ने तब भी कहा था कि वह याचिका न दाखिल करने के अपने फैसले पर कायम हैं. पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में भी मतभेद की खबरें आई थीं.AIMPLB के समर्थन में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड 
इस बीच, देश में शिया मुसलमानों के प्रमुख संगठन ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वह पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और बाबरी मस्जिद के बदले कहीं और जमीन न लेने के एआईएमपीएलबी के निर्णय का समर्थन करता है. बोर्ड के प्रवक्‍ता मौलाना यासूब अब्‍बास ने कहा कि शिया बोर्ड हर तरह से एआईएमपीएलबी के साथ है. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर अगर किसी तरह की आशंका या शिकायत है तो हमें पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के अपने कानूनी हक के इस्‍तेमाल से गुरेज नहीं करना चाहिए.

ये भी पढ़ें-

अयोध्या फैसले के खिलाफ AIMPLB के रिव्यू पिटीशन के विरोध में बरेलवी उलेमा

अयोध्या फैसला: सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले- हम अपने स्टैंड पर कायम हैं

वसीम रिजवी बोले- 2 गुटों में बंटा है AIMPLB, सुन्नी बोर्ड पर बना रहा है दबाव

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 22, 2019, 3:06 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर