यूपी लौट रहे लाखों प्रवासी कामगारों के लिए विशेष- जानिए कैसे खाते में सीधे पहुंच सकते हैं 6000 रुपए
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यूपी लौट रहे लाखों प्रवासी कामगारों के लिए विशेष- जानिए कैसे खाते में सीधे पहुंच सकते हैं 6000 रुपए
यूपी में प्रवासी कामगारों के लौटने का सिलसिला जारी है.

यूपी सरकार वैसे तो प्रवासी कामगारों, मजदूरों को होम क्वारंटीन पूरा होते ही 1000 का भरण पोषण भत्ता व राशन कार्ड दे रही है. वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi scheme) का लाभ भी ये प्रवासी उठा सकते हैं.

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लखनऊ. लॉकडाउन (Lockdown) में काम-धंधे के अभाव में दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश लौटने वाले कामगारों और श्रमिकों का आंकड़ा 26 लाख पार पहुंच गया है. एक तरफ योगी सरकार इनकी स्किल मैपिंग कराकर रोजगार और बेहतर जीवन स्तर देने की कोशिश में है, वहीं एक और सरकारी योजना अपने गांव लौटे मजदूरों के लिए राहत का बड़ा जरिया बन सकती है. यूपी सरकार वैसे तो इन्हें होम क्वारंटीन पूरा होते ही 1000 का भरण पोषण भत्ता व राशन कार्ड दे रही है. वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi scheme) का लाभ भी ये प्रवासी मजदूर उठा सकते हैं.

दरअसल कृषि क्षेत्र के जानकार कहते हैं कि शहरों से गांव गए ज्यादातर लोग अब कृषि कार्य में जुटेंगे या फिर वे मनरेगा के तहत कहीं काम करेंगे. ऐसे में जिसके पास खेती है, वो पहले अपना रजिस्ट्रेशन किसान सम्मान निधि के लिए करवा लें. इसके तहत हर साल 6000 रुपये मिल रहे हैं. देश के करीब 10 करोड़ किसानों को राहत देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का लाभ प्रवासी मजदूर भी उठा सकते हैं.

खेती की जमीन के कागज पर दर्ज होना चाहिए नाम



इसके लिए उन्हें कु्छ अहम शर्तों को पूरा करना होगा. पहला उनका नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए. दूसरा वह बालिग होने चाहिए. यानी अगर मुंबई से लौटे किसी प्रवासी मजदूर को नाम उसकी खेती के कागजात में है, तो वह किसान सम्मान निधि का हकदार होगा.
स्कीम में परिवार का ये है मतलब

भले ही वो संयुक्त परिवार का हिस्सा ही क्यों न हो. क्योंकि किसानों (Farmers) को सीधे मदद देने वाली इस स्कीम में परिवार का मतलब है कि पति-पत्नी और 18 साल से कम उम्र के बच्चे. उसके अलावा अगर किसी का नाम खेती के कागजात में है तो उसके आधार पर वो अलग से लाभ ले सकता है.

आनलाइन कर सकते हैं आवेदन

पिछले दिनों केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में कहा था कि शर्तें पूरी करने वाला मजदूर रजिस्ट्रेशन करवाए, सरकार पैसा देने का तैयार है. मजदूर के नाम पर खेत होना चाहिए. अब रजिस्ट्रेशन के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. खुद ही स्कीम की वेबसाइट पर जाकर इसके फार्मर कॉर्नर के जरिए आवेदन किया जा सकता है.

बैंक एकाउंटर नंबर और आधार जरूरी

व्यक्ति के पास खेती की जमीन के कागजात के अलावा पीएम किसान स्कीम का लाभ लेने के लिए बैंक अकाउंट नंबर और आधार नंबर होना जरूरी है. इस डेटा को राज्य सरकार वेरीफाई करती है, तब केंद्र सरकार पैसा भेजती है.

लाभ मिलने में कोई दिक्कत नहीं

जानकारों के अनुसार पीएम किसान स्कीम का बजट 75 हजार करोड़ रुपये का है. मोदी सरकार सालाना 14.5 करोड़ लोगों को पैसा देना चाहती है. लेकिन रजिस्ट्रेशन अभी 10 करोड़ का भी नहीं हुआ है. कुल लाभार्थी सिर्फ 9.65 करोड़ हैं. वहीं स्कीम शुरू हुए 17 माह बीत चुके हैं. ऐसे में अगर शहर से गांव आने वाले लोग इसके तहत रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो उन्हें लाभ मिलने में कोई दिक्कत नहीं है है.
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